प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के एक समूह के लोक शिक्षण आयुक्त के कक्ष में प्रवेश कर नारेबाजी करने की घटना के विरोध में शिक्षा विभाग के कर्मचारियों ने शुक्रवार को दो घंटे का पेन डाउन रखा। कर्मचारियों के काम से दूर रहने के दौरान आयुक्त कार्यालय की शासकीय गतिविधियां प्रभावित हुईं। हालांकि दो घंटे बाद कर्मचारी वापस काम पर लौट आए। राज्य शिक्षा केंद्र परिसर के बाहर विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने घटना की निंदा करते हुए प्रदर्शन किया और सरकारी कार्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की।
बताया गया कि गुरुवार शाम प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा के उत्तीर्ण अभ्यर्थियों का एक समूह लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह के कक्ष में पहुंच गया और वहां नारेबाजी करने लगा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालते हुए प्रदर्शनकारियों को परिसर से बाहर किया।
घटना के बाद संविदा कर्मचारी अधिकारी संयुक्त मोर्चा समेत अन्य कर्मचारी संगठनों ने राज्य शिक्षा केंद्र के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। संगठन के अध्यक्ष रमेश राठौर ने कहा कि अपनी मांगों को लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से रखना उचित है, लेकिन सरकारी कार्यालय में जबरन प्रवेश करना उचित नहीं है। वहीं अल्पवेतन भोगी संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार साकल्ले के नेतृत्व में भी कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर घटना पर नाराजगी जताई और कार्रवाई की मांग की
कर्मचारी नेता मुकेश शर्मा ने बताया कि घटना के बाद प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने आयुक्त से माफी मांग ली थी। इसके बाद शासकीय कामकाज पूरी तरह प्रभावित न हो, इसलिए कर्मचारियों ने दो घंटे का पेन डाउन रखा और फिर अपने काम पर लौट आए। घटना की जानकारी मिलने पर स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. संजय गोयल भी लोक शिक्षण आयुक्त कार्यालय पहुंचे। उन्होंने विषम परिस्थिति में अधिकारियों और कर्मचारियों की एकजुटता की सराहना की। सचिव ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कर्मचारियों से छात्र हित में लगातार जिम्मेदारी के साथ काम करने की अपील की।
दूसरी ओर प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 में उत्तीर्ण अभ्यर्थी अभी भी पद वृद्धि और नियुक्ति की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। अभ्यर्थी नीलम पार्क में एकत्र होकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मांग है कि वर्ग-2 और वर्ग-3 के पदों की संख्या बढ़ाई जाए और चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी किए जाएं।
आंदोलनरत अभ्यर्थियों का कहना है कि शिक्षा विभाग में बड़ी संख्या में पद रिक्त हैं, इसके बावजूद परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं दी जा रही। अभ्यर्थियों ने डीएलएड डिग्री से जुड़े मुद्दे और पद वृद्धि नहीं होने को भी नियुक्ति में रुकावट बताया है।
अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक पदों की संख्या बढ़ाकर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।