कहां हैं ईरान के नए सुप्रीम लीडर: काले लिबास वाला किल स्क्वाड क्या है, जो अमेरिका से कर रहा मोजतबा की रक्षा?

स्पेशल डेस्क, अमर उजाला Published by: Kirtivardhan Mishra Updated Wed, 11 Mar 2026 07:59 PM IST

मोजतबा खामेनेई अभी कहां हैं? पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद से उनकी स्थिति को लेकर क्या जानकारी सामने आई है? वह सुरक्षा टीम क्या है, जिसे अमेरिका-इस्राइल के खतरे को देखते हुए मोजतबा खामेनेई की सुरक्षा में लगाया गया है? इसके खतरनाक किल स्क्वाड के बारे में क्या जानकारी मौजूद है? आइये जानते हैं...

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ईरान का किलर स्क्वाड मोजतबा खामेनेई की सुरक्षा में जुटा। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इस्राइल-अमेरिका के ईरान से शुरू युद्ध का आज 12वां दिन है। दोनों ही पक्षों की तरफ से अब तक संघर्ष को रोकने का कोई इशारा नहीं मिला है। जहां अमेरिका और इस्राइल ने अगले कुछ दिनों के अंदर ईरान में बड़े बदलाव का दावा किया है, वहीं ईरान ने भी अंत तक इन दोनों देशों के खिलाफ जंग लड़ने की बात कही है। ईरान की तरफ से अब तक पश्चिम एशिया संघर्ष को लेकर सभी बयान या तो ईरान के शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारी अली लारिजानी, ईरान रेवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के कमांडर अली मोहम्मद नइनी या फिर राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान की तरफ से दिया गया है। वहीं, ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के सार्वजनिक बयान अब तक सामने नहीं आए हैं। 

युद्ध के बाद से कहां हैं मोजतबा खामेनेई?

अमेरिका-इस्राइल के हमले के पहले ही दिन तेहरान में जबरदस्त हमले किए गए थे। इस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु हो गई। उनके साथ उनके परिवार के अधिकतर सदस्यों की जान चली गई। इनमें खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई की पत्नी और बच्चे भी शामिल रहे। हालांकि, खुद मोजतबा बच निकले। उनके जीवित होने और उन्हें ईरान का नया सुप्रीम लीडर बनाए जाने से जुड़ी घोषणाएं भी हुईं। हालांकि, वे खुद अब तक सार्वजनिक तौर पर सामने नहीं आए हैं। यहां तक कि उनका मौजूदा ठिकाना भी रहस्य में है। 

'द न्यूयॉर्क टाइम्स' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी अधिकारियों ने बताया है कि मोजतबा खामेनेई एक बेहद सुरक्षित स्थान पर हैं और उनका बाहरी दुनिया से संचार बहुत सीमित है। ईरान की सरकारी मीडिया ने हाल ही में उन्हें 'रमजान के युद्ध का जांबाज' कहकर संबोधित किया था, जिससे यह अटकलें तेज हो गईं कि वे अमेरिकी-इस्राइली हमलों में घायल हुए हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में ईरानी सूत्रों के हवाले से दावा किया गया कि उन्हें पैरों में चोटें आई हैं। हालांकि, इस पर ज्यादा स्थिति स्पष्ट नहीं की गई।

सुप्रीम लीडर बनने के बाद मोजतबा को लेकर क्या सामने आया?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के रेवोल्यूशनरी गार्ड्स ने मोजतबा को सुप्रीम लीडर बनाने का निर्णय जबरन लागू करवाया। आईआरजीसी उन्हें उनके पिता का एक अधिक लचीला संस्करण मानती है जो उनकी कट्टरपंथी नीतियों का समर्थन कर सकता है।

इन अटकलों के बीच सुप्रीम लीडर घोषित होने के बावजूद, मोजतबा ने अब तक देश को संबोधित नहीं किया है, और न ही कोई वीडियो या लिखित बयान जारी किया है। यहां तक कि सरकारी मीडिया भी उन्हें दिखाने के लिए उनकी पुरानी फुटेज का इस्तेमाल कर रहा है।
उनके घायल होने की खबरों के बीच, ईरान के राष्ट्रपति के बेटे और सरकारी सलाहकार यूसुफ पेजेश्कियान ने अपने टेलीग्राम चैनल पर स्पष्ट किया है कि मोजतबा खामेनेई पूरी तरह से सुरक्षित और स्वस्थ हैं। इस बीच फॉक्स न्यूज की एक रिपोर्ट में कहा गया कि मोजतबा की सुरक्षा का जिम्मा ईरान की एलीट 'ब्लैक-क्लैड' आतंकरोधी विशेष बल- निरौयेह विजेह पासदारन विलायत (NOPO) को सौंपा गया है।

मोजतबा के छिपे होने के बावजूद, ईरान में उनके समर्थन में अभियान चलाए जा रहे हैं। तेहरान के ऐतिहासिक वलीअसर स्क्वायर पर जमीन में एक नई चित्रकारी गढ़ी गई है, जिसमें मोजतबा को अपने दिवंगत पिता से झंडा लेते हुए दिखाया गया है। इसके अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया टिप्पणियों के विरोध में और नए लीडर के प्रति वफादारी जताने के लिए तेहरान में रैलियां भी निकाली गई हैं

क्या है वह विशेष बल, जिसे सौंपा गया खामेनेई की सुरक्षा का जिम्मा?

मोजतबा खामेनेई की सुरक्षा का जिम्मा ईरान के एक बेहद खतरनाक और एलीट विशेष बल नोपो को सौंपा गया है। 
पूरा नाम और अर्थ: NOPO एक फारसी संक्षिप्त नाम है, जिसका पूरा रूप 'निरौयेह विजेह पासदारन विलायत' है। इसका अनुवाद 'सुप्रीम लीडर की रक्षा के लिए विशेष बल' होता है। इसे ईरान के 'ब्लैक-क्लैड' (काले लिबास वाले) आतंकरोधी विशेष बल या 'किल स्क्वाड' के रूप में भी जाना जाता है।

स्थापना और बनावट: इस बल का गठन 1991 में 28वें रूहोल्ला डिवीजन को केंद्र में रखकर किया गया था। यह बल काफी सीमित है और केवल छह ब्रिगेड से मिलकर बना है, जिनमें से चार राजधानी तेहरान में, एक मशहद में और एक इस्फहान में तैनात है।

इस खतरनाक स्क्वाड के बारे में क्या जानकारी मौजूद?

समय के साथ नोपो ईरान के मुख्य सैन्य बल रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) से अलग एक बेहद विशिष्ट और हाई-प्रोफाइल इकाई के रूप में विकसित हुआ है। जानकारों के मुताबिक, यह बल आईआरजीसी की तुलना में कहीं ज्यादा घातक, क्रूर और अच्छी तरह से प्रशिक्षित है।

बताया जाता है कि यूं तो इस सुरक्षा बल का मुख्य काम बंधकों को छुड़ाना है, लेकिन यह बल विरोध प्रदर्शनों को बेरहमी से कुचलने के लिए भी जाना जाता है। 1999 के छात्र विरोध, 2019 की अशांति और नैतिकता पुलिस की कस्टडी में सिर न ढकने की आरोपी बनाई गईं महसा अमिनी की हत्या के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों को हिंसक रूप से दबाने में इस बल की प्रमुख भूमिका रही है।
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, मोहसिन इब्राहिमी के नेतृत्व वाले नोपो किलर स्क्वाड ने 2019 के विरोध प्रदर्शनों के दौरान सड़कों को बख्तरबंद वाहनों से रोक दिया था और निहत्थे प्रदर्शनकारियों, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे पर भारी मशीनगनों और ऑटोमैटिक हथियारों से अंधाधुंध फायरिंग की थी। इस घटना के बाद मानवाधिकार उल्लंघनों के आरोप में 2021 में अमेरिका ने इस बल पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए थे।

क्यों इसी बल को सौंपी गई मोजतबा की सुरक्षा?

मोजतबा के दिवंगत पिता, अली खामेनेई, अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी अन्य सुरक्षा बल पर भरोसा नहीं करते थे। इस ब्रिगेड की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसकी वफादारी सीधे तौर पर सिर्फ सुप्रीम लीडर के प्रति होती है। फ्रांस में स्थित एनजीओ नेशनल काउंसिल ऑफ रजिस्टेंस ऑफ ईरान के एक अधिकारी अली सफावी के मुताबिक, यह काफी हद तक संभव है कि अमेरिका-इस्राइल के जिस हमले में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हुई है, उसी हमले में नोपो के कई अधिकारियों या सभी अधिकारियों की मौत हो गई हो। यानी मोजतबा की सुरक्षा के लिए नई भरोसेमंद टीम का गठन हुआ होगा।

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