1 महिला आरक्षण तुरंत लागू करे सरकार, परिसीमन व जनगणना की शर्तें महिलाओं से छल
बिना किसी शर्त 33 फीसदी आरक्षण लागू करने की मांग
भोपाल। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति (जमस) की ओर से 33 प्रतिशत महिला आरक्षण को तत्काल लागू करने की मांग को लेकर भोपाल में एक राज्य स्तरीय परिसंवाद का आयोजन किया गया।
परिसंवाद के दौरान संगठन की राज्य महासचिव प्रीति सिंह एवं राज्य अध्यक्ष अंजना कुररिया ने साझा बयान जारी करते हुए कहा कि देश में आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करने के बावजूद संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की हिस्सेदारी उनके अनुपात में नहीं है, जो उनके साथ सीधा गैर-बराबरी का व्यवहार है। नेताओं ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एनडीए सरकार द्वारा पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 में परिसीमन और जनगणना की शर्तें जोड़ना महिलाओं के साथ छल है। इससे साफ़ जाहिर होता है कि सरकार की नीयत महिलाओं को आरक्षण देने की नहीं है। इसी विरोध के तहत जमस की केंद्रीय कमेटी ने केंद्र सरकार को पत्र भेजकर बिना किसी पूर्व शर्त के 33 फीसदी आरक्षण तुरंत प्रभाव से लागू करने की मांग की है।
आंदोलन तेज करने का आह्वान
परिसंवाद की मुख्य वक्ता मरियम धवले ने कहा कि इस विधेयक को बिना किसी शर्त के लागू कराने के लिए आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। मध्य प्रदेश के प्रत्येक जिले में जनवादी महिला समिति इसके खिलाफ व्यापक अभियान चलाएगी और अधिकार मिलने तक संघर्ष जारी रखेगी।
2 पूर्व मंत्री पारस चंद्र जैन का निधन, मुख्यमंत्री सहित अन्य नेताओं ने जताया शोक
भोपाल। प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व मंत्री पारस चंद्र जैन का 76 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे और इंदौर के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज जारी था, जहाँ 3 अगस्त (सोमवार) को उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की पुष्टि उज्जैन जिला मीडिया प्रभारी दिनेश जाटवा और पूर्व मंत्री के निजी सहायक शुभम माली ने की है।
पारस चंद्र जैन मध्य प्रदेश की राजनीति में दशकों तक सक्रिय रहे और उन्होंने राज्य सरकार में कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली। वे उज्जैन उत्तर विधानसभा क्षेत्र से विधायक भी रहे। पूर्व मंत्री के निधन पर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित कई प्रमुख नेताओं ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि दी है। मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने वरिष्ठ भाजपा नेता, पूर्व मंत्री एवं उज्जैन उत्तर के पूर्व विधायक श्रद्धेय पारस चंद्र जैन के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ। बाबा महाकाल से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं शोकाकुल परिजनों को यह असीम दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
दो नेत्रहीनों को मिलेगी रोशनी
पूर्व मंत्री स्वर्गीय पारस जैन ने जीवनकाल में ही मरणोपरांत नेत्रदान करने की घोषणा की थी। मरणोपरांत नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी की गई। इस नेत्रदान से दो नेत्रहीन व्यक्तियों को नई दृष्टि मिलेगी।
3 जबलपुर के तीन मुद्दों पर मानव अधिकार आयोग ने लिया संज्ञान में
बिजली कंपनी, नगर निगम और सीएमएचओ को नोटिस
भोपाल। मानव अधिकार आयोग की मुख्य पीठ, भोपाल ने जबलपुर जिले के तीन गंभीर जनहित मामलों पर स्वतः संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया है। आयोग की क्षेत्रीय कार्यालय प्रभारी फरजाना मिर्जा ने बताया कि समाचार पत्रों में प्रकाशित रिपोर्टों के आधार पर आयोग अध्यक्ष डॉ. अवधेश प्रताप सिंह ने इन मामलों में सुनवाई की और जिम्मेदार विभागों से की गई कार्रवाई का प्रतिवेदन मांगा है।
तहसील पाटन के ग्राम कंतोरा स्थित स्कूल परिसर में बिजली कंपनी द्वारा ट्रांसफार्मर रख दिया गया है, जिसके खुले तार पूरे परिसर में फैले हुए हैं। इससे मासूम स्कूली बच्चों की जान को हर वक्त करंट की चपेट में आने का खतरा बना रहता है। आयोग ने इस गंभीर लापरवाही पर म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के एमडी को मामले की जांच कर दो सप्ताह में कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
नगर निगम आयुक्त को नोटिस
शहर से लगे कई गांव वर्षों पूर्व नगर निगम सीमा में शामिल तो कर लिए गए, लेकिन वहां आज तक पक्की सड़कें, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं व अन्य विकास कार्य नहीं पहुंचे हैं। बुनियादी सुविधाओं के अभाव में ग्रामीण रोजमर्रा की जिंदगी में भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। आयोग ने जबलपुर नगर निगम आयुक्त से मामले की जांच कराकर एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है।
सीएमएचओ से मांगा जवाब
शासकीय जिला अस्पताल विक्टोरिया में अधिकांश डॉक्टरों के तय समय पर न पहुंचने से व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है। इलाज की आस में आए मरीजों को घंटों लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ता है, वहीं कई मरीज बिना इलाज कराए ही लौटने को मजबूर हैं। मानव अधिकार आयोग ने जबलपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को जांच के निर्देश देते हुए दो सप्ताह में जवाब तलब किया है।
4 पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, राजस्व कार्य ठप होने की आशंका
12 से अधिक ऑनलाइन पोर्टल और शासकीय सेवाएं होंगी प्रभावित’
भोपाल। प्रदेश में अपनी वर्षों से लंबित मांगों को लेकर पटवारी संघ ने आज से प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान कर दिया है। संघ का कहना है कि जब तक शासन उनकी न्यायोचित मांगों पर ठोस और सकारात्मक निर्णय नहीं लेता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस हड़ताल के चलते राज्य में राजस्व विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण काम पूरी तरह ठप हो सकते हैं।
पटवारी संघ के प्रांताध्यक्ष उपेंद्र बघेल ने बताया कि संघ ने सीधे हड़ताल पर जाने के बजाय पहले चरणबद्ध आंदोलन किया था। शुरुआत में पटवारियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया, इसके बाद शासकीय व्हाट्सएप ग्रुपों का बहिष्कार किया और ऑनलाइन कार्यों से भी दूरी बनाई। हालांकि, शासन स्तर से कोई सार्थक पहल न होने के कारण अंततः अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लेना पड़ा। संघ का मुख्य मुद्दा अन्य राज्यों की तुलना में मध्य प्रदेश में पटवारियों को मिलने वाला सबसे कम ग्रेड-पे है। संघ के अनुसार यूपी, हरियाणा, राजस्थान और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में 2800 का ग्रेड-पे दिया जा रहा है, वहीं कर्नाटक में 3600 तथा उत्तराखंड व पश्चिम बंगाल में 4200 का ग्रेड-पे मिल रहा है। इसके विपरीत एमपी के पटवारियों पर नए-नए ऑनलाइन और मैदानी कार्यों का बोझ तो बढ़ाया जा रहा है, लेकिन वेतन विसंगतियों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।
जनहित से जुड़े कामांे पर पड़ेगा असर
पटवारियों की इस हड़ताल से राजस्व विभाग के 12 से अधिक ऑनलाइन पोर्टल और जनहित से जुड़े कई कार्य सीधे तौर पर प्रभावित होंगे। इसमें ई-टोकन, वेब जीआईएस, रिकॉर्ड अपडेट, सारा पोर्टल, आरसीएमएस, सीएम हेल्पलाइन, पीएम किसान सम्मान निधि का रिकॉर्ड सत्यापन, रिकॉर्ड स्कैनिंग, राजस्व वसूली और फार्मर रजिस्ट्रेशन जैसी प्रमुख सेवाएं शामिल हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
5 उप मुख्यमंत्री ने सुनी कार्यकर्ताओं की समस्याएं
भोपाल। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने सोमवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रदेश भर से आए पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर उनकी जनसमस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने विभिन्न मामलों पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देते हुए समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए कार्रवाई करने को कहा।
उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि कार्यकर्ताओं द्वारा उठाई गई जनसमस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। जिन मामलों का मौके पर निराकरण संभव नहीं हो सका, उन्हें संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई और शीघ्र समाधान के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाया कि सरकार जनता से जुड़े प्रत्येक मुद्दे के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है और सभी प्रकरणों का गंभीरता से निराकरण कराया जाएगा।
6 ब्रिक्स सांस्कृतिक सम्मेलन की मेजबानी के लिए संवर रही राजधानी
सर्वे भवन्तु सुखिनः की थीम पर विभिन्न देशों के संस्कृति मंत्री और कलाकार दिखाएंगे अनूठी झलक
भोपाल। राजधानी भोपाल 5 से 8 अगस्त तक आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित ब्रिक्स सांस्कृतिक सम्मेलन-2026 की भव्य मेजबानी के लिए पूरी तरह सज-धजकर तैयार हो रही है। इस चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय आयोजन में दुनिया के विभिन्न देशों के संस्कृति मंत्री, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, राजनयिक और प्रख्यात कलाकार हिस्सा लेने जा रहे हैं। शहर में आने वाले विदेशी प्रतिनिधियों और विशिष्ट अतिथियों के स्वागत के लिए नगर निगम और सहयोगी एजेंसियों द्वारा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की तर्ज पर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।
आयोजन को यादगार बनाने के लिए वीआईपी रोड, भोज सेतु, एयरपोर्ट रोड, गांधी नगर, पॉलीटेक्निक चौराहा और पंडित कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) तक विशेष रंग-रोगन व सौंदर्यीकरण अभियान चलाया जा रहा है। ऐतिहासिक भोज सेतु के दोनों ओर मध्य प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक, धार्मिक और पर्यटन विरासत को दर्शाती आकर्षक पेंटिंग्स उकेरी जा रही हैं। सम्मेलन का मुख्य विषय सर्वे भवन्तु सुखिनः की भारतीय सनातन परंपरा और वैश्विक समरसता की भावना पर केंद्रित रखा गया है।
अंतरराष्ट्रीय कलाकारों का लगेगा जमघट
इस शिखर सम्मेलन में ब्राजील, इथियोपिया, इंडोनेशिया, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), दक्षिण अफ्रीका, क्यूबा, थाईलैंड और बेलारूस सहित कई देशों के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भाग लेंगे। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में मिस्र का नेशनल फोक ट्रूप, इंडोनेशिया का गायन व नृत्य दल, रूस का फोक ऑर्केस्ट्रा, दक्षिण अफ्रीका का जमाली ग्रुप तथा ब्राजील के कलाकार अपनी समृद्ध लोक-संस्कृति, संगीत और एक्रोबेटिक्स से समां बांधेंगे। यह आयोजन न केवल ब्रिक्स सदस्य देशों के बीच आपसी सांस्कृतिक संबंधों को प्रगाढ़ करेगा, बल्कि मध्य प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन क्षमताओं को भी वैश्विक पटल पर एक नई पहचान दिलाएगा।
7 दतिया सीट पर कांग्रेस का कब्जा बरकरार, घनश्याम जीते 6056 वोटो सें
आजाद समाज पार्टी की सेंधमारी से भाजपा का बिगाड़ा गणित
भोपाल। कांटे के मुकाबले और राजनीतिक उलटफेर के बीच दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस ने अपनी साख बरकरार रखी है। घोषित नतीजों में कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के आशुतोष तिवारी को 6,056 मतों से शिकस्त देकर विजय पताका फहराई। शुरुआती चरणों में कड़ी टक्कर के बाद मध्य के दौर से घनश्याम सिंह ने जो बढ़त बनाई, वह अंतिम राउंड तक कायम रही।
दतिया उपचुनाव के लिए हुए मतदान की मतगणना आज संपन्न हो गई। मतगणना में कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह को 6056 वोटों से जीत मिली। कांग्रेस प्रत्याशी को 66 हजार 757 वोट हासिल हुए जबकि भाजपा के आशुतोष तिवारी को 60741 वोट हासिल हुए। तीसरे स्थान पर दामोदर यादव रहे जिन्हें 22 हजार 527 वोट हासिल हुए। इस चुनाव में नोटा को 398 वोट मिले। भीम सेना प्रत्याशी सबसे कम 81 वोट हासिल हुए हैं।
एएसपी ने बिगाड़े समीकरण
प्रतिष्ठा की जंग बनी दतिया सीट पर मिली हार भाजपा के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है। मुकाबले को सबसे ज्यादा दिलचस्प आजाद समाज पार्टी (एएसपी) के उम्मीदवार दामोदर यादव ने बनाया, जिन्होंने 20 हजार से अधिक वोट हासिल कर सीधे तौर पर भाजपा के पारंपरिक समीकरणों में सेंध लगाई। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, ओबीसी वर्ग से आने वाले दामोदर यादव द्वारा वर्ग विशेष के वोटों में की गई इस बड़ी सेंधमारी ने भाजपा की राह मुश्किल कर दी।
नरोत्तम के बूथ पर भी हारी भाजपा
पूर्व गृह मंत्री और दिग्गज भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा के अपने पोलिंग बूथ नंबर 121 पर भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है। इस बूथ पर कांग्रेस को 291 वोट मिले, जबकि भाजपा के खाते में 264 वोट आए। इस तरह कांग्रेस ने इस महत्वपूर्ण पोलिंग बूथ पर 27 वोटों की बढ़त हासिल की है। वहीं, मतगणना केंद्र पर भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पार्टी इस परिणाम की समीक्षा करेगी।
18 प्रत्याशियों की जमानत जब्त
चुनावी मैदान में उतरे कुल 21 उम्मीदवारों में से प्रमुख तीन चेहरों (कांग्रेस, भाजपा और एएसपी) को छोड़कर शेष 18 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई। भीम सेना के प्रत्याशी को सबसे कम महज 81 वोट मिले, जबकि 12 उम्मीदवारों का प्रदर्शन तो नोटा (398 वोट) से भी बदतर रहा। वहीं, किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर संजना सिंह (भारतीय गण वार्ता पार्टी) केवल 141 वोट ही जुटा सकीं।
कांग्रेस में जश्न, भाजपा करेगी आत्ममंथन
मतगणना के 13वें और 14वें राउंड में भाजपा ने कमबैक की कोशिश करते हुए अंतर को घटाया जरूर, लेकिन कांग्रेस की मजबूत शुरुआती बढ़त को भेदने में नाकाम रही। जीत के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह है और पार्टी इसे जनविश्वास की जीत बता रही है। वहीं, इस पराजय के बाद भाजपा नेतृत्व अब आगामी चुनावों के लिहाज से अपनी रणनीति और क्षेत्रीय संगठन की समीक्षा करने की तैयारी में है।
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