पंजीयन की तारीख भी बढ़ी, अब 10 मार्च तक करा सकेंगे रजिस्ट्रेशन
भोपाल। प्रदेश सरकार ने गेहूं उत्पादक किसानों के हित में एक बड़ा निर्णय लेते हुए समर्थन मूल्य पर बोनस देने की घोषणा की है। सरकार ने अब किसानों को गेहूं पर 40 रूपए बोनस देने का फैसला किया है। अब गेहूं की खरीदी 2625 रूपए प्रति क्वींटल की दर से की जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद स्पष्ट किया कि अब किसानों को गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रूपए प्रति क्विंटल के साथ 40 रूपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस दिया जाएगा। इस निर्णय के बाद अब प्रदेश में गेहूं की खरीदी 2625 रूपए प्रति क्विंटल की दर से की जाएगी। मुख्यमंत्री ने किसानों को एक और बड़ी राहत देते हुए गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन (रजिस्ट्रेशन) की अंतिम तिथि को आगे बढ़ा दिया है। पहले पंजीयन की समय-सीमा 7 मार्च निर्धारित थी, जिसे अब बढ़ाकर 10 मार्च कर दिया गया है।
गौरतलब है कि धुलेंडी से रंगपंचमी तक के त्योहारों के कारण किसान संगठनों ने समय-सीमा बढ़ाने की मांग की थी, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया है। साथ ही किसानों की सुविधा के लिए प्रशासन ने पंजीयन की दोहरी व्यवस्था की है। सहकारी सोसायटियों में किसान बिना किसी शुल्क के अपना पंजीयन करा सकते हैं। कॉमन सर्विस सेंटर पर निर्धारित शुल्क देकर पंजीयन की सुविधा उपलब्ध है। किसान मोबाइल ऐप के माध्यम से भी घर बैठे पंजीयन कर सकते हैं।
किसानों को दिन में मिलेगी सिंचाई के लिए बिजली
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए दिन के समय बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। इससे रात में खेतों में सिंचाई करने के दौरान होने वाले जोखिम और दुर्घटनाओं से किसानों को राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।