चर्चित 90 डिग्री ब्रिज मामले में सस्पेंड किए गए सभी 7 इंजीनियर बहाल

तीन को क्लीन चिट, चार के खिलाफ जारी रहेगी विभागीय जांच
भोपाल। राजधानी भोपाल के बहुचर्चित 90 डिग्री ब्रिजश् मामले में राज्य सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। करीब 11 महीने पहले निलंबित किए गए लोक निर्माण विभाग के सभी 7 इंजीनियरों को बहाल कर दिया गया है। पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने विभाग के प्रमुख सचिव सुखवीर सिंह द्वारा भेजे गए बहाली प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इन सभी अधिकारियों को फिलहाल प्रमुख अभियंता कार्यालय में पदस्थ किया जाएगा।
ज्ञात हो कि ब्रिज के अजीबोगरीब घुमाव और डिजाइन में तकनीकी खामियों को लेकर सोशल मीडिया से लेकर विधानसभा तक जमकर हंगामा हुआ था। निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवालों के बाद सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए 23 जून 2025 को इन इंजीनियरों को सस्पेंड कर दिया था। 11 महीने के लंबे इंतजार के बाद अब इनकी वापसी का रास्ता साफ हुआ है। सरकार ने बहाली के आदेश तो जारी कर दिए हैं, लेकिन सभी अधिकारियों को अभी पूरी तरह दोषमुक्त नहीं माना गया है। ब्रिज डिवीजन से जुड़े चार प्रमुख अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच चलती रहेगी। इनमें जीपी वर्मा (तत्कालीन प्रभारी चीफ इंजीनियर), रवि शुक्ला (अनुविभागीय अधिकारी), उमाशंकर मिश्रा (उपयंत्री) शामिल हैं। इन पर तकनीकी लापरवाही और गंभीर त्रुटियों के आरोप हैं। विभाग जल्द ही जांच अधिकारी नियुक्त करेगा, जिसकी प्रक्रिया में 4-5 महीने लग सकते हैं।
अधिकारियों को मिली क्लीन चिट
डिजाइन विंग से जुड़े तीन अधिकारियों को बिना किसी विभागीय जांच के बहाल कर दिया गया है। बहाल किए गए अधिकारियों में संजय खांडे (प्रभारी चीफ इंजीनियर), शबाना रज्जाक (प्रभारी ईई), शानुल सक्सेना’’ (सहायक यंत्री) ष्षामिल हैं। इन्होंने अपने जवाब में डिजाइन संबंधी किसी भी गलती से इनकार किया था, जिसे तकनीकी परीक्षण के बाद सही माना गया।


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