चंडीगढ़. पंजाब सरकार की मावां-धीयां सत्कार योजना की तीसरी किस्त इस बार 1 तारीख की बजाय 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन जारी होगी. बुधवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इसका ऐलान किया. तीन महीने के पैसे इकट्ठे मिलेंगे.
इस योजना के तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपये और अनुसूचित जाति (एससी/एसटी) की महिलाओं को प्रति माह 1,500 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है. सीएम ने कहा कि राखी के त्योहार को देखते हुए किस्त समय से पहले जारी की जा रही है. इस सम्मान राशि से किए गए कार्यों को लेकर महिलाओं की ओर से साझा किए गए खुशी के वीडियो देखकर मन को संतोष मिलता है.
सीएम मान बोले- राखी वाले दिन टूं टूं हो जाएगी
सीएम ने एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि वैसे तो योजना की किस्त एक तारीख को जाती है, लेकिन 28 तारीख को रक्षाबंधन है. रक्षाबंधन पर भाई या मायके की तरफ से शगुन दिया जाता है. तीज के बाद अब राखी का त्योहार आता है. राखी वाले दिन ही किस्त पहुंच जाएगी. राखी वाले दिन टूं-टूं हो जाएगी.
यह स्कीम लगातार चलेगी
सीएम ने कहा कि यह स्कीम लगातार चलती रहेगी, क्योंकि बहुत सारे लोगों और माता-बहनों के वीडियो आए हैं. वे कहती हैं कि मेरे बेटे ने पैसे भेजे हैं, मैं परिवार चलाऊंगी. कोई कहती है कि उधार उतार दूंगी. खुशी होती है कि किसी के काम आ रहे हैं. यह आपके टैक्स का पैसा है. यह हम आपको ही वापस दे रहे हैं. बनता मान-सत्कार दिया जा रहा है. हमने पंजाब में कोई भी चूल्हा बुझने नहीं देना है. सभी का मान-सत्कार हो, सभी को रोजगार मिले. आप सभी को बहुत-बहुत मुबारकां.
18 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को लाभ
योजना के तहत 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र की पात्र महिलाओं को लाभ दिया जाता है. एक परिवार में पात्र महिलाओं की संख्या पर कोई सीमा नहीं रखी गई है. राशि सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है. पहली किस्त जुलाई 2026 में तीन महीने की राशि एक साथ जारी की गई. सामान्य वर्ग की महिलाओं को 3,000 रुपये और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 4,500 रुपये मिले.
75 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रेशन
योजना के लिए रजिस्ट्रेशन लगातार जारी है. 24-25 अगस्त तक 75 लाख से अधिक महिलाओं के रजिस्ट्रेशन की जानकारी सामने आई है. मुख्यमंत्री के अनुसार, नए रजिस्ट्रेशन कराने वाली पात्र महिलाओं को भी योजना का लाभ दिया जाएगा.
9,300 करोड़ का बजट प्रावधान
पंजाब सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में योजना के लिए ?9,300 करोड़ का प्रावधान किया है. सरकार की ओर से करीब 97% महिलाओं को योजना के दायरे में लाने का अनुमान बताया गया है.