नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर शनिवार को राजधानी भोपाल में कांग्रेस और एनएसयूआई ने प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से शुरू हुए विरोध प्रदर्शन में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री निवास की ओर कूच कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने रेडक्रॉस चौराहे पर बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे और आगे बढ़ने की कोशिश करते रहे।
पुलिस ने किया वाटर केनन का इस्तेमाल
स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कई बार वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी पीछे नहीं हटे। बाद में पुलिस ने बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर किया। इस दौरान कई कार्यकर्ताओं को चोटें आईं। एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
200 से अधिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दिग्विजय सिंह, जीतू पटवारी, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा, पूर्व मंत्री राजकुमार पटेल समेत करीब 200 कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। सभी को बसों के माध्यम से रातीबड़ थाना ले जाया गया। वहां कार्यकर्ताओं ने भजन-कीर्तन कर विरोध दर्ज कराया।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
पूर्व मुख्यमंत्री ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री को नीट परीक्षा की नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए और उनको इस्तीफा दे देना चाहिए। लाखों बच्चों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है। बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। मामले में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो। उन्होंने कहा सीबीएसई में 29 लाख छात्रों में से 4 लाख ने रिव्यू के लिए अप्लाई किया है। किसी एक व्यक्ति का पेपर स्कैन कर दूसरे में लगा दिया गया। होनहार छात्रों के परसेंट में बदलाव कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सीबीएसई के लोग इस भ्रष्टाचार में शामिल हैं।
गिरफ्तारी के विरोध में धरने पर बैठे पटवारी
कार्यकर्ताओं पर बल प्रयोग और गिरफ्तारी को लेकर जीतू पटवारी धरने पर बैठ गए। पटवारी ने कहा देश में युवा भविष्य की गुहार कर रहा है। सेना को सीमा पर लड़ने के बजाय पेपर करवाने के लिए लगाया जा रहा है। देश में 90 बार पेपर लीक होने की वजह बीजेपी और इनकी सरकार रही है। 50 बार पेपर निरस्त हुए इसमे बीजेपी के माफिया शामिल रहे। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा होना चाहिए। लेकिन युवाओं पर लाठियां चलाई जा रही, वाटर कैनन और गिरफ्तार किया जा रहा। यह अन्याय की पराकाष्ठा है। धरमेंद्र प्रधान को हटना पड़ेगा।