भोपाल। राज्य टाइगर स्ट्राइक फोर्स की तर्ज पर वनों के संगठित अपराधों पर सख्ती से नियंत्रण पाने के लिए एक राज्य स्तरीय टास्क फोर्स के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही, वन और वन्यजीवों की चौबीसों घंटे निगरानी के लिए वन मुख्यालय स्तर पर एक अत्याधुनिक कमांड एवं कंट्रोल रूम भी स्थापित किया जाएगा।
प्रदेश में वनों और वन्य जीवों की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में वन संपदा की सुरक्षा और राजस्व वृद्धि को लेकर कई दूरगामी फैसले लिए गए। बैठक में मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मानव और वन्यजीव संघर्ष को राज्य आपदा घोषित करने के प्रयास किए जाएंगे। इससे ऐसी घटनाओं के वक्त प्रशासन, पुलिस, वन विभाग और आपदा मोचन बल मिलकर एक साथ मोर्चा संभाल सकेंगे। खनिजों के परिवहन के लिए वन विभाग के परिवहन अनुज्ञा शुल्क (ट्रांजिट फीस) में वृद्धि करने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी गई है, जिससे राज्य के राजस्व में बढ़ोतरी होगी। राज्य स्तरीय टास्क फोर्स के गठन से अब लकड़ी तस्करी, अवैध शिकार और वनों पर कब्जा करने वाले संगठित माफियाओं के खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई की जा सकेगी।