राजधानी भोपाल में बुधवार को राष्ट्रीय महिला आयोग की जनसुनवाई में महिलाओं से जुड़े कई गंभीर मामलों की सुनवाई की गई। महारानी लक्ष्मीबाई कॉलेज परिसर में आयोजित इस जनसुनवाई में आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर की अध्यक्षता में करीब 50 शिकायतों पर सुनवाई हुई। कार्यक्रम में कलेक्टर, पुलिस कमिश्नर समेत संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। जनसुनवाई के दौरान घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न, साइबर क्राइम और पारिवारिक विवाद से जुड़े कई मामले सामने आए। आयोग की अध्यक्ष ने कई मामलों में मौके पर ही अधिकारियों को जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए।
पति पर सगी बहन से संबंध का आरोप
जनसुनवाई में पहुंची एक महिला ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसका पति उसके सामने ही अपनी सगी बहन के साथ संबंध बनाता है और उसे उसी कमरे में रखता है। महिला का कहना था कि उसने इस मामले की शिकायत ससुराल पक्ष और पुलिस से भी की, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। महिला ने बताया कि पुलिस ने उसकी शिकायत तक दर्ज नहीं की। मामला सुनने के बाद आयोग की अध्यक्ष ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए और पीड़िता को न्याय दिलाने का भरोसा दिया।
9 साल से प्रताड़ना का आरोप, आयोग ने मांगी रिपोर्ट
जनसुनवाई में मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ में पदस्थ एक महिला कर्मचारी ने भी शिकायत दर्ज कराई। महिला ने आरोप लगाया कि संघ में पदस्थ उपयंत्री प्रवीण माथुर पिछले नौ वर्षों से उसे प्रताड़ित कर रहे हैं। महिला का कहना है कि उसने पुलिस में शिकायत दी, विभागीय जांच भी हुई और आंतरिक शिकायत समिति ने भी आरोपी को दोषी पाया, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं की गई। आयोग ने मामले में अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब कर कार्रवाई के निर्देश दिए।पीछा करने की शिकायत लेकर पहुंची महिला
एक अन्य महिला अपने एक साल के बच्चे के साथ जनसुनवाई में पहुंची और आरोप लगाया कि 2025 से एक व्यक्ति उसका पीछा कर रहा है और परेशान कर रहा है। उसने पुलिस में शिकायत भी की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आयोग ने इस मामले में भी पुलिस को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
कुछ मामलों का मौके पर हुआ समाधान
जनसुनवाई के दौरान करोंद क्षेत्र की एक महिला ने बताया कि उसका पारिवारिक विवाद पहले ही सुलझ चुका है, लेकिन आयोग में की गई शिकायत वापस नहीं हुई थी, इसलिए उसे उपस्थित होना पड़ा। इस पर आयोग की अध्यक्ष ने दोनों पक्षों की सहमति से मामला समाप्त कराते हुए औपचारिक रूप से विवाद खत्म कराया।
महिलाओं के बीच पहुंच रहा आयोग
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कहा कि कई महिलाएं अपनी समस्याएं लेकर दिल्ली स्थित आयोग कार्यालय तक नहीं पहुंच पातीं। इसी कारण आयोग देश के अलग-अलग राज्यों में जाकर जनसुनवाई आयोजित कर रहा है, ताकि पीड़ित महिलाओं को न्याय मिल सके। उन्होंने बताया कि भोपाल में करीब 50 मामलों की सुनवाई की गई, जिनमें कई मामलों में मौके पर ही अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए।