विजय शाह मामला, पटवारी ने राष्ट्रपति से की सरकार को बर्खास्त करने की मांग
भोपाल। जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह द्वारा भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस प्रकरण को लेकर देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक पत्र भेजा है। पत्र में उन्होंने संवैधानिक व्यवस्था, न्यायिक प्रक्रिया और भारतीय सेना के सम्मान का हवाला देते हुए प्रदेश की मुख्यमंत्री सहित पूरे मंत्रिमंडल को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की है।
पटवारी ने राष्ट्रपति को लिखे पत्र में स्पष्ट किया कि वह यह पत्र केवल एक राजनीतिक दल के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में नहीं, बल्कि सेना और संविधान में आस्था रखने वाले देश के एक नागरिक के तौर पर लिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंत्री विजय शाह के बयान ने देश की जांबाज बेटी का ही नहीं, बल्कि संपूर्ण भारतीय सेना का अपमान किया है। अब राज्य सरकार द्वारा उनके खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति न देना मामले को और भी गंभीर बनाता है।
सरकार पर मंत्री को बचाने का आरोप
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अभियोजन की स्वीकृति की मांग की है, लेकिन राज्य सरकार का इसे खारिज करना स्पष्ट रूप से एक मंत्री को राजनीतिक संरक्षण देने का प्रयास है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सत्ता में बैठे लोग कानून से ऊपर हैं? यह स्थिति पूरी तरह से असंवैधानिक और शर्मनाक है।
प्रधानमंत्री के सामने उठाए सवाल
पटवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उल्लेख करते हुए कहा कि वे अक्सर सेना और जवानों के सम्मान को देश का सर्वाेच्च गौरव बताते हैं। ऐसे में मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल का यह निर्णय प्रधानमंत्री की सहमति के बिना संभव नहीं दिखता। उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री इस निर्णय से असहमत हैं, तो उन्हें देश के सामने आकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। पत्र के अंत में पटवारी ने राष्ट्रपति से संविधान की सर्वाेच्च संरक्षक होने के नाते इस पूरे घटनाक्रम में तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है।