एमपी राज्यसभा चुनाव: हैदराबाद कोर्ट केस छिपाने पर मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज, भाजपा के तीनों उम्मीदवार की निर्विरोध जीत तय

मध्य प्रदेश में राज्यसभा की कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र हैदराबाद के एक अदालती मामले की जानकारी छिपाने के कारण निरस्त कर दिया गय ...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: ADITYA KUMAR  Publish Date: Tue, 09 Jun 2026 10:00:38 PM (IST)Updated Date: Tue, 09 Jun 2026 10:00:38 PM 
एमपी राज्यसभा चुनाव: हैदराबाद कोर्ट केस छिपाने पर मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज, भाजपा के तीनों उम्मीदवार की निर्विरोध जीत तय

एमपी राज्यसभा चुनाव

HighLights

  1. आपराधिक मामला छिपाने पर मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र हुआ निरस्त
  2. भाजपा के तरुण चुग, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट की निर्विरोध जीत तय
  3. कैलाश विजयवर्गीय का दावा- नटराजन के कोर्ट केस के दस्तावेज कांग्रेस ने ही दिए

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। मध्य प्रदेश में राज्यसभा की कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र हैदराबाद के एक अदालती मामले की जानकारी छिपाने के कारण निरस्त कर दिया गया। भाजपा के प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी की आपत्ति के बाद मंगलवार को हुए इस घटनाक्रम से अब भाजपा के तीनों प्रत्याशियों- तरुण चुग, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट का निर्विरोध चुना जाना तय हो गया।

बता दें कि मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों में से अपने विधायकों के संख्या बल के आधार पर कांग्रेस ने सिर्फ एक ही सीट पर प्रत्याशी घोषित किया था। बाकी दो पर अकेले भाजपा के ही प्रत्याशी थे।

शपथ पत्र में आपराधिक मामला छिपाने और संपत्तियों की गलत जानकारी पर हुई कार्रवाई

भाजपा प्रत्याशी महेश केवट के अधिवक्ता संकेत गुप्ता की ओर से रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष दर्ज कराई आपत्ति में कहा गया कि मीनाक्षी नटराजन ने नामांकन पत्र के साथ प्रस्तुत अपने शपथ पत्र में तेलंगाना कोर्ट में लंबित एक आपराधिक मामले की जानकारी छिपाई है। वर्ष 2025 का यह मुकदमा (संख्या 4471/ 72) ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कोर्ट हैदराबाद में लंबित है। आपत्ति में कहा गया कि नटराजन इस मामले से अनभिज्ञ होने का दावा नहीं कर सकतीं, क्योंकि वह पूर्व में कोर्ट के समन का जवाब दे चुकी हैं।

भाजपा की आपत्ति यह भी थी कि मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र के पार्ट ए में संपत्तियां और अन्य विषयों को घोषित किया गया, जबकि पार्ट बी में उसे निरंक (शून्य) दिखाया गया। तर्क दिया गया कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के मुताबिक आपराधिक मामलों को छिपाने पर नामांकन निरस्त करने का प्रविधान है। इसका संज्ञान लेकर रिटर्निंग ऑफिसर ने नामांकन पत्र निरस्त कर दिया।

विजयवर्गीय बोले- दस्तावेज तो कांग्रेस नेताओं ने ही दिए

प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि मीनाक्षी नटराजन ने जानकारियां छिपाई हैं, जिसके चलते उनका नामांकन पत्र निरस्त किया गया है।

वहीं, संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि नटराजन के आपराधिक प्रकरण के दस्तावेज हमें कांग्रेस के लोगों ने ही दिए। कांग्रेस में क्या स्थिति है, वे खुद ही समझ जाएं। न्याय की जीत हुई है। हमारे प्रत्याशी महेश केवट को रामलला का आशीर्वाद मिला है। चुनाव होते तो भी वह राज्यसभा सदस्य बनते।

भाजपा नेताओं ने लड्डू खिलाकर एक-दूसरे को दी बधाई

कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के बाद भाजपा में जश्न का माहौल है। पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद वीडी शर्मा, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, विधायक भगवान दास सबनानी, प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी सहित तमाम बड़े नेताओं ने प्रदेश भाजपा कार्यालय में लड्डू खिलाकर एक-दूसरे को जीत की बधाई दी।


Leave Comments

Top