अब आप एक जगह बैठ कर ही देश के प्रसिद्ध मंदिरों का दर्शन एवं वहां होने वाले समस्त पूजा-अनुष्ठान देख पाएंगे, और वह भी मंदिर में अपनी प्रत्यक्ष उपस्थिति जैसे अनुभव के साथ। दुर्लभ दर्शन द्वारा तैयार की गई विशेष 6D VR टेक्नोलॉजी के जरिए यह अनुभव संभव हो पाएगा। दुर्लभ दर्शन, आशुतोष राणा के साथ मिल कर, विश्व के पहले 100 से अधिक 6D अनुभव वाले केंद्र खोलेगा। फिलहाल इस सुविधा का आनंद देश के ग्यारह प्रसिद्ध मंदिरों में लिया जा सकेगा। विशेष बात यह होगी कि इस वर्चुअल रियलिटी में आप 3D दृश्य के साथ-साथ मंदिर के वातावरण में मौजूद जल, वायु और सुगंध की भी हूबहू अनुभूति कर सकेंग
इस अनुभव को जीवंत कराने के लिए प्रख्यात फिल्म अभिनेता आशुतोष राणा बतौर ब्रांड एम्बेसडर और मेंटर, दुर्लभ दर्शन से जुड़ गए हैं। दिल्ली में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आशुतोष राणा ने दुर्लभ दर्शन के बारे में बात करते हुए बताया कि “धर्म का अपना विज्ञान होता है और विज्ञान का अपना धर्म, पर जहां धर्म और विज्ञान दोनों मिल जाते हैं, वह दुर्लभ दर्शन है।”
देश के ग्यारह प्रसिद्ध मंदिरों की इस श्रृंखला का आरंभ, एक जुलाई से “श्रीराम की अयोध्या” और “उज्जैयिनी के महाकाल” फिल्मों से हो रहा है। जिनमें प्रख्यात अभिनेता आशुतोष राणा बतौर प्रस्तोता (एंकर) इन प्रमुख मंदिरों का महत्व व मंदिरों से जुड़ी कहानियां बताएंगे। इन ग्यारह आध्यात्मिक कहानियों को साहित्यकार आलोक श्रीवास्तव ने लिखा है। आलोक श्रीवास्तव पहले शिव तांडव स्तोत्र का भावानुवाद भी कर चुके हैं, जो आशुतोष राणा के स्वर में अत्यंत लोकप्रिय हुआ था।
ग्यारह आध्यात्मिक यात्राओं के 6D VR अनुभव
दुर्लभ दर्शन और TechXR Innovations के Founder, IIT Kanpur Alumnus और पूर्व IRS अधिकारी प्रशान्त मिश्रा ने बताया कि “सुप्रसिद्ध अभिनेता और ‘राम राज्य’ जैसी चर्चित पुस्तक के लेखक आशुतोष राणा, हमारे आध्यात्मिक मंच दुर्लभ दर्शन के ब्रांड एम्बेसडर और मेंटर के तौर पर अब हमें मार्गदर्शित करेंगे। दुर्लभ दर्शन ने भारत के प्रमुख मंदिरों में immersive experience centers - दुर्लभ दर्शन केंद्र की स्थापना की है। जिसमें मंदिर विशेष में होने वाले गर्भगृह के अनुष्ठान, आरतियों की अनुभूति ऐसे होगी, जैसे आप स्वयं वहां उपस्थित हों।आशुतोष राणा को इन फिल्मों का चेहरा बनाने के प्रश्न पर निर्माता प्रशांत मिश्रा ने बताया कि “आशुतोष राणा न केवल एक शानदार अभिनेता ही नहीं, बल्कि हमारी भारतीय संस्कृति, धर्म, दर्शन, अध्यात्म की भी उन्हें गहरी समझ व अध्ययन हैं। उनकी प्रसिद्ध पुस्तक “राम राज्य” ने श्रीराम के आदर्शों को आधुनिक समय के संदर्भ में सरल और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है।“
100 प्रतिशत मेड इन इंडिया टेक्नोलॉजी है 6D
दुर्लभ दर्शन की 6D 100 प्रतिशत मेड इन इंडिया टेक्नोलॉजी है और इसके पेटेंट का आवेदन भी दिया जा चुका है। जो किसी भी साइज के अनुभव केंद्र को 6D अनुभव केंद्र में परिवर्तित कर सकते हैं। इनके द्वारा बनायीं गयी 6D मशीन, वीआर हेडसेट से जुड़ जाती है और समय विशेष पर जल, वायु एवं सुगंध का अनुभव जोड़ देती हैं। दुर्लभ दर्शन अब तक लाखों भक्तों को सेवा दे चुका है और इसके अनेक केंद्र देश के 7 राज्यों में संचालित हैं, जिनमें प्रमुख हैं:
- काशी विश्वनाथ
- महाकालेश्वर, उज्जैन
- वैष्णो देवी
- राजद्वार पार्क , हनुमान गढ़ी , अयोध्या
- पावन धाम , हरिद्वार
- महालक्ष्मी मंदिर, नागपुर
- ISKCON मंदिर , कैलाश दिल्ली
- नीलकंठ धाम , गुजरात
- माँ बगलामुखी नलखेड़ा
- माँ शारदा शक्तिपीठ मैहर
- माँ भद्रकाली शक्तिपीठ, कुरुक्षेत्र