CWG 2026: तेजस्विन शंकर ने रचा इतिहास, डेकाथलॉन में पदक जीतने वाले पहले भारतीय; जानिए कैसे तय होता है विजेता

स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, ग्लास्गो Published by: स्वप्निल शशांक Updated Sat, 01 Aug 2026 01:33 AM IST

भारत के स्टार एथलीट तेजस्विन शंकर ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के डेकाथलॉन में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया। वह इस स्पर्धा में पदक जीतने वाले पहले भारतीय बन गए। 10 अलग-अलग इवेंट्स में लगातार दो दिन तक प्रदर्शन के बाद कुल अंकों के आधार पर विजेता तय होता है।

Tejaswin Shankar Creates History, Wins India's First Commonwealth Games Medal in Decathlon

तेजस्विन शंकर - फोटो : AN

विस्तार

भारत के स्टार एथलीट तेजस्विन शंकर ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में इतिहास रच दिया। उन्होंने पुरुषों की डेकाथलॉन स्पर्धा में 7976 अंक हासिल कर कांस्य पदक अपने नाम किया और इस स्पर्धा में पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए। इससे पहले किसी भी भारतीय पुरुष एथलीट ने राष्ट्रमंडल खेलों के डेकाथलॉन में पोडियम तक पहुंचने का कारनामा नहीं किया था।

स्वर्ण पदक ग्रेनाडा के लिंडन विक्टर ने 8096 अंकों के साथ जीता, जबकि कनाडा के अनुभवी एथलीट डेमियन वार्नर 8036 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। तेजस्विन दोनों दिग्गज खिलाड़ियों के पीछे तीसरे स्थान पर रहे और भारत के लिए ऐतिहासिक कांस्य पदक सुनिश्चित किया

तेजस्विन ने कई इवेंट्स में किया शानदार प्रदर्शन
तेजस्विन की शुरुआत 100 मीटर में सातवें स्थान से हुई, लेकिन लंबी कूद में दूसरे स्थान पर पहुंचकर उन्होंने वापसी की। हाई जंप में उन्होंने 2.15 मीटर की छलांग लगाकर पहला स्थान हासिल किया और कुल अंक तालिका में दूसरे स्थान पर पहुंच गए।

दूसरे दिन भी उन्होंने 110 मीटर बाधा दौड़ और डिस्कस थ्रो में दूसरे स्थान का प्रदर्शन किया। हालांकि पोल वॉल्ट और भाला फेंक में अपेक्षित अंक नहीं मिल सके, जिससे वे तीसरे स्थान पर खिसक गए। अंत में 1500 मीटर दौड़ पूरी करने के बाद उनका कुल स्कोर 7976 अंक रहा और उन्होंने कांस्य पदक अपने नाम कर लिया।

तेजस्विन शंकर के सभी इवेंट्स का प्रदर्शन

इवेंट प्रदर्शन अंक इवेंट में
स्थान
कुल अंक
(इवेंट के बाद)
ओवरऑल
स्थान
100 मीटर 10.96 सेकेंड 870 7वां 870 7वां
लंबी कूद 7.82 मीटर 1015 दूसरा 1885 3रा
शॉटपुट 13.09 मीटर 673 5वां 2558 5वां
हाई जंप 2.15 मीटर 944 पहला 3502 दूसरा
400 मीटर 49.51 सेकेंड 837 5वां 4339 दूसरा
110 मीटर बाधा दौड़ 14.41 सेकेंड 922 दूसरा 5261 दूसरा
डिस्कस थ्रो 40.44 मीटर 674 दूसरा 5935 दूसरा
पोल वॉल्ट 4.30 मीटर 702 चौथा 6637 चौथा
भाला फेंक 53.12 मीटर 635 तीसरा 7272 तीसरा
1500 मीटर 4:36.19 मिनट 704 5वां 7976 तीसरा (कांस्य)

पदक विजेताओं का ओवरऑलर प्रदर्शन और अंक
पदक खिलाड़ी देश कुल अंक
स्वर्ण लिंडन विक्टर ग्रेनाडा 8096
रजत डेमियन वार्नर कनाडा 8036
कांस्य तेजस्विन शंकर भारत 7976

क्या है डेकाथलॉन?
डेकाथलॉन ट्रैक एंड फील्ड की सबसे कठिन स्पर्धाओं में से एक मानी जाती है। इसमें खिलाड़ियों को दो दिनों के दौरान कुल 10 अलग-अलग इवेंट्स में हिस्सा लेना होता है। यह प्रतियोगिता किसी एक इवेंट की नहीं, बल्कि खिलाड़ी की संपूर्ण एथलेटिक क्षमता की परीक्षा होती है।

पहले दिन पांच स्पर्धाएं होती हैं-

  • 100 मीटर दौड़
  • लंबी कूद
  • शॉटपुट
  • हाई जंप
  • 400 मीटर दौड़

दूसरे दिन भी पांच स्पर्धाएं आयोजित होती हैं-

  • 110 मीटर बाधा दौड़
  • डिस्कस थ्रो
  • पोल वॉल्ट
  • भाला फेंक
  • 1500 मीटर दौड़
कैसे मिलते हैं अंक?
डेकाथलॉन में प्रत्येक इवेंट में प्रदर्शन के आधार पर अंक दिए जाते हैं। समय आधारित स्पर्धाओं (जैसे 100 मीटर, 400 मीटर और 1500 मीटर) में कम समय लेने पर अधिक अंक मिलते हैं, जबकि फील्ड इवेंट्स (जैसे लंबी कूद, हाई जंप, शॉटपुट, डिस्कस, भाला फेंक और पोल वॉल्ट) में बेहतर दूरी या ऊंचाई हासिल करने पर ज्यादा अंक दिए जाते हैं। हर इवेंट के लिए विश्व एथलेटिक्स की तय अंक तालिका (स्कोरिंग फॉर्मूला) लागू होती है। 10ों स्पर्धाओं के अंक जोड़कर अंतिम स्कोर तैयार किया जाता है और सबसे अधिक अंक हासिल करने वाला खिलाड़ी विजेता बनता है।
भारत के लिए क्यों खास है यह पदक?
डेकाथलॉन जैसी चुनौतीपूर्ण स्पर्धा में लगातार दो दिनों तक उच्च स्तर का प्रदर्शन करना आसान नहीं होता। तेजस्विन शंकर ने न केवल इस कठिन परीक्षा को सफलतापूर्वक पार किया, बल्कि भारत को इस इवेंट का पहला कॉमनवेल्थ गेम्स पदक भी दिलाया। यह उपलब्धि भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ती है और आने वाले वर्षों में बहु-इवेंट एथलीटों के लिए प्रेरणा बनेगी।

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