सरकार के ढाई साल, मंत्रियों के परफॉर्मेंस का होगा कड़ा इम्तिहान, समीक्षा आज से

दिल्ली से भोपाल तक संगठन सक्रिय, जुटेंगे बड़े पदाधिकारी
भोपाल।प्रदेश की मोहन यादव सरकार के कार्यकाल के ढाई वर्ष पूरे होने के साथ ही अब मंत्रियों के कामकाज और उनके मैदानी प्रदर्शन का कड़ा आकलन शुरू होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डा मोहन यादव खुद 17 और 18 मई को सभी मंत्रियों के साथ वन-टू-वन चर्चा कर उनके विभागों का रिपोर्ट कार्ड खंगालेंगे।
सरकार और संगठन की इस साझा महासमीक्षा बैठक को राज्य में आगामी संभावित मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। इस पूरी समीक्षा प्रक्रिया में केवल सरकार ही नहीं, बल्कि भाजपा का शीर्ष संगठन भी पूरी तरह मुस्तैद नजर आएगा। जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित होने वाली इस दो दिवसीय महत्वपूर्ण बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। समीक्षा की गंभीरता को देखते हुए संगठन के ये सभी बड़े नेता भी भोपाल पहुंचे हैं।  मंत्रियों की इस अग्निपरीक्षा के लिए एक विस्तृत प्रश्नावली तैयार की गई है, जिसके तहत करीब एक दर्जन बिंदुओं पर मंत्रियों से सीधे रिपोर्ट और फीडबैक लिया जाएगा। समीक्षा के लिए जो बिंदु तय किए गए हैं, उनमें मंत्रियों के विभागों में चल रही योजनाओं की वर्तमान स्थिति और उनकी जमीनी हकीकत, गृह और प्रभार वाले जिलों में स्थानीय कार्यकर्ताओं व संगठन के साथ मंत्रियों का तालमेल कैसा है, हालिया चुनावों में जिन सीटों पर पार्टी का प्रदर्शन कमजोर रहा, वहां मंत्रियों ने स्थिति सुधारने के लिए क्या प्रयास किए।
फेरबदल और नए चेहरों को मौके के संकेत
इस हाई-प्रोफाइल बैठक के सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं। वर्तमान में मध्यप्रदेश कैबिनेट में चार पद खाली हैं। माना जा रहा है कि इस दो दिवसीय मंथन में जिन मंत्रियों का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं पाया जाएगा, उन पर गाज गिर सकती है; वहीं बेहतर काम करने वाले विधायकों और नए चेहरों को खाली पदों पर एडजस्ट कर मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। सरकार के इस कदम से प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।


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