भोपाल नवाब की प्रॉपर्टी पर सैफ अली खान के साथ राबिया सुल्तान के वारिसों का दावा

Updesh Awasthee   personUpdesh Awasthee    10/04/2026 10:59:00 PM2 minute read
भोपाल, 4 अक्टूबर 2026: आजादी के समय भोपाल के अंतिम नवाब, हमीदुल्लाह खान की 10,000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की प्रॉपर्टी पर बॉलीवुड एक्टर और करीना कपूर के पति सैफ अली खान के साथ नवाब की तीसरी बेटी राबिया सुल्तान के बारिशों ने भी दावा ठोक दिया है। मजे की बात यह है कि समाचारों में इसको 10000 करोड़ की प्रॉपर्टी कहते हैं, डॉक्यूमेंट में लगभग 7000 करोड़ की प्रॉपर्टी है और असल में तो पता नहीं कितनी बची है। लोगों ने उस पर कब्जा कर लिया था। फिर किसी ने किसी को, किसी ने किसी को और किसी ने किसी को बेच दिया है। 
 

पुरानी प्रॉपर्टी पर, नया विवाद नई समिति

नया विवाद उपस्थित होने के कारण, भोपाल जिला प्रशासन ने अंतिम नवाब हमीदुल्लाह खान की 10,000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की विशाल भू-संपत्तियों की जांच और सत्यापन के लिए सात सदस्यीय समिति का गठन किया है। जिला कलेक्टर के नेतृत्व में प्रशासन ने पांच क्षेत्रों: बैरागढ़, टीटी नगर, कोलार, हुजूर और गोविंदपुरा के SDMs को भूमि रिकॉर्ड का सर्वेक्षण और सत्यापन करने के निर्देश जारी किए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस विशेष पैनल को भोपाल के खानूगांव, कोहेफिजा और चिकलोद की जमीनों के अलावा मैपल हाउस, रियाज मंजिल और नानी की हवेली जैसी विशिष्ट शाही संपत्तियों का मूल्यांकन और पहचान करने का जिम्मा सौंपा गया है। 

शत्रु संपत्ति विवाद और उत्तराधिकार के दावे

केंद्र सरकार ने पूर्व नवाब की संपत्ति को शत्रु संपत्ति घोषित किया है। सरकार का तर्क है कि नवाब हमीदुल्लाह खान की सबसे बड़ी बेटी आबिदा सुल्तान विभाजन के समय पाकिस्तान चली गई थीं। इसलिए उनके द्वारा भोपाल में लावारिस छोड़ी गई संपत्ति, सरकार की है। 
सैफ अली खान पटौदी और उनके परिवार ने इस संपत्ति पर अपना दावा ठोका है। उनका कहना है कि उनकी दादी साजिदा सुल्तान (हमीदुल्लाह खान की दूसरी बेटी) नवाब की वास्तविक उत्तराधिकारी थीं, क्योंकि भारत सरकार ने विलय संधि पर हस्ताक्षर कर उन्हें भोपाल का शासक स्वीकार किया था। यह मामला फिलहाल अदालत में लंबित है। 
 
मामले में नया मोड़ देते हुए नवाब की तीसरी बेटी राबिया सुल्तान के वारिसों ने भी जिला अदालत में याचिका दायर कर इस्लामिक कानून के तहत संपत्तियों के बंटवारे की मांग की है। 
 
गठित समिति शाही संपत्तियों के ऐतिहासिक राजस्व और भूमि लेनदेन के रिकॉर्ड का विस्तृत ऑडिट करेगी। अनुमान के मुताबिक, इस कुल संपत्ति में से 5,700 करोड़ रुपये की संपत्ति भोपाल में और 1,370 करोड़ रुपये की संपत्ति जिले के बाहर स्थित है।

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