नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। रातीबड़ थाना क्षेत्र के सूरज नगर में रहने वाले रिटायर्ड आइएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में जांच तेज कर दी गई है। घटना के 21 दिन बीत जाने के बाद भी मुख्य आरोपित केयरटेकर वरुण कुमार पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर भोपाल संजय कुमार ने बुधवार को विशेष जांच दल (एसआइटी) के गठन का आदेश जारी किया। यह आदेश पुलिस महानिदेशक (डीजीपी), मध्यप्रदेश के अनुमोदन के बाद प्रभाव में आया है।
IAS एसोसिएशन ने CM मोहन यादव से की थी मुलाकात, आरोपी पर 50 हजार का इनाम घोषित
हम बता दें कि गत 30 सितंबर की रात रिटायर्ड आइएएस अधिकारी की उनके ही केयरटेकर वरुण कुमार द्वारा घर में गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद से ही आरोपित की तलाश में भोपाल पुलिस की टीमें ग्वालियर, मथुरा, वृंदावन और पंजाब तक दबिश दे चुकी हैं, लेकिन वह लगातार चकमा दे रहा है।
आरोपित के कुछ सीसीटीवी फुटेज भी सामने आ चुके हैं, और उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है। पुलिस की नाकामी को देखते हुए कुछ दिन पहले आइएएस एसोसिएशन ने मुख्य सचिव और बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर त्वरित कार्रवाई की मांग की थी, जिसके बाद यह एसआइटी गठित की गई है।
AIG उमेश तिवारी बने SIT के अध्यक्ष, टीम में क्राइम ब्रांच के अधिकारी भी शामिल
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (पीएचक्यू में एआइजी) उमेश तिवारी को एसआइटी का अध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा टीम में भोपाल क्राइम ब्रांच के एसीपी चंद्रभान सिंह चढ़ार, एसीपी पारस सोनी, रातीबड़ थाने के उपनिरीक्षक ओपी रघुवंशी और अपराध शाखा की टेक्निकल सेल के आरक्षक नीलेश वर्मा को बतौर सदस्य शामिल किया गया है।