भोपाल, इंदौर, जबलपुर में भाजपा निकालेगी बड़ी रैलियां

                                        कोर कमेटी की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष के बयान पर पारित हुआ निंदा प्रस्ताव
भोपाल। मुख्यमंत्री निवास पर भाजपा की प्रदेश कोर कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य के राजनीतिक, संगठनात्मक और विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से रणनीति तैयार की गई। बैठक में तय किया गया कि ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत इंदौर, जबलपुर और भोपाल में बड़े स्तर पर रैलियां निकाली जाएंगी।
 बैठक के पश्चात भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने मीडिया को संबोधित करते हुए कोर कमेटी में लिए गए प्रमुख निर्णयों और आगामी कार्ययोजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि पार्टी ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत इंदौर, जबलपुर और भोपाल में बड़े स्तर पर रैलियों का आयोजन करने जा रही है। इन रैलियों में लगभग एक लाख लोगों की सहभागिता का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित कर लोकतंत्र की रक्षा और अराजकता के खिलाफ जन-जागरण का संदेश घर-घर तक पहुँचाया जाएगा। बैठक में आगामी 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा जयंती के अवसर पर प्रदेशभर में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी विस्तृत चर्चा हुई।
राज्यसभा उम्मीदवार के लिए 4-5 नामों का पैनल
प्रदेश में राज्यसभा की एक रिक्त सीट के लिए उम्मीदवार के चयन पर कोर कमेटी में गहन विचार-विमर्श हुआ। प्रदेश और प्रदेश के बाहर के संभावित दावेदारों सहित 4 से 5 नामों पर चर्चा की गई। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इन नामों का एक विशेष पैनल बनाकर अंतिम निर्णय हेतु केंद्रीय नेतृत्व को भेजा जाएगा।
केंद्र की योजनाओं का लाभ दिलाने सांसद-मंत्री की विशेष टीम
प्रदेश के विकास को गति देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की योजनाओं का मध्यप्रदेश को अधिकतम लाभ दिलाने पर विशेष रणनीति बनी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशन में राज्य सरकार के मंत्रियों के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की जाएगी। इसके साथ ही केंद्र के प्रत्येक मंत्रालय के साथ राज्य के एक-एक सांसद को जोड़ा जाएगा, ताकि मंत्री, सांसद और अधिकारी आपसी समन्वय से योजनाओं के क्रियान्वयन को रफ्तार दे सकें।
खड़गे की टिप्पणी पर निंदा प्रस्ताव पारित
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता के विरुद्ध कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा की गई अशोभनीय टिप्पणी की कोर कमेटी ने कड़े शब्दों में घोर निंदा की। इस विषय पर विस्तृत चर्चा करते हुए बैठक में एक औपचारिक निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। बैठक में समान नागरिक संहिता पारित होने के विषय के साथ-साथ प्रदेश सरकार के तीन वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जनकल्याणकारी उपलब्धियों को जनता तक पहुँचाने पर चर्चा हुई। पारदर्शी शासन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए सरकार के 3 वर्षों के कामकाज, मंत्रियों, विधायकों और सांसदों के प्रदर्शन तथा विकास कार्यों को एक सार्वजनिक पोर्टल पर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है।
 पंच परिवर्तन के तहत सजेगा भारतीय युवा संसद का मंच
भोपाल। मध्य प्रदेश के स्थापना दिवस के अवसर पर राज्य की सांस्कृतिक पहचान और लोक धरोहरों को सहेजने के उद्देश्य से पंच परिवर्तन के अंतर्गत एक विशेष सामाजिक व सामुदायिक संवाद का आयोजन किया जा रहा है। पारंपरिक सांस्कृतिक स्वबोध पर आधारित इस वृहद समागम के तहत मंदसौर स्थित ऐतिहासिक धर्मराजेश्वर (ब्राह्मणशैल मंदिर, हरिहर क्षेत्र) में 31 अक्टूबर से 1 नवंबर तक 32वें राष्ट्रीय अधिवेशन भारतीय युवा संसद (मध्य भारत राष्ट्रीय सत्र) का आयोजन किया जाएगा।
राष्ट्रीय अधिवेशन में प्रदेश के शैक्षणिक संस्थानों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए उच्च शिक्षा विभाग से सहयोग मांगा गया है। विभाग के ओएसडी (ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी) ने इस संबंध में प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों, मध्य प्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के सचिव तथा समस्त शासकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों को आधिकारिक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उच्च षिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, भारतीय युवा संसद के राष्ट्रीय संयोजक से प्राप्त पत्र को सभी कॉलेज प्राचार्यों को प्रेषित कर दिया गया है। अधिवेशन में शामिल होने के लिए प्रत्येक महाविद्यालय के प्राचार्य को 9,500 रुपये का शुल्क जमा कराकर अनिवार्य रूप से पंजीयन कराने और तदनुसार समय पर कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
 आदिवासियों की जमीन और सुरक्षा से खिलवाड़ बंद करे सरकार
भोपाल। प्रदेश के रीवा जिले स्थित सरई गांव में प्रस्तावित परमाणु बिजलीघर परियोजना को लेकर प्रदेश में राजनीति तेज हो गई है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने परियोजना की मंजूरी, भूमि अधिग्रहण और जनसहमति की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए सरकार से बिजलीघर की साइट बदलने की मांग की है।
राजधानी भोपाल स्थित अपने शासकीय आवास पर संवाददाताओं से चर्चा करते हुए सिंघार ने आरोप लगाया कि इस परियोजना के कारण गरीब आदिवासियों, दलितों और किसानों को विस्थापन की त्रासदी झेलनी पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि परियोजना से होने वाले स्वास्थ्य और पर्यावरणीय प्रभावों का किस आधार पर आकलन किया गया है, सरकार को यह स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि बोरिंग की अनुमति से जुड़ा ग्राम पंचायत का दस्तावेज फर्जी है। सरपंच कोमल संजय सिंह ने आयुक्त व कलेक्टर को पत्र भेजकर इस दस्तावेज को झूठा बताया है। ग्रामसभा द्वारा अनुमति न दिए जाने के बावजूद काम आगे बढ़ाने पर उन्होंने जांच की मांग की। सिंघार के अनुसार, सरकारी भूमि के अतिरिक्त लगभग 150 हेक्टेयर निजी जमीन अधिग्रहित की जानी है।
आंदोलनकारी महिला की मौत पर निष्पक्ष जांच की मांग
जल सत्याग्रह के दौरान विमला कोल नामक महिला की मौत का मुद्दा उठाते हुए सिंघार ने पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे की मांग की। उन्होंने प्रशासन के दावों पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री से इस मामले में स्थिति स्पष्ट करने और निष्पक्ष जांच कराने की अपील की।
ओबीसी आरक्षण पर विशेष सत्र की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण के मुद्दे पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस विषय पर सदन में व्यापक चर्चा कराकर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया जाना चाहिए।
 दिल्ली रैली के लिए ग्वालियर-चंबल संभाग को मिला बड़ा लक्ष्य
 विशिष्ट पहचान के लिए पहनाया जाएगा विशेष रंग का स्कार्फ
भोपाल। राजधानी दिल्ली में आगामी 1 नवंबर को आयोजित होने जा रही कांग्रेस की महारैली को ऐतिहासिक और शक्ति प्रदर्शन का बड़ा जरिया बनाने के लिए मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। संगठन स्तर पर बड़े पैमाने पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं, जिसमें भौगोलिक निकटता को देखते हुए विशेष रूप से ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों को सबसे बड़ा लक्ष्य सौंपा गया है।
प्रदेश कांग्रेस ने ग्वालियर-चंबल अंचल के प्रमुख जिलों से प्रति जिला 1,000 और बाकी छोटे जिलों से 500-500 कार्यकर्ताओं को दिल्ली लाने की जिम्मेदारी सौंपी है। जिलाध्यक्षों को दिए गए इन लक्ष्यों की कड़ाई से निगरानी और समीक्षा के लिए प्रदेश स्तर के वरिष्ठ नेताओं को विशेष पर्यवेक्षक (ऑब्जर्वर) नियुक्त किया गया है, जो सीधे संगठन को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। राज्य से दिल्ली पहुँचने वाले हज़ारों कार्यकर्ताओं के रहने, खाने और भोजन जैसी बुनियादी व्यवस्थाओं के लिए राज्यसभा सांसद अशोक सिंह के दिल्ली स्थित सरकारी आवास को मुख्य केंद्र (कंट्रोल सेंटर) बनाया गया है। प्रदेश भर से जुटने वाले कार्यकर्ता सबसे पहले सांसद के बंगले पर एकत्र होंगे और वहां से एक साथ एकजुट होकर जुलूस के रूप में रैली स्थल (रामलीला मैदान) के लिए प्रस्थान करेंगे।
देशभर से आने वाली अपार भीड़ के बीच मध्य प्रदेश के कार्यकर्ताओं की एक अलग और विशिष्ट पहचान बनी रहे, इसके लिए संगठन ने खास रणनीति बनाई है। रैली के दौरान मप्र के सभी कार्यकर्ताओं को एक विशेष रंग का स्कार्फ या बैंड पहनाया जाएगा, जिससे राज्य की मौजूदगी प्रमुखता से दर्ज हो सके।
 खड़गे के बयान पर बवालख् भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया पीसीसी का घेराव
आमने-सामने आए दोनों दलों के कार्यकर्ता, बैरिकेड्स पर चढ़े नेता और कार्यकर्ता
भोपाल।  कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वर्गीय पिता पर दी गई विवादित टिप्पणी को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति में उबाल आ गया है। इस बयान के विरोध में सोमवार को राजधानी भोपाल की सड़कों पर भारतीय जनता पार्टी ने उग्र प्रदर्शन करते हुए प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (पीसीसी) का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों को रोकने और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को वॉटर कैनन (पानी की बौछार) का प्रयोग करना पड़ा।
घटनाक्रम के अनुसार, भाजपा के सैकड़ों नेता और कार्यकर्ता सोमवार को रेडक्रॉस अस्पताल के पास एकत्र हुए। वहां से वे नारेबाजी करते हुए पैदल मार्च के रूप में कांग्रेस कार्यालय की ओर बढ़े। मार्च जैसे ही शिवाजी नगर चौराहे के समीप पहुँचा, माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। यहाँ पहले से मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में फूल और लाठियां लेकर खड़े थे, जिससे दोनों राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता सीधे आमने-सामने आ गए।
बैरिकेड्स पर चढ़े भाजपा विधायक
बढ़ते तनाव को देखते हुए पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा और विधायक भगवानदास सबनानी समर्थकों के साथ बैरिकेड्स पर चढ़ गए और जमकर नारेबाजी की। एक तरफ जहाँ भाजपा कार्यकर्ता बैरिकेड्स तोड़कर आगे बढ़ने पर आमादा थे, वहीं दूसरी ओर से कांग्रेस कार्यकर्ता भी विरोध जता रहे थे।
पुलिस ने चलाया वॉटर कैनन
स्थिति को हाथ से निकलता देख मौके पर मौजूद पुलिस बल ने मोर्चा संभाला और बैरिकेड्स पर चढ़े भाजपा कार्यकर्ताओं को पीछे धकेलने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। काफी देर तक चले इस ड्रामे और मशक्कत के बाद पुलिस स्थिति को शांत कराने में सफल रही।
क्या था विवाद का कारण?
उल्लेखनीय है कि रविवार को पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। इसी टिप्पणी से आक्रोशित भाजपा ने सोमवार को राजधानी में विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया था। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व से इस बयान पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और जवाब देने की मांग की है।
 पारंपरिक खेती छोड़ अपनाएं आधुनिक तकनीकें और उन्नत पद्धतियां
मुख्यमंत्री ने किया बलराम कृषि महोत्सव का वर्चुअल शुभारंभ
भोपाल। किसानों की समृद्धि और कृषि क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को नरसिंहपुर जिले के कृषि उपज मंडी समिति प्रांगण में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने इस अनूठे आयोजन की सराहना करते हुए नरसिंहपुर की कृषि पद्धतियों को पूरे देश के लिए एक मिसाल बताया और किसानों से पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर अधिक आमदनी देने वाली उन्नत कृषि अपनाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संबोधन में कहा कि नरसिंहपुर जिला अपनी उन्नत कृषि पद्धतियों और मेहनत-लगन के लिए पूरे देश में एक विशेष पहचान रखता है। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव किसानों के सम्मान, उनके विकास और उनकी समृद्धि के संकल्प को आगे बढ़ाने का एक सशक्त मंच है। किसानों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए सिंचाई संसाधनों के बेहतर उपयोग और आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इस दिशा में नदी जोड़ो अभियान सहित विभिन्न माध्यमों से कृषि और इससे जुड़े व्यवसायों को निरंतर गति दी जा रही है।
सहकारिता और आधुनिक तकनीकों पर जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्य सहकारी बैंक (अपैक्स बैंक) के प्रशासक महेंद्र सिंह यादव ने कहा कि देश के अन्नदाता किसान की समृद्धि से ही मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था का सपना साकार हो सकता है। भगवान बलराम की जयंती को किसान दिवस के रूप में मनाने की यह पहल किसानों के प्रति सम्मान और कृषि विकास को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सराहनीय कदम है।
प्रदर्शनी में चमके प्रगतिशील किसानों के नवाचार
मंडी प्रांगण में आयोजित आधुनिक कृषि यंत्रों, ड्रिप-स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणालियों और कृषि नवाचारों की प्रदर्शनी मुख्य आकर्षण का केंद्र रही। इस दौरान जिले के प्रगतिशील किसानों ने अपने सफल अनुभवों को साझा किया। इन्द्रपाल पटेल (ग्राम चीलाचौनकलां, नरसिंहपुर) ने नरवाई प्रबंधन और सुपर सीडर के माध्यम से वैज्ञानिक और पर्यावरण-अनुकूल बोनी के अपने अनुभव साझा किए। शिवानी कौरव (ग्राम पुसारिया, चीचली) प्राकृतिक खेती और केंचुआ खाद इकाई के जरिए ग्रामीण क्षेत्र में कृषि को बढ़ावा देने का अनूठा उदाहरण पेश किया। लक्ष्मण पटेल (ग्राम रीछा, गोटेगांव) ने प्राकृतिक खेती और ढाई/ड्रिप-डाल उत्पादन से संबंधित गतिविधियों पर अपने विचार रखे।
 

 
 
 
 
 
 
 
 
 

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