- प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में केंद्र सरकार का फोकस किसानों को उनकी उपज का सही दाम दिलाने और MSP व्यवस्था को मजबूत बनाने पर है।
- इसी तारतम्य में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने कहा है कि किसानों के हित में मध्य प्रदेश को मूंग खरीद के लिए सबसे ज्यादा मंजूरी दी गई है।
- केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अनुसार, ग्रीष्मकालीन मौसम 2025-26 के लिए म.प्र. राज्य को पहले ही 4.54 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा मूंग खरीद की अनुमति दी जा चुकी है।
- केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने बताया कि देशभर में मूंग खरीद के लिए जितनी कुल मात्रा (5.23 लाख मीट्रिक टन) मंजूर हुई है, उसका करीब 87% हिस्सा अकेले म.प्र. को दिया गया है, और यह अब तक का सर्वाधिक कोटा है।
- केंद्र सरकार का कहना है कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का पूरा लाभ मिले, इसके लिए पीएम-आशा योजना के तहत लगातार सहयोग दिया जा रहा है।
- ग्रीष्मकालीन मौसम 2024-25 के दौरान मध्य प्रदेश में पीएसएस के अंतर्गत मूंग की कुल 4,19,692 मीट्रिक टन खरीद स्वीकृत की गई थी।
- उपरोक्त स्वीकृत मात्रा के विरुद्ध, लगभग 3,413.10 करोड़ रु. के एमएसपी मूल्य पर कुल 3,93,123.79 मीट्रिक टन मूंग की खरीद की गई, जिससे 1,22,776 किसानों को लाभ हुआ।
- इसके अतिरिक्त वर्ष 2025-26 में पीडीपीएस (भावान्तर भुगतान योजना) के अंतर्गत मध्य प्रदेश के लिए 22.21 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन स्वीकृत की गई, जिसके लिए 1,093.13 करोड़ रु. की राशि जारी की गई तथा 7,10,257 किसानों को इसका लाभ प्राप्त हुआ।
- केंद्र सरकार ने म.प्र. राज्य सरकार से कहा है कि पहले से मंजूर मूंग खरीद को तेजी से पूरा कराया जाए ताकि ज्यादा से ज्यादा किसानों को लाभ मिल सके।
केंद्र को अब तक के प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, 16.07.2026 तक राज्य में मूंग की केवल 7,947.92 मीट्रिक टन (लगभग मात्र 12,000 किसानों से) खरीद ही की जा सकी है, जो खरीद हेतु स्वीकृत कुल मात्रा का मात्र 2% है।
- केंद्रीय मंत्रालय ने कहा है कि खरीद की स्वीकृत मात्रा पूरी होने के बाद जरूरत के अनुसार अतिरिक्त प्रस्ताव पर भी नियमों के तहत विचार किया जाएगा।
- पीएसएस के दिशा-निर्देशों के अनुसार, तूर, उड़द और मसूर की 100% खरीद के अतिरिक्त अधिसूचित फसलों की खरीद अनुमानित उत्पादन के अधिकतम 25% तक की जा सकती है।
- केंद्र सरकार ने यह भी बताया कि सोयाबीन किसानों को भी भावांतर भुगतान योजना के तहत बड़ा लाभ दिया गया है।
- मध्य प्रदेश के लिए 22.21 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन की मंजूरी दी गई और 1,093 करोड़ रु. से ज्यादा की राशि जारी की गई है। इससे 7 लाख से ज्यादा किसानों को फायदा मिला।
- केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने कहा है कि केंद्र सरकार गेहूं और धान के अलावा दलहन और तिलहन किसानों को भी लगातार MSP सुरक्षा देने पर जोर दे रही है।
- केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने कहा कि किसानों के व्यापक हित को देखते हुए राज्य सरकार को हर जरूरी सहयोग जारी रहेगा।