नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल । स्वच्छ वायु सर्वेक्षण के तहत हवा की गुणवत्ता की जांच करने के लिए केंद्रीय टीम भोपाल गई है, जिसने बुधवार को शहर के अलग-अलग इलाकों का जायजा लिया।
टीम ने एनसीएपी (नेशनल एयर क्लीन प्रोग्राम) के तहत मिले 30 करोड़ के फंड से हुए कामों के साथ ही टीम ने शहर के गार्डन और डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन व्यवस्था को भी देखा।
दरअसल, केंद्र सरकार द्वारा स्वच्छता सर्वेक्षण की तर्ज पर ही स्वच्छ वायु सर्वेक्षण होता है। इसमें किसी शहर की एयर क्वालिटी को देखा जाता है।
शहर में प्रदूषण की स्थिति, इसे कम करने के उपाय और एनसीएपी (नेशनल एयर क्लीन प्रोग्राम) के तहत मिले फंड के उपयोग की स्थिति को परखा जाता है।
वायु को स्वच्छ बनाने के दावों को जांचा
शहर की वायु को स्वच्छ बनाने के लिए किए जा रहे कार्यों में निगम ने शहर के ट्रैफिक सिग्नल, ई-बसों की संख्या, झील, पार्क और फाउंटेन की जानकारी केंद्र सरकार को भेजी थी।
बुधवार को केंद्रीय टीम ने शहर के अलग-अलग इलाकों में जाकर इसी जानकारी को देखा। वहीं, पिछले साल निगम को एनसीएपी में 30 करोड़ का फंड मिला था। इस फंड का करीब चार महीने तक उपयोग नहीं हुआ।
कमिश्नर संस्कृति जैन की फटकार के बाद यांत्रिक विभाग के अधिकारियों ने प्लानिंग बनाई। तब कहीं जाकर टेंडर लगे और शहर के अलग-अलग इलाकों में काम हुआ।