जबलपुर में होगी प्रदेश कार्यकारिणी की बड़ी बैठक
भोपाल।प्रदेश में आगामी नगरीय निकाय चुनाव और विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में समाजवादी पार्टी (सपा) ने प्रदेश में अपनी जड़ें मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंकने का निर्णय लिया है। पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि अब चुनावी मोड में आकर कार्यकर्ताओं को न केवल सक्रिय होना होगा, बल्कि मैदानी जंग के लिए तैयार रहना होगा।
सपा पदाधिकारियों की बैठक में पार्टी ने अपनी चुनावी रणनीति के तहत उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे मध्यप्रदेश के 50 विधानसभा क्षेत्रों को अपना मुख्य लक्ष्य बनाया है। इन सीमावर्ती क्षेत्रों में संगठन विस्तार के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है। पार्टी का मानना है कि उत्तर प्रदेश से सटे जिलों में समाजवादी विचारधारा का प्रभाव अधिक है, जिसका लाभ आगामी चुनावों में मिल सकता है। इसके लिए उत्तर प्रदेश के सक्रिय पार्टी पदाधिकारियों को मध्यप्रदेश के कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय बिठाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश की राजनीति में अपनी प्रभावी मौजूदगी दर्ज कराने के लिए सपा का यह नया तेवर राज्य के पारंपरिक द्विध्रुवीय (भाजपा-कांग्रेस) मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
जबलपुर में मंथन और करो या मरो का नारा
चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए समाजवादी पार्टी ने अगले दो महीनों के भीतर जबलपुर में प्रदेश कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक बुलाने का निर्णय लिया है। संगठन की ओर से कार्यकर्ताओं को करो या मरो की भावना के साथ काम करने का आह्वान किया गया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में आगामी नगरीय निकाय चुनावों के लिए उम्मीदवारों के चयन और प्रचार के रोडमैप पर विस्तृत चर्चा होगी।
समान विचारधारा वाले दलों से बढ़ेगी नजदीकी
पार्टी ने सामाजिक न्याय और संविधान की रक्षा को अपना मुख्य एजेंडा घोषित किया है। इसके लिए बहुजन समाज और समान विचारधारा वाले दलों के साथ संवाद को सशक्त किया जाएगा। गठबंधन की संभावनाओं और संयुक्त आंदोलनों पर जोर दिया जाएगा। संगठन में अनुशासन को सर्वोपरि रखा गया है; पार्टी ने साफ कर दिया है कि अनुशासनहीनता करने वालों के लिए संगठन में कोई जगह नहीं होगी।