US-ईरान टकराव में आया नया मोड़?: ट्रंप बोले- मुझे मारने की साजिश रच सकता है तेहरान, मैं उनका नंबर एक निशान

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, अंकारा (तुर्किये) Published by: निर्मल कांत Updated Wed, 08 Jul 2026 11:31 PM IST

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान उन्हें निशाना बना सकता है और उनकी हत्या की साजिश रच सकता है। उन्होंने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को सही ठहराया। ट्रंप ने क्या कहा, पढ़िए रिपोर्ट-

I'm No 1 on Iran's kill list: Donald Trump says Tehran may be plotting to assassinate him

डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई

विस्तार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को दावा किया कि वह ईरान की 'निशाने की सूची में सबसे ऊपर' हैं। उन्होंने कहा कि ईरान उनकी हत्या की साजिश रच सकता है। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का बचाव भी किया।
नाटो शिखर सम्मेलन के बाद तुर्किये के अंकारा में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने कहा कि उन्हें लगता है कि ईरान उन्हें मारने की योजना बना सकता है। लेकिन वह पीछे नहीं हटेंगे। ट्रंप ने कहा, मैं उनका नंबर एक निशाना हूं। उनके नेता थे, वे खत्म हो गए। अब उनके पास नेताओं का एक नया समूह है। वे भी खत्म हो सकते हैं और आप जानते हैं, मैं भी खत्म हो सकता हूं, क्योंकि मैं उनका नंबर एक निशाना हूं। 
संघर्ष को लेकर ट्रंप ने क्या कहा?
ईरान के साथ संघर्ष को लेकर ट्रंप ने कहा, मुझे नहीं लगता कि यह फिर शुरू होगा। मुझे लगता है कि यह बहुत जल्दी खत्म हो जाएगा। हालिया हमलों का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा, उन्होंने कुछ जहाजों पर हमला किया और हमने उन पर बहुत ज्यादा जोरदार हमला किया।उन्होंने कहा कि भविष्य में अगर कोई भी घटना होती है तो वह बहुत जल्दी खत्म हो जाएगी और इससे क्षेत्र ज्यादा सुरक्षित होगा, जिसमें तेल की सुरक्षा भी शामिल है।                                                                                                                                  हालिया हमलों पर ट्रंप ने क्या कहा?
ट्रंप ने अपनी पुरानी बात दोहराते हुए कहा कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा, आप पागल लोगों को परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दे सकते। उन्होंने कहा कि अमेरिका के हमलों का उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना था।
ईरान ने ट्रंप को क्या जवाब दिया?
ट्रंप का यह बयान ईरान के उप विदेश मंत्री के उस बयान के बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि तेहरान को ट्रंप से 'उनकी ही भाषा में' निपटना होगा, क्योंकि वह ताकत की भाषा को बेहतर समझते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति पहले भी कई बार दावा कर चुके हैं कि 2020 में अमेरिका के हमले में ईरान के शीर्ष कमांडर कासिम सुलेमानी की मौत के बाद से ईरानी अधिकारी उन्हें निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
ट्रंप के नए बयान से अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव और ज्यादा सामने आया है। हालांकि, उन्होंने भरोसा जताया कि मौजूदा संघर्ष लंबे समय तक नहीं चलेगा। ईरान के सरकारी चैनल प्रेस टीवी ने एक सूत्र के हवाले से कहा कि अगर ईरान पर कोई नया सैन्य हमला होता है तो तेहरान होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर देगा।
सूत्र ने यह भी कहा कि ईरान भविष्य में होने वाले किसी भी हमले का जवाब 'दुश्मन' के ठिकानों पर कम से कम दोगुना ताकत से देगा। इसका मतलब है कि ईरान किसी नए हमले की स्थिति में ज्यादा बड़ा सैन्य जवाब देने की तैयारी में है।
ईरानी विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य में चुनौतियां पैदा कर रहा है। मंत्रालय ने कहा कि तेहरान अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएगा। मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच समझौता आपसी भरोसे के आधार पर नहीं बना था, बल्कि दोनों पक्षों की जिम्मेदारियों के सिद्धांत पर आधारित था। प्रवक्ता ने कहा, ईरान और अमेरिका के बीच समझौता भरोसे के आधार पर नहीं, बल्कि 'जिम्मेदारी के बदले जिम्मेदारी' के स्पष्ट सिद्धांत पर बनाया गया था। 

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