ई-अटेंडेंस से ही बनेगी सैलरी, अनुपस्थिति पर कटेगा वेतन

भोपाल। प्रदेश के सरकारी शिक्षकों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और सख्त आदेश जारी किया गया है। लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) ने निर्देश दिया है कि अब से सभी शिक्षकों की सैलरी हमारे शिक्षक मोबाइल ऐप के जरिए दर्ज उनके ई-अटेंडेंस रिकॉर्ड के आधार पर ही प्रोसेस की जाएगी। यदि इस रिकॉर्ड को नजरअंदाज कर सैलरी बिल बनाए जाते हैं, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी स्कूल के प्रिंसिपल (प्राचार्य) की होगी।
संचालनालय के आयुक्त अभिषेक सिंह द्वारा जारी इस आदेश में अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई है, जिसके अनुसार बीईओ को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी प्रिंसिपल, शिक्षक और अन्य स्टाफ सदस्य नियमित रूप से ऐप पर अपनी ऑनलाइन अटेंडेंस दर्ज करें। सभी प्रिंसिपल को स्पष्ट निर्देश हैं कि वे केवल और केवल ई-अटेंडेंस रिकॉर्ड को आधार मानकर ही सैलरी बिल तैयार करेंगे और उसे पेमेंट के लिए ड्रॉइंग और डिसबर्सिंग अधिकारियों (डीडीओ) के पास भेजेंगे। आदेश के तहत नियमों को बेहद सख्त कर दिया गया है। यदि कोई शिक्षक किसी खास दिन ऐप पर अपनी ई-अटेंडेंस दर्ज करना भूल जाता है या नहीं करता है, तो उसे उस दिन के लिए अनुपस्थित माना जाएगा। ऐसी स्थिति में उस दिन की सैलरी रोक दी जाएगी और उसका भुगतान नहीं किया जाएगा।
पुराने आदेश का हवाला
आयुक्त के इस नए निर्देश में 20 जून, 2025 को जारी किए गए पिछले आदेश का भी संदर्भ दिया गया है। इसके तहत सभी शिक्षकों के लिए एजुकेशन पोर्टल 3.0 से जुड़े हमारे शिक्षक ऐप के माध्यम से ऑनलाइन हाजिरी लगाना अनिवार्य किया गया था, जिसे अब पूरी तरह सैलरी से लिंक कर कड़ाई से लागू किया जा रहा है।

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