दिग्विजय सिंह के आरएसएस वाले बयान पर जताई नाराजगी, सुरजेवाला, कमलनाथ ने भी की वादाखिलाफी
भोपाल। दतिया विधानसभा उपचुनाव के बेहद गरमाए सियासी माहौल के बीच वरिष्ठ कांग्रेस नेता अवधेश नायक ने आखिरकार भाजपा में शामिल होने की अटकलों पर अपनी चुप्पी तोड़ दी है। नायक ने एक वीडियो संदेश जारी कर अपने दल-बदल की अफवाहों पर पूरी तरह विराम लगा दिया है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि वे कांग्रेस के सिपाही हैं, कांग्रेस में थे और कांग्रेस में ही रहेंगे। हालांकि, इस दौरान उन्होंने पार्टी के प्रदेश नेतृत्व के प्रति अपनी गहरी नाराजगी और दर्द को खुलकर बयां किया। उन्होंने टिकट वितरण से लेकर खुद पर लगे आरएसएस के ठप्पे तक पर तीखे सवाल खड़े किए हैं।
अवधेश नायक ने स्पष्ट किया कि पिछले कुछ दिनों में उनके निवास पर कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों के नेताओं का आना-जाना सिर्फ शिष्टाचार के नाते हुआ था। लेकिन कुछ लोगों ने इसे राजनीतिक रंग देकर दल-बदल की झूठी अफवाहें फैला दीं। नायक ने कहा कि मेरी कांग्रेस के किसी नेता से व्यक्तिगत बुराई नहीं है। कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह मेरे बड़े भाई जैसे हैं और उन्हें टिकट मिलने से मुझे कोई व्यक्तिगत नाराजगी नहीं है।
दिग्विजय सिंह ने मुझे आरएसएस का सदस्य बताया
अपनी उपेक्षा से आहत नायक ने कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने बताया कि दिग्विजय सिंह ने उनसे कहा था कि आप आरएसएस के सदस्य हैं, कहीं ऐसा न हो कि आप चुनाव जीतने के बाद भाजपा में चले जाएं क्योंकि आपके भाजपा नेताओं से संबंध हैं। नायक ने भावुक होते हुए कहा कि वर्ष 2023 में भी उनका टिकट काटने के पीछे यही वजह बताई गई थी और आज भी स्थिति वही है। उन्होंने सवाल उठाया जब आज भी मुझ पर भरोसा नहीं किया जा रहा, तो क्या गारंटी है कि वर्ष 2028 के चुनाव में मुझे टिकट मिलेगा? गुस्सा और नाराजगी होना स्वाभाविक है, अब आगे क्या होगा यह तो समय ही बताएगा। आखिरी फैसला माई (पीतांबरा माई) ही करेंगी और जो करेंगी अच्छा करेंगी।
सुरजेवाला और कमलनाथ ने भी की वादाखिलाफी
नायक ने पार्टी आलाकमान पर वादाखिलाफी का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि 2023 के चुनाव में उन्हें प्रत्याशी घोषित करने के बाद कांग्रेस ने उनका टिकट काट दिया था। उन्होंने कहा कि उस समय तत्कालीन प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने फोन पर और कमलनाथ जी ने आमने-सामने बैठकर मुझे आश्वस्त किया था कि अगले चुनाव में आपको ही टिकट दिया जाएगा। दोनों बड़े नेताओं के इस वादे के बावजूद इस उपचुनाव में मेरे नाम पर विचार तक नहीं किया गया। यह मेरे और मेरे समर्थकों के साथ सरासर वादाखिलाफी है।
स्टार प्रचारकों की सूची से भी नाम गायब
दतिया के सियासी गलियारों में अवधेश नायक के भाजपा में जाने की अटकलों को हवा तब और मिली, जब कांग्रेस की ओर से जारी स्टार प्रचारकों की सूची से उनका नाम नदारद पाया गया। इसके अलावा, नायक ने कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह के नामांकन कार्यक्रम और पार्टी की चुनावी आमसभाओं से भी पूरी तरह दूरी बना रखी थी। नायक ने अपने समर्थकों को आश्वस्त करते हुए अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। यदि भविष्य में कोई भी राजनीतिक फैसला लेना होगा, तो वे स्वयं सामने आकर इसकी घोषणा करेंगे।