राज्य सेवा के 22 अधिकारियों को मिल सकता है आईएएस-आईपीएस अवार्ड

 

एसएएस के 13 और एसपीएस के 9 अधिकारियों की पदोन्नति का रास्ता साफ
भोपाल। प्रदेश के प्रशासनिक और पुलिस महकमे में नए साल में बड़े प्रमोशन की तैयारी तेज हो गई है। राज्य में इस वर्ष राज्य प्रशासनिक सेवा (एसएएस) के 13 अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) और राज्य पुलिस सेवा (एसपीएस) के 9 अधिकारियों को भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) में पदोन्नति मिलने का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है। इन अधिकारियों के भाग्य का फैसला संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी), मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक स्तर की समिति करेगी, जो उनके सेवा रिकॉर्ड, गोपनीय चरित्रावली (सीआर) और कार्य प्रदर्शन का बारीकी से मूल्यांकन कर रही है।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2025 में सेवानिवृत्त हुए प्रमोटी आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के रिक्त पदों को भरने के लिए यह प्रक्रिया शुरू की गई है। सामान्य प्रशासन विभाग ने आईएएस पदोन्नति के लिए और गृह विभाग ने आईपीएस अवार्ड के लिए संभावित अधिकारियों की सूची तैयार कर ली है। संबंधित अधिकारियों को उनकी सेवा संबंधी जानकारियां और वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (सीआर) उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक प्रारूप भी भेज दिए गए हैं।
आईएएस पदोन्नति के लिए कुल 13 रिक्त पदों के मुकाबले नियमत 3 गुना यानी 39 अधिकारियों के नामों पर विचार किया जाएगा। इसमें मुख्य रूप से वर्ष 2007 और 2008 बैच के राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारी शामिल हैं। अधिकारियों की पात्रता और सेवा रिकॉर्ड की समीक्षा के बाद अंतिम सूची और विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक की तिथि तय करने का प्रस्ताव जल्द ही यूपीएससी को भेजा जाएगा।
इन नामों पर हो रहा मंथन
संभावित सूची में मिनिषा पांडे, इला तिवारी, नीता राठौर, शैलेंद्र सिंह सोलंकी, रानी पासी, रंजना देवड़ा, माधवी नागेंद्र, वर्षा सोलंकी, प्रियंका गोयल, अभिषेक दुबे, नरोत्तम प्रसाद भार्गव, निधि सिंह राजपूत, निमिषा जायसवाल और संदीप सोनी सहित कुल 39 अफसर रेस में हैं।
उम्र और जांच में फंसे कुछ अफसर
चयन प्रक्रिया में कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के समीकरण बिगड़ते दिख रहे हैं। बताया जा रहा है कि 1999 बैच के जयेंद्र विजयवत और मनोज मालवीय आयु संबंधी मानकों (क्राइटेरिया) के कारण इस दौड़ से बाहर हो चुके हैं। वहीं, 2002 बैच के कमल नागर का मामला न्यायालय में लंबित होने से उनका नाम भी फिलहाल विचार से बाहर रह सकता है। इसके अलावा, 2007 बैच की सपना एम. लोवंशी का नाम भी जांच लंबित होने के कारण अंतिम सूची से बाहर हो सकता है।
आईपीएस अवार्ड अंतिम चरण में प्रक्रिया, 27 नामों का पैनल
दूसरी ओर, राज्य पुलिस सेवा से आईपीएस अवार्ड की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। 9 रिक्त पदों के लिए डीपीसी की बैठक आयोजित करने का प्रस्ताव भेजा जा चुका है। इस बार 1997 और 1998 बैच के अधिकारियों के भाग्य का फैसला होगा। 9 पदों के लिए कुल 27 अधिकारियों के नामों पर विचार किया जा रहा है, जिनमें सीताराम, अमृत मीणा, निमिषा पांडेय, राजेश मिश्रा, मलय जैन, अमित सक्सेना, मनीषा सोनी, सुमन गुर्जर, संदीप मिश्रा, सब्यसाची सर्राफ, समर वर्मा और सत्येंद्र सिंह तोमर शामिल हैं।
सीलबंद लिफाफे पर टिकी अफसरों की किस्मत
आईएएस की तरह आईपीएस की रेस में भी कुछ अधिकारियों के मामलों पर संशय बना हुआ है। अमृत मीणा के जाति प्रमाण पत्र से जुड़े मामले और राजेश मिश्रा के खिलाफ चल रही विभागीय जांच के कारण इनके नामों पर अंतिम निर्णय डीपीसी की बैठक में ही होगा। आवश्यकता पड़ने पर समिति इनके मामलों को सीलबंद लिफाफे में रखकर भी विचार कर सकती है। अब सचिवालय से लेकर पुलिस मुख्यालय तक सभी की निगाहें दिल्ली में होने वाली विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक पर टिकी हैं, जहां अफसरों के सालों के सेवा रिकॉर्ड और परफॉर्मेंस के आधार पर अंतिम मुहर लगेगी।


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