10:42 PM, 17-Apr-2026
सवाल पूछना लोकतंत्र का हिस्सा- मनोज कुमार झा
राष्ट्रीय जनता दल के सांसद मनोज कुमार झा ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि देश हित से जुड़े सवाल पूछना लोकतंत्र का हिस्सा है और सरकार या किसी भी पक्ष से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाना आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय हित और किसी राजनीतिक दल के हित को एक जैसा नहीं माना जा सकता।
10:39 PM, 17-Apr-2026
'सरकार का वास्तविक उद्देश्य कुछ और था'
कांग्रेस सांसद के. सी. वेणुगोपाल ने सरकार पर पलटवार करते हुए कहा कि महिला आरक्षण के पीछे वास्तविक उद्देश्य कुछ और था। उनके अनुसार, इस विधेयक का उपयोग परिसीमन और निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्गठन से जुड़े राजनीतिक हित साधने के लिए किया जा रहा था, जिससे सत्ता संतुलन को प्रभावित किया जा सके
10:37 PM, 17-Apr-2026
आधी आबादी की अपेक्षाओं को नुकसान- धर्मेंद्र प्रधान
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पार्टी ने महिला सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय के मुद्दे पर नकारात्मक रवैया अपनाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषय को राजनीतिक दृष्टिकोण से देखा, जिससे देश की आधी आबादी की अपेक्षाओं को नुकसान पहुंचा है।
09:37 PM, 17-Apr-2026
बेहद दुर्भाग्यपूर्ण- किरेन रिजिजू
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी देश में महिलाओं के अधिकारों से जुड़े विधेयक का विरोध किया जाए और उसे राजनीतिक उपलब्धि के रूप में देखा जाए, तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने दावा किया कि सरकार महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में आगे भी प्रयास जारी रहेंगे।
09:16 PM, 17-Apr-2026
विपक्ष ने इसे समर्थन नहीं दिया- राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह दिन भारतीय लोकतंत्र के लिए निराशाजनक है। उनके अनुसार, यह विधेयक महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व में एक-तिहाई आरक्षण देने के उद्देश्य से लाया गया था, लेकिन विपक्ष के रुख ने इस प्रक्रिया को बाधित किया। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी दलों से राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर इस विधेयक का समर्थन करने की अपील की थी, लेकिन इसके बावजूद विपक्ष ने इसे समर्थन नहीं दिया।
08:47 PM, 17-Apr-2026
यह सचमुच निंदनीय और कल्पना से परे- अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा से महिला आरक्षण से जुड़े विधेयक के गिरने के बाद सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट में कहा 'आज लोकसभा में बहुत अजीब दृश्य दिखा। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए जरूरी संविधान संशोधन बिल को कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके और समाजवादी पार्टी ने पारित नहीं होने दिया। महिलाओं को 33% आरक्षण देने के बिल को गिरा देना, उसका उत्साह मनाना और जयनाद करना सचमुच निंदनीय और कल्पना से परे है।'
उन्होंने लिखा 'अब देश की महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33% आरक्षण, जो उनका अधिकार था, वह नहीं मिल पाएगा। कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने यह पहली बार नहीं किया, बल्कि बार-बार किया है। उनकी यह सोच न महिलाओं के हित में है और न देश के। मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि नारी शक्ति के अपमान की यह बात यहां नहीं रुकेगी, दूर तक जाएगी। विपक्ष को ‘महिलाओं का आक्रोश’ न सिर्फ 2029 लोकसभा चुनाव में, बल्कि हर स्तर, हर चुनाव और हर स्थान पर झेलना पड़ेगा।'
08:38 PM, 17-Apr-2026
संसद परिसर में NDA की महिला सांसदों का प्रदर्शन
लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 पारित नहीं हो पाने के बाद एनडीए की महिला सांसदों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। महिला आरक्षण से जुड़े इस विधेयक के असफल रहने पर सांसदों ने नाराजगी जताई और इसे महिलाओं के अधिकारों से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताय
07:48 PM, 17-Apr-2026
लोकसभा में 298 सांसदों ने पक्ष में किया मतदान
लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन संशोधन विधेयक पर व्यापक चर्चा के बाद अब इस महत्वपूर्ण बिल पर शुक्रवार शाम को वोटिंग हुई। कुल 528 सदस्यों ने मतदान किया, जिसमें 298 सांसदों ने इस विधेयक के समर्थन में मतदान किया, जबकि 230 सांसदों ने इसके विरोध में वोट डाला। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि यह विधेयक दो-तिहाई सदस्यों द्वारा पारित नहीं हो सका। अब इस संविधान संशोधन विधेयक पर आगे की कार्यवाही करना संभव नहीं है। दो अन्य विधेयकों के संबंध में आगे की कार्यवाही पर सत्ता पक्ष द्वारा निर्णय लिया जाना है।
इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि यह महिलाओं को सम्मान और अधिकार देने से जुड़ा ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण विधेयक था। इसी पर यह नतीजा आया है। विपक्ष ने इसमें साथ नहीं दिया। बहुत खेद की बात है। आपने एक ऐतिहासिक मौका गंवा दिया। महिलाओं को सम्मान और अधिकार देने का हमारा अभियान जारी रहेगा और हम उन्हें अधिकार दिलाकर ही रहेंगे। जिसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने लोकसभा को कल (शनिवार) सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया है।
07:05 PM, 17-Apr-2026
अमित शाह बोले- धर्म के आधार पर आरक्षण कभी नहीं देंगे
अमित शाह ने कहा 'भारतीय संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण का कोई प्रावधान नहीं है, इसके बावजूद इंडी अलायंस के दलों ने केवल अपनी राजनीति चमकाने के लिए देश में मुस्लिम आरक्षण की मांग की है। इस देश में यदि ओबीसी समाज की कोई सबसे बड़ी विरोधी पार्टी है, तो वह कांग्रेस है। इन्होंने चौधरी चरण सिंह और सीताराम केसरी जैसे नेताओं की मांगों को कभी पूरा नहीं किया। इतिहास गवाह है कि कांग्रेस ने हमेशा पिछड़ों के हितों को दबाया है।
उन्होंने बताया '1950 के दशक में काका कालेलकर आयोग के सुझावों को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। 1980 में जब इंदिरा जी सत्ता में आईं, तब मंडल आयोग के सुझावों को नकार दिया गया। 1990 में जब वीपी सिंह की सरकार आई, तब जाकर मंडल आयोग लागू हो सका।'
शाह ने कहा 'विपक्ष के तत्कालीन नेता नेहरू जी ने तो मंडल आयोग के विरोध में सदन में सबसे लंबा भाषण दिया था। कांग्रेस ने हमेशा जातिगत जनगणना का भी विरोध किया, लेकिन अब जब वे चुनाव हार रहे हैं, तो अचानक ओबीसी के हितैषी बनने का ढोंग कर रहे हैं।' उन्होंने आगे कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने एक अति पिछड़े समाज के व्यक्ति को देश का प्रधानमंत्री बनाया है। मोदी सरकार में आज 27 मंत्री ओबीसी समुदाय से हैं, जो कुल मंत्रिमंडल का लगभग 40 प्रतिशत है। प्रधानमंत्री मोदी ने ही ओबीसी आयोग को संवैधानिक मान्यता दी और राज्यों को ओबीसी सूची संशोधित करने का अधिकार पुनः प्रदान किया। मोदी सरकार ने अब तक 16 नई जातियों को ओबीसी श्रेणी में शामिल कर उन्हें न्याय दिलाया है।
06:59 PM, 17-Apr-2026
अमित शाह बोले- 50% संशोधन बिल लाने को तैयार
चर्चा के दौरान अमित शाह ने कहा कि यदि सदन सहमत हो तो वे 50 प्रतिशत लोकसभा सीटें बढ़ाने से संबंधित संशोधन बिल लाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि यदि आवश्यकता हो तो एक घंटे के लिए सदन की कार्यवाही रोककर भी इस पर कदम उठाया जा सकता है। इसी बीच कांग्रेस सांसद के. सी. वेणुगोपाल ने इस पर सवाल करते हुए सरकार की मंशा और प्रक्रिया को लेकर स्पष्टीकरण मांगा।
वहीं, चर्चा के दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि कई बार सदन में महत्वपूर्ण फैसले चर्चा के दौरान ही लिए जा सकते हैं, इसलिए इस मुद्दे पर सहमति बनाने की जरूरत है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इस बहस में अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों के अनुभव को देखते हुए उन्हें सरकार के आश्वासनों पर पूरी तरह भरोसा नहीं है। उन्होंने तंज करते हुए यह भी कहा कि अगर भाजपा लिखकर दे देंगे कि हम महिला प्रधानमंत्री बनाएंगे तो भी मैं इनपर भरोसा नहीं करूंगा।
06:56 PM, 17-Apr-2026
वोट मांगने जाएंगे तो मातृशक्ति हिसाब मांगेगी- शाह
अमित शाह ने कहा 'मैं समझ रहा हूं कि ये वोट नहीं देंगे तो बिल गिर जाएगा। मगर इस देश की महिलाएं देख रही हैं कि उनके रास्ते का रोड़ा कौन है। यहां पर तो शोर शराबा करके बच जाओगे लेकिन माताओं -बहनों का आक्रोश बाहर पता चलेगा। जब चुनाव में वोट मांगने जाएंगे तो मातृशक्ति हिसाब मांगेगी।'
06:21 PM, 17-Apr-2026
हर सीट पर वोटर्स की संख्या अलग- शाह
अमित शाह ने कहा कि 'देश की जनता निर्णय करती है। जनता चुनकर सदन में भेजती है। परिसीमन के दौरान रोड, रेलवे आदि की स्थिति को भी सदन में बताया जाएगा। मोदी जी के नेतृत्व में सरकार यह संविधानिक सुधार लेकर आई है।'
उन्होंने कहा 'साल 1971 में कांग्रेस सरकार थी। उस वक्त सीटों को फ्रीज कर दी गई थी। 71 से अबतक सीटों की संख्या अब तक फ्रीज रही। 127 सीटें ऐसी हैं जहां 20 लाख से ज्यादा मतदाता हैं। कोई मुझे बताए कि कोई भी सांसद इतने मतदाताओं वाले लोकसभा सीट को कैसे ठीक से देख सकता है।'
06:10 PM, 17-Apr-2026
अमित शाह का संबोधन शुरू
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह महिला आरक्षण बिल पर लोकसभा में जवाब दे रहे है। अमित शाह ने कहा 'सबने बोला है कि हम इसके पक्ष में है। हम स्वागत करते हैं मगर उसको बारिकी से देखें तो इंडी अलायंस के सभी सदस्यों ने अगर, मगर, किंतु, परंतु, का उपयोग करते साफ रूप से महिला आरक्षण का विरोध किया है।'
उन्होंने आगे कहा 'मैं सदन के माध्यम से जनता को बताना चाहता हूं, यह विरोध केवल और केवल महिला आरक्षण का ही है। मेरी जिम्मेदारी बनती है कि सदन को मैं इस बात की जनकारी दूं। इन तीन विधेयकों का उद्देश्य है महिला सशक्तिकरण।' शाह ने आगे कहा 'इस पूरे सदन में 543 सीटें हैं। किसी ससंद सीटों पर वोटरों की संख्या 39 लाख है, किसी की 7 लाख। इतनी बड़ी आबादी को सांसद कैसे संभाल सकते हैं। इसी समस्या के निराकरण के लिए हम महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन विधेयक लाए हैं। हमारे संविधान में समय-समय पर सुधार का प्रावधान किया गया है। जो परिसीमन का विरोध कर रहे हैं, वो एससी और एसटी सीटों का विरोध कर रहे हैं।'
05:22 PM, 17-Apr-2026
रवि किशन बोले- संघर्ष में पत्नी ने दिया साथ, इसलिए करता हूं सम्मान
भाजपा सांसद रवि किशन ने अपनी पत्नी को लेकर कहा कि उनके राजनीतिक प्रचार से लेकर जमीनी समर्थन तक में उनकी पत्नी की अहम भूमिका रहती है। रवि किशन ने कहा कि 'मेरा प्रचार भी मेरी पत्नी करती हैं। मेरा एक डेढ़ लाख वोट पत्नी लाती हैं। मैं अपनी पत्नी के पैर छूता हूं। क्यों न छुएं उसने मेरी गरीबी और स्ट्रगल में साथ दिया। हालांकि वो छूने नहीं देती मैं उनके सोते हुए पैर छू लेता हूं।'
उन्होंने बिना नाम लिए राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा 'यहां लोग अपने गार्डन की कहानी सुनाकर चले गए। पीएम का अपमान कर गए। यह दुखद है। महिलाओं को 33% आरक्षण मिलना चाहिए। अगर ये पारित नहीं हुआ तो एक भी महिला वोट विपक्ष को नहीं मिलेगा।'
04:39 PM, 17-Apr-2026
कंगना रनौत का तंज: लोकसभा में राहुल गांधी के भाषण को बताया सिरदर्द
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के हालिया भाषण को लेकर भाजपा सांसद कंगना रनौत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कंगना रनौत ने कहा कि राहुल गांधी को सुनना उनके लिए सिरदर्द जैसा अनुभव था। उनके मुताबिक, संसद में दिया गया भाषण गंभीर मुद्दों से भटकता हुआ प्रतीत हुआ और उसमें बचपन से जुड़ी कल्पनाओं और अनुभवों की झलक भी दिखी।
उन्होंने यह भी दावा किया कि सदन के भीतर कुछ मौकों पर स्पीकर की ओर से भी बीच-बचाव किया गया, लेकिन माहौल को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कंगना ने अपने बयान में तंज कसते हुए कहा कि कई बार भाषण के दौरान ऐसा लगा जैसे बातें किसी वास्तविक चर्चा से ज्यादा कल्पनात्मक या असंबंधित दिशा में जा रही हों।
04:03 PM, 17-Apr-2026
निशिकांत दुबे का कांग्रेस पर हमला: महिला आरक्षण बहस के बीच सोनिया गांधी और बोफोर्स का जिक्र
लोकसभा में महिला आरक्षण को लेकर चल रही चर्चा के दौरान भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि पिछले दो दिनों से सरकार महिलाओं को आरक्षण देने के मुद्दे पर गंभीरता से काम कर रही है और सांसद देर रात तक सदन में मौजूद रहे। मुझे लगा कि कांग्रेस के जो लीडर हैं उनका जो भाषण है वो एक शो जैसा था, जैसा कि माइकल जैक्सन का।
अपने संबोधन में दुबे ने 17 अप्रैल की तारीख का उल्लेख करते हुए कांग्रेस के अतीत पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इसी दिन वर्ष 1987 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी पर बोफोर्स मामले को लेकर आरोप लगे थे, जिसने देश की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा किया था। इसके साथ ही उन्होंने वर्ष 1998 की एक घटना का जिक्र करते हुए कांग्रेस नेतृत्व परिवर्तन को लेकर भी टिप्पणी की। दुबे ने कहा कि उस समय सोनिया गांधी सीताराम केसरी की धोती खोलकर कांग्रेस की अध्यक्ष बन गई।
03:38 PM, 17-Apr-2026
स्पीकर ने राहुल के शब्दों को कार्यवाही से हटाया
रिजिजू बोले- राहुल के भाषण से हमें आपत्ति नहीं है। वह कहते हैं कि आपॅरेशन सिंदूर एक जादू था, उसका मजाक बना रहे हैं। उसको जादू कहते हैं। रक्षामंत्री ने कहा है हम भी कह रहे हैं भाषण नियम के तहत दीजिए। बार-बार पीएम का मजाक उड़ाना गलत। पीएम आपका और मेरा नहीं है। स्पीकर ने आपत्तिजनक शब्दों को हटाया। राहुल ने फिर बोलना शुरु किया, उन्होंने कहा, दरअसल भाजपा के अंदर कंफ्यूजन चल रहा है। स्पीकर ने राहुल से बैठने को कहा।
03:38 PM, 17-Apr-2026
राहुल की स्पीच पर राजनाथ बोले- ये देश का अपमान
राहुल के जादूगर शब्द पर केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने आपत्ति जताई है। कहा-'विपक्ष के नेता अनाप शनाप बातें कर रहे हैं। पीएम के लिए ऐसा बोलेंगे। वे चुने हुए लीडर हैं।'
राजनाथ बोले- 'इस देश के पीएम के संबंध में जिस तरह के शब्दों का प्रयोग किया जा रहा है। इसकी घोर निंदा की जानी चाहिए। इस देश की जनता ने उन्हें पीएम बनाया है। राहुल ने जिन शब्दों का प्रयोग किया उसे सदन की कार्यवाही से बाहर निकाला जाए और राहुल माफी मांगे।'
03:17 PM, 17-Apr-2026
राहुल ने पीएम मोदी का नाम लिए बिना जादूगर कहा
राहुल गांधी ने कहा, 'मैं वापस गार्डन वाली कहानी सुनाता हूं। दादी ने कहा था कि सुनो राहुल मैं चाहती हूं कि तुम अंधेरे में देखना सीखो। अंधेरा में ही असली ताकत है। यह बढ़िया पॉलिटिकल लेशन है। जो असली ताकत होती है वो छिप कर काम करती है अपने आप को दिखाती नहीं है। मैं यह इसलिए बता रहा हूं कि सभी जानते हैं एक पार्टनरशिप हमारे जादूगर और बिजनेसमैन के बीच है।' इस पर एनडीए सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया। राहुल ने कहा- मैं पीएम का नाम नहीं ले रहा हूं। मैंने पीएम का नाम नहीं लिया। सर यह पार्टनरशिप मजबूत है, लेकिन छिपी है। जादूगर के पूरे इतिहास में यह ताकत छिपी है। जबसे वे यहां आए तब से यह चल रहा है।
03:10 PM, 17-Apr-2026
संविधान से ऊपर मनुवाद- राहुल गांधी
संसद में बोलते हुए, लोकसभा के विपक्ष राहुल गांधी ने कहा, 'संविधान से ऊपर मनुवाद...अमित शाह जी कहते हैं कि जाति जनगणना शुरू हो गई है। उन्होंने चालाकी दिखाने की कोशिश में दो बार दोहराया कि घरों की कोई जाति नहीं होती। मुद्दा यह है कि क्या जाति जनगणना का इस्तेमाल संसद और राज्य विधानसभाओं में प्रतिनिधित्व के लिए किया जाएगा या नहीं। और अब, आप जो करने की कोशिश कर रहे हैं, वह यह है कि जाति जनगणना का अगले 15 वर्षों के लिए प्रतिनिधित्व से कोई लेना-देना नहीं है।'
02:57 PM, 17-Apr-2026
आप सत्ता हथियाना चाहते हैं- राहुल गांधी
संविधान संशोधन बिल पर राहुल गांधी के बड़े बयान
-इनके लिए संविधान से ऊपर मनुवाद है।
-जातीय जनगणना को बाइपास कर रहे हैं।
-आप सत्ता हथियाना चाहते हैं।
-पेश किए गए विधेयक एससी-एसटी और ओबीसी विरोधी है।
02:38 PM, 17-Apr-2026
लोकसभा में राहुल गांधी का संबोधन
लोकसभा में महिला आरक्षण को लागू करने के लिए सीटों के परिसीमन से जुड़े तीन संशोधित बिलों पर चर्चा में राहुल गांधी ने हिस्सा लिया। इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि 2023 का महिला विधेयक वापस लाएं और हम इसे लागू कराने में तुरंत आपकी मदद करेंगे। राहुल गांधी ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ओबीसी समुदायों को सत्ता और प्रतिनिधित्व देने से बचने की कोशिश कर रही है; यही उसका एजेंडा है।
02:26 PM, 17-Apr-2026
इतिहास को मिटाने का काम कर रही सरकार- रामगोपाल यादव
समाजवादी पार्टी सांसद रामगोपाल यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि महिलाओं के लिए आरक्षण का कानून सर्वसम्मति से पहले ही पास हो चुका है, तब इतिहास नहीं बना था। उस इतिहास को मिटाने का काम ये लोग क्यों कर रहे हैं? रामगोपाल यादव ने सरकार पर बेईमानी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जिस पर चर्चा चल रही हो, उस पर आप नोटिफिकेशन करें, दुनिया में ऐसा कहीं नहीं हुआ होगा।
महिला आरक्षण विधेयक को लेकर समाजवादी पार्टी नेता सुमैया राणा ने कहा कि महिला आरक्षण को लेकर बहुत चर्चा हो रही है। यह सुनने में बहुत लुभावना लग सकता है, लेकिन ऐसा लगता है कि कोई भी इसके मुख्य पहलू पर ध्यान नहीं दे रहा है। मेरा सवाल यह है कि हम उन महिलाओं की पहचान कैसे करेंगे या उन्हें आगे लाने के लिए कैसे काम करेंगे, जो अभी पीछे रह गई हैं। उन्होंने कहा कि जाति जनगणना में पता चलेगा कि दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक कितने हैं। केवल विधेयक लाने से कुछ नहीं होगा।
महिला आरक्षण विधेयक पर सदन में बोलते हुए सपा सांसद इकरा हसन ने 16 अप्रैल को कहा था कि महिला आरक्षण विधेयक 2023 में सर्वसम्मति से पारित हो चुका है, इसलिए अब मुद्दा महिला आरक्षण का नहीं है, बल्कि यह चुनावी फायदे से जुड़ा हुआ है। इकरा हसन ने आरोप लगाया था कि सरकार आरक्षण को परिसीमन और जनगणना के आड़ में छिपा रही है और यह महिलाओं के अधिकारों के साथ धोखा है। उन्होंने कहा कि पहले सरकार ने कहा था कि महिला आरक्षण 2034 के बाद लागू होगा और अब इसे 2029 में लागू करने की बात की जा रही है, जो विरोधाभासी है।
02:23 PM, 17-Apr-2026
भाजपा सांसदों ने बिल का किया समर्थन
लोकसभा में भाजपा सांसद संध्या राय और हेमामालिनी ने संविधान संशोधन पर चर्चा के दौरान इसके लिए पीएम मोदी का धन्यवाद दिया।
01:59 PM, 17-Apr-2026
केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने बिल का किया समर्थन
लोकसभा में महिला आरक्षण को लागू करने के लिए सीटों के परिसीमन से जुड़े तीन संशोधित बिलों पर चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने इसका समर्थन किया है।
01:51 PM, 17-Apr-2026
पीएम मोदी ने सभी दलों से अपील की- महिला आरक्षण के पक्ष में मतदान करें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में लिखा- संसद में इस समय नारीशक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन पर चर्चा चल रही है। कल रात भी एक बजे तक चर्चा चली है। जो भ्रम फैलाए गए, उनको दूर करने के लिए तर्कबद्ध जवाब दिया गया है। हर आशंका का समाधान किया गया है। जिन जानकारियों का अभाव था, वो जानकारियां भी हर सदस्य को दी गई हैं। किसी के मन में विरोध का जो कोई भी विषय था, उसका भी समाधान हुआ है। महिला आरक्षण के इस विषय पर देश में चार दशक तक बहुत राजनीति कर ली गई है। अब समय है कि देश की आधी आबादी को उसके अधिकार अवश्य मिलें। आजादी के इतने दशकों बाद भी भारत की महिलाओं का निर्णय प्रक्रिया में इतना कम प्रतिनिधित्व रहे, ये ठीक नहीं। अब कुछ ही देर लोकसभा में मतदान होने वाला है। मैं सभी राजनीतिक दलों से आग्रह करता हूं… अपील करता हूं... कृपया करके सोच-विचार करके पूरी संवेदनशीलता से निर्णय लें, महिला आरक्षण के पक्ष में मतदान करें। मैं देश की नारी शक्ति की तरफ से भी सभी सदस्यों से प्रार्थना करूंगा… कुछ भी ऐसा ना करें, जिनसे नारीशक्ति की भावनाएं आहत हों। देश की करोड़ों महिलाओं की दृष्टि हम सभी पर है, हमारी नीयत पर है, हमारे निर्णय पर है। कृपया करके नारीशक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन का साथ दें।
01:47 PM, 17-Apr-2026
चंद्रशेखर ने संविधान संशोधन बिल का किया विरोध
उत्तर प्रदेश के नगीना लोकसभा क्षेत्र से आजाद समाज पार्टी (कांशी राम) के सांसद एड. चंद्रशेखर ने संविधान संशोधन बिल चर्चा के दौरान कहा कि हम महिला आरक्षण बिल के समर्थन हैं, लेकिन सरकार महिलाओं की सुरक्षा पर भी बात करें। उन्होंने राज्यों के पुनर्गठन की भी मांग की।
01:46 PM, 17-Apr-2026
सांसद शांभवी चौधरी ने विपक्ष से पूछा सवाल
एलजेपी (रामविलास) सांसद शांभवी चौधरी ने महिला आरक्षण विधेयक पर कहा, '2029 तक ये सही तरीके से ये लागू हो जाए उसके लिए आज पास किया जा रहा है। अब 2029 में जनगणना की कोई बाधा नहीं रहे और वो सही तरीके से पारित हो जाए और देश में लागू हो जाए इसमें कोई गलत बात नहीं है। जब परिसीमन अगर हो रहा है और परिसीमन से सुशासन धरातल पर उतारा जा रहा है तो इससे विपक्ष को दिक्कत क्यों है?
01:45 PM, 17-Apr-2026
विपक्ष पर बरसे केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल
केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल ने कहा, 'प्रधानमंत्री महिलाओं के राजनीतिक और सामाजिक उत्थान के लिए बिल लेकर आए हैं। देश के सबसे बड़े पंचायत में जाने का अवसर प्रदान किया। उन्होंने अपनी नीति और नियत स्पष्ट की और नेतृत्व महिलाओं को देने का काम किया। विपक्ष इसका विरोध कर रहा है और विपक्ष का ये विरोध महिलाओं के हक को समाप्त करने का काम कर रहा है
01:34 PM, 17-Apr-2026
डीएमके सांसद ए. राजा ने बिल का किया विरोध
लोकसभा में तमिलनाडु के नीलगिरि से डीएमके सांसद ए. राजा ने संविधान संशोधन बिल का विरोध किया।
01:25 PM, 17-Apr-2026
खरगे बोले- हम इस बिल को पास नहीं होने देंगे
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि हम इस बिल के खिलाफ वोट करेंगे और इस बिल को पास नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि हमारे लोग लड़ रहे हैं और इसे लोकसभा में हरा देंगे।
01:21 PM, 17-Apr-2026
कांग्रेस सांसद हैबी ईडन ने किया बिल का विरोध
केरल के एर्नाकुलम से कांग्रेस के सांसद हैबी ईडन ने इस बिल का विरोध किया और कहा कि यह बिल परिसीमन के एजेंडे के साथ जुड़ा है।
01:12 PM, 17-Apr-2026
अनुप्रिया पटेल ने संविधान संशोधन का किया समर्थन
केंद्रीय मंत्री और अपना दल (एस) से सांसद अनुप्रिया पटेल ने संविधान संशोधन पर चर्चा के दौरान कहा कि आज देश के आधी आबादी की निगाहें संसद पर टिकी हुई है और वो देख रही हैं कि क्या भारतीय राजनीति में जिस बड़े बदलाव का संकेत मिल रहा है, वो सही मायने में अपने वास्तिवक अंजाम तक पहुंच पाएगा। उन्होंने कहा कि तीन दशक से अधिक समय बीत चुका है और अनेक राजनीतिक दलों के घोषणा पत्रों का हिस्सा होने के बाद भी महिला की राजनीतिक भागीदारी का मसला इतने वर्षों से हाशिए पर रहा है। ये सच है कि 2023 में सभी दलों ने इस संयुक्त रूप से पारित किया है। लेकिन अभी भी इस बिल के लागू होने का इंतजार है।
01:01 PM, 17-Apr-2026
महिला आरक्षण बिल पर अकाली दल की टिप्पणी
अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने संविधान संशोधन बिल पर बोलते हुए कहा कि 2014 और 2019 के मेनिफेस्टो में भारतीय जनता पार्टी ने लिखा था कि ये 33 फीसदी महिला आरक्षण बिल लाएंगे। लेकिन साढ़े नौ साल बाद सितंबर 2023 में ये बिल लाया गया, उस वक्त ये बिल निर्विरोध पास हो गया। तब ये कहा गया था कि जनगणना होगी, परिसीमन होगी और तब जाकर यह आरक्षण मिलेगा। उन्होंने कहा कि हमें इस संसद में आरक्षण दे दिजिए।
12:48 PM, 17-Apr-2026
संविधान संशोधन बिल पर सपा सांसद डिंपल यादव की टिप्पणी
लोकसभा में समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने भी संविधान संशोधन बिल पर अपने विचार रखें। इस दौरान उन्होंने कहा कि 2023 में जब यह बिल पास हुआ था, तो पक्ष और पूरा विपक्ष एक साथ होकर, इस बिल को हम लोगों ने पास कराया था, और यह सर्वसम्मति से पास हुआ था। लेकिन अब जो ये संशोधन लाया जा रहा है, तो आखिरकार सरकार क्या चाहती है। क्या सरकार वाकई में महिलाओं का सशक्तिकरण चाहती है या इस विधेयक को लाकर, इस संशोधन को लाकर वो खुद के सशक्तिकरण के तरफ काम कर रही है। जब 2023 में विधेयक आया था तो स्पष्ट रूप से लिखा गया था कि जनगणना होगी और समाजवादी पार्टी का ये पक्ष था कि जातिगत जनगणना हो। कल गृहमंत्री जी ने भी ये बात कही है कि जनगणना कराएंगे, अभी वो घरों की गिनती कर रहे हैं। पिछले तीन वर्षों में वो खाली घरों की गिनती कर पाए हैं। तो जनगणना होगी, जातिगत जनगणना होगी, उसके बाद परिसीमन होगा और आरक्षण लागू होगा। तब सभी लोग इस बात से सहमत थे, लेकिन 2024 में जब भाजपा की सरकार आई और पूर्ण बहुमत की सरकार नहीं बनी। तो जब सरकार आई तो 2024 में ही आपने जनगणना क्यों नहीं शुरू कराई है, हमारा सवाल ये है। आपने लगभग ढाई साल निकाल दिए आपने जनगणना नहीं कराई, क्योंकि जनगणना हो जाती तो आज हम परिसीमन की स्थिति में होते और आरक्षण 2029 तक लागू हो जाता, लेकिन आपकी मंशा ही नहीं थी कि ये 2029 तक ये लागू हो। अब सवाल ये है कि सरकार ये जल्दबाजी क्यों दिखा रही है।
12:33 PM, 17-Apr-2026
टीडीपी ने संविधान संशोधन बिल का किया समर्थन
लोकसभा में तेलुगु देशम पार्टी के सांसद लवू श्री कृष्ण देवरायलू ने संविधान संशोधन का समर्थन किया।
12:15 PM, 17-Apr-2026
कल्याण बनर्जी ने बिल का किया विरोध
लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी ने संविधान संशोधन का विरोध किया। इस दौरान सत्ता पक्ष से सांसदों की तरफ से उनके बयानों के विरोध में आवाज उठाई गई, जिन्हें पीठासीन अध्यक्ष ने चुप कराया। कल्याण बनर्जी ने कहा- केंद्र सरकार महिला आरक्षण में संशोधन से जुड़ा बिल लेकर आई है। लेकिन जब कानून लागू नहीं हुआ तो उसमें कैसा संशोधन। इसीलिए देर रात में इन्होंने 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को लागू करने के लिए नोटिफिकेशन जारी किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि मोदी जो आप तो बस जय श्रीराम कहते हैं लेकिन हम तो दुर्गा, काली की पूजा करते हैं। हम बोलते हैं जय सिया राम लेकिन आप तो सिर्फ राम को याद करते हैं। इस मौके पर कल्याण बनर्जी ने कहा कि मैं ओम बिरला की इज्जत करता हूं, वे बहुत अच्छे इंसान हैं। 2029 चुनाव में भाजपा तो सत्ता में नहीं आएगी, मैं तो चाहता हूं कि स्पीकर की कुर्सी पर भी आरक्षण दे दीजिए, हम राजी हैं वो नहीं होंगे।
12:03 PM, 17-Apr-2026
संविधान संशोधन पर ललन सिंह का विपक्ष से अनुरोध
जदयू से लोकसभा सांसद राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने भी लोकसभा में संविधान संशोधन पर चर्चा में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताया।