विकास और संस्कृति का संतुलन ही सशक्त और समृद्ध समाज की आधारशिला : राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु

जनजातीय समाज की जीवन पद्धति मानवता की मार्गदर्शक
सेवा और अध्यात्म के संगम से ही समाज में स्थायी और सकारात्मक परिवर्तन संभव
राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने बैतूल में "आध्यात्मिक जागृति से जनजातीय समाज के सशक्तिकरण" कार्यक्रम को किया संबोधित


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