कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के खिलाफ चल रहे मानहानि मामले में गुरुवार को भोपाल की एमपी-एमएलए कोर्ट में सुनवाई हुई। मामले में परिवादी पक्ष का गवाह कोर्ट पहुंचा था, लेकिन दिग्विजय सिंह के अधिवक्ता के दूसरे मामले में व्यस्त होने के कारण गवाह से जिरह नहीं हो सकी। अधिवक्ता ने कोर्ट से जिरह के लिए अगली तारीख देने का अनुरोध किया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने गवाह के देरी से पहुंचने और उसके सुनवाई के लिए कोर्ट आने का संज्ञान लिया। अदालत ने निर्देश दिया कि गवाह के आने-जाने में हुए खर्च की भरपाई के लिए उसे 1000 रुपये दिए जाएं। यह राशि दिग्विजय सिंह पर जुर्माने के रूप में नहीं, बल्कि गवाह के खर्च की भरपाई के लिए देने के निर्देश दिए गए हैं।
अगली तारीख पर होगी गवाह से जिरह
अब मामले में परिवादी पक्ष के गवाह से प्रतिपरीक्षण की कार्रवाई अगली सुनवाई पर होगी। दिग्विजय सिंह के अधिवक्ता को अगली तारीख पर गवाह से जिरह करनी होगी
क्या है मामला?
यह मानहानि प्रकरण एससीपीपीएम क्रमांक 13/2022 है। इसमें पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और खजुराहो सांसद विष्णु दत्त शर्मा परिवादी हैं, जबकि दिग्विजय सिंह अभियुक्त हैं। मामला व्यापमं कांड को लेकर विष्णु दत्त शर्मा के खिलाफ लगाए गए कथित मानहानिकारक आरोपों से जुड़ा है। शर्मा की ओर से दिग्विजय सिंह के खिलाफ आपराधिक मानहानि का प्रकरण दर्ज कराया गया था। ताजा सुनवाई में गवाह की मौजूदगी के बावजूद जिरह नहीं हो सकी। अब अगली तारीख पर गवाह से प्रतिपरीक्षण की कार्रवाई आगे बढ़ेगी।