West Asia Crisis: 'समझौते से पहले नहीं देंगे कोई राहत', ईरान की जब्त संपत्तियों पर डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: Devesh Tripathi Updated Sun, 07 Jun 2026 07:37 PM IST

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका तेहरान के साथ समझौता होने से पहले ईरान की जब्त संपत्तियों को जारी नहीं करेगा। उनके इस बयान से संकेत मिलता है कि क्षेत्रीय तनाव के बीच बातचीत जारी रहने के दौरान ईरान द्वारा प्रतिबंधों में ढील देना समझौते के नियमों को मानने पर निर्भर करेगा।

Donald Trump draws red line says No unfreezing assets lifting sanctions till Iran deal lebanon not included

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स/ANI

विस्तार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि उनका प्रशासन ईरान के साथ किसी समझौते पर पहुंचने से पहले उसकी जब्त हुई संपत्तियों को नहीं लौटाएंगे। एनबीसी न्यूज के 'मीट द प्रेस' को दिए एक साक्षात्कार में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि प्रतिबंधों से किसी भी प्रकार की राहत केवल ईरान द्वारा भविष्य के समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के बाद ही दी जाएगी। 

डोनाल्ड ट्रंप ने इस बात पर जोर दिया कि प्रतिबंधों में ढील देने पर चर्चा शुरू होने से पहले तेहरान को अपनी नीयत और प्रतिबद्धता का सबूत देना होगा। उन्होंने कहा, "समझौते के बाद। हां। अगर वे ठीक व्यवहार करते हैं, अगर वे अच्छा काम करते हैं, तो हम बातचीत शुरू करेंगे। हां।" 
लेबनान को लेकर क्या बोले ट्रंप?
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ने यह भी स्पष्ट किया कि वह लेबनान को तेहरान के साथ किसी अल्पकालिक समझौते में शामिल करने पर जोर नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि वे ऐसा देखना चाहेंगे, लेकिन मैं इसकी मांग नहीं कर रहा हूं।" पश्चिम एशिया में कई महीनों से जारी संघर्ष और बढ़े तनाव के बाद स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी हैं। ट्रंप प्रशासन भी संभावित शांति समझौते के लिए कोशिश में जुटा हुआ है।

फिर दी ईरान पर हमले की धमकी
ट्रंप ने मांग की कि भविष्य में होने वाले किसी भी समझौते में ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकने के अलावा और भी बहुत कुछ शामिल होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वार्ताकार परमाणु हथियार विकास से संबंधित प्रतिबंधों पर काफी हद तक सहमत हो गए थे, लेकिन उन्होंने खास शब्दों के लिए जोर दिया। उन्होंने कहा कि अगर कोई समझौता हो जाता है तो वॉशिंगटन ईरान के साथ मिलकर संवर्धित यूरेनियम को हटाने और नष्ट करने का काम करेगा।
ट्रंप ने कहा कि वह चाहते हैं कि समझौते में यह सुनिश्चित किया जाए कि ईरान परमाणु हथियार या संबंधित क्षमताएं विकसित या खरीद न सके। ट्रंप ने कहा कि ईरानी वार्ताकारों ने शुरू में प्रस्ताव का विरोध किया, लेकिन बाद में अपना रुख नरम कर लिया। ट्रंप ने संकेत दिया कि कूटनीति विफल होने की स्थिति में अमेरिकी सेना बल प्रयोग के लिए तैयार है। ट्रंप ने एनबीसी न्यूज से कहा, "हम किसी समझौते के बहुत करीब हैं, अगर नहीं तो मैं उन पर जबरदस्त कार्रवाई करूंगा।" 

क्या अमेरिका को पता चल गया मोजतबा खामेनेई का ठिकाना?
ट्रंप ने यह भी कहा कि वह ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई से बात करने के लिए तैयार हैं। मोजतबा खामेनेई पश्चिम एशिया संघर्ष की शुरुआत में अमेरिकी हमलों में घायल होने के बाद से वह सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं।
उन्होंने कहा, "मैं यह नहीं कहना चाहता कि मुझे पता है कि वह कहां हैं या नहीं, लेकिन इसकी अच्छी संभावना है कि मुझे पता हो कि वे कहां हैं।" ट्रंप प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों में शामिल अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि हालिया अमेरिकी हमलों के बावजूद अस्थायी युद्धविराम समझौता कायम है। रूबियो ने पिछले सप्ताह सांसदों से कहा था कि हाल के अमेरिकी हमले रक्षात्मक कार्रवाई के तहत किए गए थे।


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