मध्यप्रदेश विधानसभा का संक्षिप्त शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से शुरू हो रहा है, जिसमें सरकार अनुपूरक बजट सहित कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने जा रही है। विपक्ष भी सिरप कांड, खाद संकट और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
राज्य विधानसभा का संक्षिप्त शीतकालीन सत्र सोमवार एक दिसंबर से शुरू हो रहा है। पांच दिसंबर तक चलने वाले सत्र में चार बैठकें होंगी। इसमें अनुपूरक बजट समेत चार विधेयक लाए जा सकते हैं। विधानसभा सत्र में 10 हजार करोड़ रुपये के द्वितीय अनुपूरक बजट को सरकार पेश कर सकती है। साथ ही इसमें नगरपालिका अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया में बदलाव, दुकान और प्रतिष्ठान (संशोधन) विधेयक 2025 विधेयक पर चर्चा हो सकती है। दोनों प्रस्तावों को कैबिनेट पहले ही मंजूरी दे चुकी है और विधानसभा में स्वीकृति के बाद ये प्रदेश में नियम बन जाएंगे। इसके अलावा जनप्रतिनिधियों के वेतन बढ़ाने के विधेयक को भी सरकार इस सत्र में ला सकती है। पहले दिन सदन में अलग-अलग विभागों की ओर से कई अध्यादेश, वार्षिक प्रतिवेदन और अधिसूचनाएं पटल पर रखी जाएगी। इनमें प्रमुख रूप से नगरपालिका (संशोधन) अध्यादेश 2025, रेरा (RERA) मध्यप्रदेश का वार्षिक प्रतिवेदन 2024-25, मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी का वार्षिक प्रतिवेदन 2020–21, विद्युत नियामक आयोग की तीन अधिसूचनाएं और मानव अधिकार आयोग और राज्य सूचना आयोग के वार्षिक प्रतिवेदन शामिल है। सत्र के दौरान विपक्षी कांग्रेस छिंदवाड़ा के कप सिरप कांड, खाद की कमी और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को सदन में जोरदार तरीके से उठाने की तैयारी में है। इन विषयों पर विरोध प्रदर्शन की भी संभावना जताई जा रही है। कांग्रेस ने पांच दिन के सत्र को बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन फिलहाल इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
बता दें, सत्र में एक दिसंबर, दो दिसंबर, चार दिसंबर और पांच दिसंबर को बैठक होगी। तीन दिसंबर को विधानसभा नहीं चलेगा। इस दिन भोपाल गैस त्रासदी की बरसी है और राज्य शासन ने भोपाल में सार्वजनिक अवकाश का दिन तय कर रखा है। नपा अध्यक्ष को वापस बुलाने का प्रावधान
सरकार नगरीय निकायों में अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर व्यवस्था बदलने जा रही है। अभी नगर पालिका और नगर परिषद में अध्यक्ष का चुनाव पार्षदों के माध्यम से होता है, लेकिन प्रस्तावित संशोधन के बाद अध्यक्ष को क्षेत्र के मतदाता सीधे चुन सकेंगे। इससे पहले भी वर्षों तक अध्यक्षों का चयन प्रत्यक्ष मतदान से ही होता रहा है। नए कानून में राइट टू रिकॉल का प्रावधान भी जोड़ा जाएगा, जिसके तहत जनता यदि अध्यक्ष के कामकाज से असंतुष्ट हो तो मतदान कर उन्हें पद से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर सकेगी।
गुमास्ता लाइसेंस की फीस पांच हजार होगी
दुकान एवं संस्थान अधिनियम में संशोधन के तहत कर्मचारियों को सप्ताह में एक अनिवार्य अवकाश देना दुकानदारों के लिए जरूरी होगा। यानी किसी भी दुकान या संस्थान में काम करने वाले से सप्ताह में अधिकतम छह दिन ही काम लिया जा सकेगा। इसके साथ ही दुकान खोलने के लिए आवश्यक गुमास्ता लाइसेंस की फीस में बड़ा परिवर्तन प्रस्तावित है। वर्तमान में 100 से 500 रुपये तक की फीस को बढ़ाकर 5,000 रुपए करने की तैयारी है। बड़े प्रतिष्ठान और होटलों के लिए इससे भी अधिक शुल्क तय किया जा सकता है।
विधायकों ने 1497 सवाल पूछे
दिसंबर सत्र की अधिसूचना जारी होने से अब तक विधानसभा सचिवालय में तारांकित पश्न 751 एवं अतारांकित प्रश्न 746 कुल 1497 प्रश्नों की सूचनाएं प्राप्त हई हैं। जबकि ध्यानाकर्षण की 194,स्थगन प्रस्ताव की 06,अशासकीय संकल्प की 14,शून्यकाल की 52, नियम -139 की 02 सूचनाएं, 15 याचिकाएं प्राप्त हई हैं। शासकीय विधेयक भी 02 प्राप्त हुए हैं। बता दें कि मध्य प्रदेश की सोलहवीं विधानसभा का यह सप्तम सत्र होगा।