केंद्र सरकार में संभावित फेरबदल की अटकलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। प्रधानमंत्री की यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब राष्ट्रीय राजधानी के राजनीतिक गलियारों में केंद्रीय मंत्रिपरिषद में बड़े बदलाव की चर्चा तेज है। राष्ट्रपति भवन में हुई इस मुलाकात ने कैबिनेट विस्तार और फेरबदल की संभावनाओं को और हवा दे दी है।
राष्ट्रपति भवन की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की मुलाकात की तस्वीरें साझा की गईं। यह बैठक पद्म पुरस्कार समारोह के तुरंत बाद हुई। हालांकि, राष्ट्रपति भवन की ओर से बैठक के एजेंडे को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। लेकिन हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों को देखते हुए इस मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है।
क्या मंत्रिमंडल फेरबदल की अटकलें इसलिए तेज हुई हैं?
मंगलवार को केरल से भाजपा के वरिष्ठ नेता जॉर्ज कुरियन ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया। उनका राज्यसभा कार्यकाल समाप्त हो चुका था और भाजपा ने उन्हें दोबारा राज्यसभा नहीं भेजने का फैसला किया। जॉर्ज कुरियन अल्पसंख्यक मामलों तथा मत्स्य, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय में राज्य मंत्री थे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। इसके बाद मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलें और तेज हो गई हैं।
किन मंत्रियों को लेकर चर्चा हो रही है?
रेल मंत्रालय में राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का राज्यसभा कार्यकाल भी 21 जून को समाप्त हो गया है। भाजपा ने उन्हें भी दोबारा उच्च सदन के लिए नामित नहीं किया है। बिट्टू खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय में भी राज्य मंत्री हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि मंत्रिमंडल में कुछ नए चेहरों को मौका मिल सकता है और कुछ विभागों में बदलाव संभव है।
क्या संगठनात्मक जिम्मेदारियों ने बढ़ाई अटकलें?
हाल के महीनों में भाजपा ने कई केंद्रीय मंत्रियों को उनके गृह राज्यों में महत्वपूर्ण संगठनात्मक जिम्मेदारियां सौंपी हैं। केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा को दिल्ली भाजपा का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी को पिछले वर्ष उत्तर प्रदेश भाजपा की कमान सौंपी गई थी। इन नियुक्तियों के बाद से ही राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि पार्टी संगठन और सरकार, दोनों स्तरों पर बड़े बदलाव किए जा सकते हैं।
क्या जल्द हो सकता है कैबिनेट विस्तार?
भाजपा नेतृत्व की ओर से अभी तक कैबिनेट फेरबदल को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि, प्रधानमंत्री मोदी की राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात, कुछ मंत्रियों का इस्तीफा और संगठन में बदलाव जैसे घटनाक्रमों ने इस संभावना को मजबूत किया है कि आने वाले दिनों में केंद्रीय मंत्रिपरिषद में फेरबदल या विस्तार देखने को मिल सकता है।