पहली बार कांग्रेस सत्ता से बाहर हुई और...
दरअसल, 13 साल 169 दिन तक मुख्यमंत्री रहने के बाद श्रीकृष्ण सिंह का 31 जनवरी, 1961 को देहांत हुआ। इसके बाद हाजीपुर से विधायक रहे दीप नारायण सिंह को 17 दिन का कार्यवाहक मुख्यमंत्री बनाया गया। राजमहल विधानसभा सीट से निर्वाचित विधायक बिनोदानंद झा फरवरी, 1961 में मुख्यमंत्री बने। इसके बाद कांग्रेस के एक अन्य नेता कृष्ण बल्लभ सहाय ने अक्तूबर, 1963 में सीएम की कुर्सी संभाली।
पहली बार कांग्रेस सत्ता से बाहर हुई
मार्च 1967 में पहली बार कांग्रेस सत्ता से बाहर हुई और महामाया प्रसाद मुख्यमंत्री बने। पहली बार राज्य में 50 फीसदी से अधिक मतदान हुआ। पहली बार त्रिशंकु चुनाव हुए और 51.51% वोटिंग वाले इस चुनाव में एक साल 117 दिन के भीतर चार मुख्यमंत्रियों ने शपथ ली। महामाया प्रसाद सिन्हा 329 दिन सीएम रहे, जबकि उनके बाद सतीश प्रसाद सिंह, बीपी मंडल ने सीएम की कुर्सी संभाली। मार्च, 1968 में मुख्यमंत्री की कुर्सी एक बार फिर कांग्रेस के पास आई। पार्टी नेता भोला पासवान शास्त्री 99 दिनों तक मुख्यमंत्री रहे।