भाजपा सरकार आते ही सब अधिकारी संघ के हो गए, हर अफसर कहता है- मैंने भी RSS की चड्डी पहनी है; कैलाश विजयवर्गीय ने कहा

भोपाल के मानस भवन में शनिवार को एक निजी संस्था द्वारा आयोजित शालिग्राम तोमर स्मृति राष्ट्रसेवी सम्मान कार्यक्रम में उन्होंने कहा, 'भाजपा की सरकार आने ...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Dheeraj Belwal  Publish Date: Sat, 27 Jun 2026 10:29:32 PM (IST)Updated Date: Sat, 27 Jun 2026 10:29:32 PM 
भाजपा सरकार आते ही सब अधिकारी संघ के हो गए, हर अफसर कहता है- मैंने भी RSS की चड्डी पहनी है; कैलाश विजयवर्गीय ने कहा

भोपाल में एक निजी संस्था के कार्यक्रम में मंत्री का बयान।

HighLights

  1. मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दिया बड़ा बयान
  2. सरकार आने पर सभी अधिकारी-कर्मचारी संघ के हो गए
  3. भोपाल में एक निजी संस्था के कार्यक्रम में मंत्री का बयान

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने संघ और अधिकारी-कर्मचारियों को लेकर बयान दिया है। भोपाल के मानस भवन में शनिवार को एक निजी संस्था द्वारा आयोजित शालिग्राम तोमर स्मृति राष्ट्रसेवी सम्मान कार्यक्रम में उन्होंने कहा, 'भाजपा की सरकार आने पर सभी संघ (स्वयंसेवक) के हो गए। अधिकारी संघ के हो गए। एक अधिकारी ने आकर मुझसे कहा कि मेरे पिताजी संघ की शाखा के अध्यक्ष थे। खैर, शाखा में कोई अध्यक्ष तो होता नहीं।'

विजयवर्गीय का यह बयान सोशल मीडिया के सभी प्लेटफार्म पर खूब वायरल हो रहा है। जिस समय मंत्री ने यह बात कही, तब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मंच पर उपस्थित थे। मंत्री का यह कटाक्ष अधिकारी-कर्मचारियों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

हर अधिकारी कहता है- बेल्ट बांधी है और चड्डी पहनी है

कार्यक्रम में विजयवर्गीय ने कहा, 'हम सरकार में हैं और जो भी अधिकारी आता है, वो कहता है- 'सर, मैं शाजापुर में था तो माखन सिंह जी जो शाखा लगाते थे, मैं उसमें जाता था।' हमारी सरकार में जो भी अधिकारी आता है, कहता है, मैंने भी पट्टी बांधी है, मैंने भी बेल्ट बांधी है, चड्डी पहनी है... हर अधिकारी, हर कर्मचारी ऐसा सोचता है। सरकार आने के बाद सब संघ के हो गए। हर अधिकारी संघ का हो गया।'

संगठन बढ़ रहा है पर अच्छे लोगों की कमी हो गई: विजयवर्गीय

विजयवर्गीय ने भीड़ बढ़ने से संघ की गुणवत्ता पर असर आने की बात भी कही। उन्होंने कहा, 'खैर... अब अपने-अपने तरीके से बहुत भीड़ हो गई है। इस भीड़ में अच्छे लोगों की कमी होती जा रही है। संगठन बढ़ रहा है। कहने के लिए विचारधारा भी बढ़ रही, लेकिन यदि अच्छे इंसान नहीं होंगे, तो इस विचारधारा का महत्व क्या है? इस पर चिंतन और मनन करना चाहिए।'


Leave Comments

Top