दुनिया भर की नजरें इस समय अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव पर टिकी हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संघर्षविराम की समय सीमा को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है। इससे युद्ध की आशंका फिर से गहरा गई है। ट्रंप ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी दबाव में आकर कमजोर समझौता नहीं करेंगे। इस कूटनीतिक रस्साकशी के बीच ट्रंप की 'गले लगाने वाली कूटनीति' कहीं नजर नहीं आ रही है, बल्कि उसकी जगह अब बमों की बरसात वाली चेतावनी ने ले ली है। राष्ट्रपति के इस तेवर ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को चिंता में डाल दिया है, क्योंकि बुधवार की शाम वाशिंगटन के समय के अनुसार यह शांति की आखिरी समय सीमा हो सकती है।