ईरान के साथ खड़ा हुआ नॉर्वे?: विदेश मंत्री ने कहा- आत्मरक्षा का अधिकार, पाकिस्तान की मध्यस्थता का किया समर्थन

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नांदेड़ Published by: शिवम गर्ग Updated Thu, 13 Aug 2026 07:59 PM IST

नॉर्वे के विदेश मंत्री एस्पेन बार्थ ईडे ने पाकिस्तान दौरे के दौरान ईरान के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन किया और अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता की भूमिका की सराहना की। पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री इशाक डार ने कश्मीर और सिंधु जल संधि समेत कई मुद्दे उठाए। क्या पाकिस्तान की पहल को और समर्थन मिलेगा? ईरान को लेकर नॉर्वे का रुख कितना अहम है? आइए, जानते हैं...

Norway Backs Iran Right to Self-Defence, Supports Pakistan Mediation in US-Iran War

युद्ध के बीच ईरान को मिला नॉर्वे का साथ। - फोटो : Amar Ujala Graphics

विस्तार

पाकिस्तान की दो दिवसीय यात्रा पर पहुंचे नॉर्वे के विदेश मंत्री एस्पेन बार्थ ईडे ने उपप्रधानमंत्री इशाक डार के साथ बातचीत की। बैठक में दोनों देशों के बीच सहयोग के साथ-साथ क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर विस्तार से चर्चा हुई।

मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में ईडे ने ईरान के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि नॉर्वे के ईरान के साथ कई मुद्दों पर गंभीर मतभेद हैं, लेकिन एक देश के तौर पर ईरान को अपनी रक्षा का अधिकार है।

क्या पाकिस्तान की मध्यस्थता को नॉर्वे का समर्थन मिला?

नॉर्वे के विदेश मंत्री ने अमेरिका-ईरान युद्ध को खत्म करने और शांति स्थापित करने के लिए पाकिस्तान की ओर से की जा रही कोशिशों का समर्थन किया। उन्होंने पाकिस्तान की इस पहल को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इस संकट के दौरान बातचीत के लिए इस्लामाबाद को मंच और मध्यस्थ के तौर पर पेश करना एक बड़ी जिम्मेदारी है। ईडे ने कहा कि पाकिस्तान की यह कोशिश दुनिया के लिए एक सेवा है। उन्होंने यह भी कहा कि नॉर्वे उन पश्चिमी देशों में शामिल रहा है, जिन्होंने युद्ध को अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन बताया है।

क्या पाकिस्तान और नॉर्वे ने क्षेत्रीय मुद्दों पर भी चर्चा की?

बैठक में दोनों देशों ने कश्मीर और अफगानिस्तान समेत कई क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की। इशाक डार ने नॉर्वे के विदेश मंत्री को जम्मू-कश्मीर विवाद और सिंधु जल संधि के स्थगन से जुड़े मुद्दों की जानकारी दी। दोनों पक्षों ने बहुपक्षवाद, संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान तथा विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। ईडे ने मक्का में पाकिस्तान, तुर्किये और सऊदी अरब के बीच हाल में हुए रक्षा समझौते की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि नॉर्वे के इन तीनों देशों के साथ अच्छे और करीबी संबंध हैं।

क्या व्यापार और निवेश बढ़ाने पर बनी सहमति?

इशाक डार ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार मौजूदा क्षमता से कम है और इसे बढ़ाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने नॉर्वे की कंपनियों के लिए पाकिस्तान में निवेश के अवसरों का भी उल्लेख किया। डार के मुताबिक, दोनों देशों ने विभिन्न समझौतों और समझौता ज्ञापनों को जल्द अंतिम रूप देने पर सहमति जताई। इसके अलावा समुद्री क्षेत्र, जहाज तोड़ने वाले उद्योग में तकनीकी प्रशिक्षण, लोगों के बीच संपर्क और श्रम गतिशीलता जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।


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