राम मंदिर दान प्रकरण: संघ ने मांगी रिपोर्ट, बड़े बदलाव के संकेत; संदिग्ध कर्मचारियों की छंटनी की तैयारी

अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या Published by: Akash Dwivedi Updated Wed, 10 Jun 2026 07:39 PM IST

राशि के कथित गबन को लेकर विवाद गहरा गया है। मामले में जांच की चर्चा तेज है और व्यवस्थाओं की समीक्षा की तैयारी बताई जा रही है। कुछ कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल उठे हैं। निष्पक्ष जांच और पारदर्शिता की मांग के बीच श्रद्धालुओं का विश्वास बनाए रखने पर जोर है।

विस्तार

राम मंदिर में दान राशि के कथित गबन के आरोप का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। मंदिर की व्यवस्था और वित्तीय पारदर्शिता को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर मंथन शुरू हो गया है। सूत्रों के अनुसार, मामले में जांच प्रक्रिया के साथ-साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भी पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट तलब की है। माना जा रहा है कि रिपोर्ट के आधार पर मंदिर प्रबंधन और व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की जाएगी।

जांच के दायरे में आए कुछ कर्मचारियों की भूमिका को लेकर सवाल उठने के बाद उनकी सेवाएं समाप्त करने अथवा उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से हटाने पर भी विचार किया जा रहा है। इसके अलावा मंदिर परिसर में कार्यरत कई कर्मचारियों के दायित्वों में भी बदलाव किया जा सकता है, ताकि व्यवस्था को और अधिक जवाबदेह तथा पारदर्शी बनाया जा सके। 

सूत्र बताते हैं कि राम मंदिर ट्रस्ट पहले से ही मामले की आंतरिक जांच करा रहा है। सीसीटीवी फुटेज, लेखा अभिलेखों और संबंधित कर्मचारियों की गतिविधियों की पड़ताल की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है
सूत्रों का कहना है कि राम मंदिर की प्रतिष्ठा और श्रद्धालुओं के विश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए व्यवस्था में जल्द ही व्यापक सुधारात्मक कदम उठाए जा सकते हैं। इसके चलते आने वाले दिनों में कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने, निगरानी तंत्र को और मजबूत बनाने तथा वित्तीय प्रबंधन को अधिक पारदर्शी बनाने से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय सामने आ सकते हैं। वहीं बुधवार को भी तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं।

गबन के डेढ़ करोड़ बरामद होने की चर्चा

बुधवार को कथित तौर पर गबन हुई डेढ़ करोड़ की राशि के बरामद होने की बात सामने आई। संदिग्धों से पूछताछ, उनके बैंक डिटेल आदि की जांच का क्रम जारी होने की चर्चा भी जोरों पर रही है। गबन के मामले में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के मैनेजर ने कुछ भी बोलने से इन्कार कर दिया। माना जा रहा है कि दान के पैसों की गिनती में लगे बैंक कर्मियों की भी जांच हो रही है। फिलहाल पूरे मामले में राम मंदिर ट्रस्ट ने चुप्पी साध रखी है।

माह के अंत में हो सकती है ट्रस्ट की बैठक

इस बीच, मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र का हालिया अयोध्या दौरा भी चर्चाओं के केंद्र में है। 13 जून को निर्माण समिति की बैठक भी होगी। बैठक में शामिल होने के लिए नृपेंद्र मिश्र फिर अयोध्या पहुंचेंगे, माना जा रहा है कि इस बैठक में भी गबन के आरोपों पर चर्चा की जाएगी। इसी माह के अंत में हर तीसरे माह होने वाली राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक भी संभावित है, जिसमें सभी ट्रस्टियों के जुटने की उम्मीद है। सूत्रों के अनुसार इस बैठक में कुछ अहम निर्णय लिए जा सकते हैं।

पूर्व लेखा प्रभारी के दावों ने भी दी मामले को हवा

राम मंदिर में पूर्व लेखा प्रभारी रहे महिपाल सिंह के दावों ने भी पूरे मामले को हवा देने का काम किया है। शल मीडिया पर उनके बयानों का वीडियो वायरल हो रहा है। महिपाल सिंह का दावा है कि राम मंदिर की दान राशि में चोरी लंबे समय से होती आ रही है। नोटों की गड्डियों में हेराफेरी कर पैसे की चोरी की जाती थी। उन्होंने व्यवस्था से जुड़े कुछ वरिष्ठ लोगों के नाम भी लिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि इस मामले पर शिकायत करने पर उन्हें हटा दिया गया था।

बालयोगी बोले- चढ़ावा चोरी के आरोपों की हो निष्पक्ष जांच

सरयू तट स्थित करतलिया आश्रम के महंत बालयोगी रामदास ने भी राम मंदिर में चढ़ावे की राशि के गबन से जुड़े मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर में करोड़ों रुपये की अनियमितताओं की खबरें बेहद निंदनीय और चिंताजनक हैं।

स्थानीय अखबारों और सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हो रहे हैं, उनमें गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिन्हें नजर अंदाज नहीं किया जा सकता। पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने आनी चाहिए। अगर आरोप झूठे हैं, तो भी स्थिति साफ करनी चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं के मन में जो भ्रम पैदा हुआ है, वह दूर हो सके।


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