अमेरिका-ईरान युद्ध के बाद भी होर्मुज जलडमरूमध्य विवाद में है। ईरान जहाजों से टोल वसूली की तैयारी में बताया जा रहा है, जिसे ट्रंप ने सीजफायर उल्लंघन कहा। इधर लेबनान हमलों से तनाव जारी है और जहाजों की आवाजाही भी काफी कम हुई है।
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध के दौरान एक चीज जिसकी चर्चा बहुत ज्यादा हुई, वह है होर्मुज जलडमरूमध्य। लेकिन अब जब युद्धविराम का ऐलान कर दिया गया है, तब भी इसकी चर्चा जारी है। ऐसा क्यों? क्योंकि अब खबरें आ रही हैं कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही के लिए कर वसूलने की तैयारी कर रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल अकाउंट ट्रुथ पर ईरान के इस फैसले की निंदा की है। ट्रंप ने दावा किया कि ऐसा करके ईरान युद्ध विराम की शर्तों का उल्लंघन कर रहा है। दूसरी तरफ लेबनान पर इस्राइल के हमले जारी हैं। ईरान इसे शर्तों का उल्लंघन बता रहा है।
ऐसे में यह जानना अहम है कि क्या वास्तव में युद्धविराम हुआ है? क्या ईरान होर्मुज खोलने के लिए तैयार है? क्या ईरान होर्मुज पर कर लगाने जा रहा है? क्या पहले भी यहां जहाजों से कर लिया जाता था? अभी कितने जहाज गुजर रहे हैं? और क्या किसी समुद्री रास्ते के इस्तेमाल के लिए कर वसूला जा सकता है?