
नेफ्यू रियो, नगालैंड के मुख्यमंत्री - फोटो : ANI
नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने एक बार फिर केंद्र सरकार से राज्य से प्रोटेक्टेड एरिया परमिट (पीएपी) हटाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि विदेशी नागरिकों के लिए यह नियम बड़ी बाधा बन रहा है और नगालैंड की स्थिति को देखते हुए इसे स्थायी रूप से खत्म किया जाना चाहिए। रविवार को कोहिमा के इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम 'नगालैंड यूनाइटेड - विश्वास, आशा और पुनरुत्थान का एक समागम' में बोलते हुए सीएम रियो ने कहा कि विदेशी मेहमान अक्सर परमिट में देरी के कारण कार्यक्रमों में शामिल नहीं हो पाते। इस बार अमेरिकी प्रचारक फ्रैंकलिन ग्रैहम को मुख्य वक्ता होना था और वे हॉर्नबिल फेस्टिवल के उद्घाटन में भी शामिल होने वाले थे, लेकिन उनके दस्तावेज और मंजूरी समय पर न मिल पाने के कारण वे नहीं आ सके।
पीएपी क्या है?
प्रोटेक्टेड एरिया परमिट वह दस्तावेज है जिसकी जरूरत विदेशी नागरिकों को देश के कई संवेदनशील इलाकों- जैसे नगालैंड, मिजोरम, और मणिपुर- में यात्रा करने के लिए पड़ती है।
मुख्यमंत्री रियो की दलील
सीएम रियो ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इस मुद्दे पर संवेदनशीलता दिखाएगी और स्थायी समाधान निकालेगी। उन्होंने कहा, 'नगालैंड को जमीनी परिस्थिति के आधार पर अलग तरह से देखा जाना चाहिए। राज्य हमेशा शांति और सद्भाव चाहता है।' कार्यक्रम में विश्वास, एकता और शांति का संदेश
सीएम रियो ने कार्यक्रम में आए बिली ग्राहम इवेंजेलिस्टिक एसोसिएशन (बीजीईए) के प्रतिनिधियों का स्वागत किया और 1972 में आयोजित ऐतिहासिक 'बिली ग्रैहम क्रूसेड' को याद किया, जिसमें वे किशोरावस्था में शामिल हुए थे। उन्होंने नगा समाज में सुसमाचार और शिक्षा के सकारात्मक प्रभावों को भी रेखांकित किया। जैसे-जैसे क्रिसमस और हॉर्नबिल उत्सव करीब आ रहा है, मुख्यमंत्री ने लोगों से भाईचारे, शांति और मेल-जोल के साथ आगे बढ़ने की अपील की।
हजारों लोगों की मौजूदगी
इस कार्यक्रम में युवा, बुजुर्ग और बच्चों समेत हजारों लोग शामिल हुए। पूरा स्टेडियम प्रार्थना, संगीत और उपासना के माहौल से भरा रहा। मुख्य संदेश में रेव. रॉबर्ट कुनविल ने कहा कि इंसान को कभी-कभी दुनिया की भागदौड़ से हटकर ईश्वर की आवाज सुनने की जरूरत होती है।