सौ से अधिक महिलाएं जमीनी स्तर पर करेंगे कार्य
भोपाल। मध्यप्रदेश में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रदेश कांग्रेस ने एक नया और बड़ा दांव खेला है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी जल्द ही प्रोजेक्ट एम लॉन्च करने की तैयारी कर रही हैं। इस प्रोजेक्ट के तहत अल्पसंख्यक वर्ग की महिलाओं के लिए एक विशेष फोर्स का गठन किया गया है, जो पार्टी के लिए जमीनी स्तर पर कार्य करेगी।
कांग्रेस द्वारा तैयार की गई इस विशेष टीम में राज्य स्तर पर लगभग 160 महिलाओं को शामिल किया गया है। पार्टी का दावा है कि इस समूह में केवल मुस्लिम समाज ही नहीं, बल्कि अल्पसंख्यक श्रेणी में आने वाले सभी वर्गों की महिलाएं शामिल हैं। इन महिलाओं का मुख्य कार्य केवल रैलियों या प्रदर्शनों तक सीमित रहना नहीं होगा, बल्कि वे अपने-अपने समाज के बीच जाकर महिलाओं को कांग्रेस की विचारधारा से जोड़ेंगी और उन्हें राजनीति में आने के लिए प्रोत्साहित करेंगी। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, इन महिलाओं की रुचि और क्षमता के आधार पर उन्हें जिम्मेदारी दी जाएगी। जो महिलाएं इस प्रोजेक्ट में बेहतर प्रदर्शन करेंगी, पार्टी उन्हें आगामी नगरीय निकाय चुनावों में उम्मीदवार के तौर पर मौका भी दे सकती है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि प्रोजेक्ट एम के जरिए कांग्रेस अल्पसंख्यक वोट बैंक को साधने के साथ-साथ एक नया महिला नेतृत्व तैयार करना चाहती है। जीतू पटवारी के नेतृत्व में यह प्रयोग पार्टी के भविष्य के लिए कितना कारगर साबित होता है, यह आने वाले चुनावों के नतीजों से साफ होगा।
जिन्ना की चाल पर कांग्रेस
कांग्रेस के इस नए प्रयोग पर सत्ताधारी दल भाजपा ने बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस खुद अब एक अल्पसंख्यक दल बन चुकी है। वे चाहे मुसलमान का ताबीज पहनें या किसी और का, उनकी सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला। शर्मा ने आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस अब केवल मुस्लिम लीग के तौर पर बची है। वह जिन्ना की चाल पर चल रही है। कांग्रेस चाहे जो भी गठन कर ले, आने वाले 2 से 5 सालों में यह पार्टी पूरी तरह खत्म हो जाएगी।