जनपद अध्यक्ष की देख लेने की धमकी पर भड़के विधायक, विधानसभा अध्यक्ष से करेंगे शिकायत
भोपाल। राजधानी के कलेक्टर कार्यालय में आयोजित दिशा (जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति) की बैठक उस समय सियासी अखाड़े में तब्दील हो गई, जब विकास कार्यों पर चर्चा के दौरान जनप्रतिनिधियों की मर्यादा टूट गई। शहर की बदहाल सड़कों और नगर निगम की लचर कार्यप्रणाली पर शुरू हुआ विवाद इस कदर बढ़ा कि जनपद अध्यक्ष और कांग्रेस विधायकों के बीच तीखी नोंकझोंक हो गई। बात हैसियत और धमकी तक पहुंच गई, जिसके विरोध में कांग्रेस विधायकों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया।
बैठक की शुरुआत में ही भोपाल की खस्ताहाल सड़कों, पेंच वर्क और विकास कार्यों की अधूरी जानकारी को लेकर जनप्रतिनिधियों ने कड़ी नाराजगी जताई। भाजपा के दक्षिण-पश्चिम विधायक भगवानदास सबनानी ने नगर निगम को आड़े हाथों लेते हुए कहा, पूरा शहर खुदा पड़ा है और जनता त्रस्त है। एक सड़क खोदने के बाद दूसरी लाइन के लिए दोबारा खुदाई कर दी जाती है, जिसकी हमें कोई जानकारी नहीं दी जाती। इस पर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन ने भी माना कि जमीनी स्तर पर समस्याएं हैं।
राजपूत हूं निपट लूंगा की धमकी
हंगामा तब और बढ़ गया जब मास्टर प्लान पर चर्चा के दौरान जनपद अध्यक्ष प्रमोद राजपूत और कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद व आतिफ अकील के बीच विवाद हो गया। कैमरे के सामने ही अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हुए जनपद अध्यक्ष राजपूत ने विधायकों से कहा, हैसियत में रहो। बदमाशी भी कर लूंगा, राजपूत हूं निपट लूंगा। इस बदतमीजी से नाराज होकर दोनों कांग्रेस विधायक बैठक बीच में छोड़ बाहर निकल गए। हालांकि, सांसद आलोक शर्मा ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने।
विशेषाधिकार हनन का मामला
बैठक से बाहर आकर विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि यह विधायकों के विशेषाधिकार का खुला हनन है। इस बेइज्जती को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मैं इसकी लिखित शिकायत विधानसभा अध्यक्ष से करूंगा। इस हाई-प्रोफाइल बैठक में सांसद आलोक शर्मा, कलेक्टर, निगम कमिश्नर सहित जिले के तमाम आला अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद थे, जो मूकदर्शक बने रहे।