MP News: प्रदेश में शिक्षकों के 1.15 लाख से ज्यादा पद खाली, विधानसभा में शिक्षा मंत्री ने दी जानकारी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Thu, 19 Feb 2026 07:28 PM IST

मध्य प्रदेश में शिक्षकों की भारी कमी का मामला विधानसभा में उठा। सरकार ने बताया कि प्रदेश में 1.15 लाख से ज्यादा शिक्षक पद खाली हैं और कई स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की भी कमी है।

विस्तार

प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान स्कूल शिक्षा विभाग में शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठा। विधायक प्रताप ग्रेवाल के प्रश्न के जवाब में स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बताया कि प्रदेश में शिक्षकों के 1,15,678 पद रिक्त हैं। मंत्री के अनुसार विभाग में कुल 2,89,005 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से 1,74,419 पर नियुक्तियां हैं, जबकि करीब 40 प्रतिशत पद खाली पड़े हैं। स्तरवार स्थिति देखें तो प्राथमिक स्कूलों में 1,33,576 स्वीकृत पदों में से 55,626 रिक्त हैं। माध्यमिक विद्यालयों में 1,10,883 पदों में 44,546 और उच्च माध्यमिक स्तर पर 44,546 में से 15,506 पद खाली हैं। शिक्षकों की कमी के सवाल पर मंत्री ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया जारी है और आगे भी नियुक्तियां की जाएंगी। जहां आवश्यकता होगी, वहां अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति कर व्यवस्था बनाए रखी जाएगी।
एकल और द्विशिक्षकीय स्कूलों की स्थिति
मंत्री ने बताया कि एक शाला-एक परिसर व्यवस्था के तहत 22,973 परिसरों में 49,477 स्कूलों का विलय किया गया है। प्रदेश में कुल 83,514 विद्यालय संचालित हैं। इनमें 1,968 स्कूल ऐसे हैं जहां केवल एक शिक्षक पदस्थ है, जबकि 46,417 स्कूलों में दो शिक्षक कार्यरत हैं। एकल शिक्षक वाले स्कूलों की संख्या धार जिले में सबसे अधिक 144 बताई गई।
जर्जर भवन और शौचालय की कमी
भवन और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी जानकारी देते हुए मंत्री ने बताया कि 5,735 प्राथमिक विद्यालय जर्जर स्थिति में हैं। 1,725 स्कूलों में बालकों के लिए और 1,784 में बालिकाओं के लिए शौचालय उपलब्ध नहीं हैं। उच्च माध्यमिक स्तर पर 75 स्कूलों में बालक शौचालय और 43 में बालिका शौचालय नहीं हैं। जर्जर भवनों की संख्या झाबुआ में 618 और धार में 550 सबसे अधिक है।
11 हजार से ज्यादा स्कूलों में 20 से कम विद्यार्थी
मंत्री ने यह भी बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग के 11,889 विद्यालय ऐसे हैं जहां 20 से कम विद्यार्थी हैं। इन स्कूलों में कुल 1,48,817 छात्र और 23,873 शिक्षक हैं, यानी औसतन प्रति विद्यालय 13 विद्यार्थी और दो शिक्षक हैं। जनजाति कार्य विभाग के 3,773 स्कूलों में 51,230 विद्यार्थी और 7,490 शिक्षक पदस्थ हैं। 20 से कम छात्र संख्या वाले स्कूलों की संख्या सिवनी (639), रायसेन (624), रीवा (558) और धार (496) में अधिक है।

Leave Comments

Top