नई दिल्ली: दिल्ली में रचनात्मक कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन के दौरान दिल्ली कंस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर विदेश नीति, चीन, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को लेकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि अमेरिका-ईरान युद्ध के दौरान अगर देश में इंदिरा गांधी जैसा नेतृत्व होता तो भारत के पास बड़ी कूटनीतिक भूमिका निभाने का मौका था। राहुल ने दावा किया कि ईरान, अमेरिका और रूस से भारत के पुराने संबंध रहे हैं और भारत इन देशों के बीच दोस्ती कराने की भूमिका निभा सकता था, लेकिन यह अवसर पाकिस्तान ने हासिल कर लिया और नरेंद्र मोदी देखते रह गए।
देश के हर व्यक्ति को अपनी बात खुलकर कहने का अधिकार
राहुल गांधी ने देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मुद्दे पर भी सरकार और आरएसएस को घेरा। उन्होंने कहा कि लोगों को अपने विचार व्यक्त करने से नहीं रोका जाना चाहिए। राहुल ने कहा कि हिंदू, मुस्लिम, सिख, जैन समेत हर व्यक्ति को अपनी बात खुलकर कहने का अधिकार है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार देश के एक्सप्रेशन को दबाने की कोशिश कर रही है। राहुल ने कहा कि जब देश के लोगों की आवाज खुलकर सामने आएगी तभी दुनिया को भारत की असली ताकत दिखाई देगी।
चीन के मुद्दे पर सरकार को घेरा
राहुल गांधी ने चीन के साथ सीमा विवाद को लेकर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि चीन ने भारत को अपनी ही जमीन पर पेट्रोलिंग करने से रोका लेकिन सरकार ने इस खबर को दबाने की कोशिश की।Rahul Gandhi: 'छात्रों की गूंज' पर भाजपा ने ली राहुल गांधी की चुटकी
राहुल ने गलवान संघर्ष के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान का हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि भारत की एक इंच जमीन भी किसी के कब्जे में नहीं है। उन्होंने दावा किया कि सेना ने जमीन पर कब्जे की बात कही थी और चीन के साथ बातचीत के दौरान भारतीय पक्ष को प्रधानमंत्री के बयान का हवाला देकर जवाब दिया गया।
राहुल ने आरोप लगाया कि सरकार का ध्यान देश के हितों की बजाय अपने राजनीतिक ढांचे को मजबूत करने और बड़े उद्योगपतियों से संबंधों पर है।
'मोदी सरकार ने आरएसएस को कॉरपोरेट बना दिया'
राहुल गांधी ने आरएसएस के बदलते स्वरूप को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि छोटे कारोबारियों और व्यापारियों की ताकत कभी आरएसएस हुआ करती थी, लेकिन नोटबंदी और GST की वजह से छोटे कारोबारियों को नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि आरएसएस में कॉरपोरेट प्रभाव की शुरुआत प्रमोद महाजन के समय हुई और नरेंद्र मोदी के दौर में यह प्रक्रिया पूरी हो गई।
जब तक मोदी-शाह इस्तीफा नहीं देंगे, उन्हें चैन से सोने नहीं देंगे
राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि उन्हें आजकल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय के अंदर से सूचनाएं मिल रही हैं। उन्होंने कहा, जब तक नरेंद्र मोदी और अमित शाह इस्तीफा नहीं देंगे तब तक हम उन्हें सोने नहीं देंगे। उन्होंने सरकार के खिलाफ विपक्ष की राजनीतिक लड़ाई जारी रखने का संकेत देते हुए कहा कि अब सरकार को समझ आ गया है कि देश अपने आपको अभिव्यक्त करने से नहीं रोकेगा।
राहुल ने गृह मंत्री अमित शाह पर तंज कसते हुए कहा कि वह संसद से गायब रहे और 20 दिन तक संसद में नहीं आ पाए। उन्होंने कहा कि सरकार अब समझ चुकी है कि देश की जनता अपनी बात कहने से पीछे नहीं हटेगी। राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आजकल रात में नहीं सोते और इसके कई कारण हैं, जिनमें कुछ स्पष्ट हैं और कुछ छिपे हुए हैं।