राज्यपाल ने कहा जेल के बंदियों को भी मिले मताधिकार
भोपाल। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि देश की प्रगति को सही दिशा देने के लिए लोकतंत्र का सशक्त होना अनिवार्य है और इसकी मजबूती का असली आधार ’ईमानदार और कर्तव्यपरक मतदाता’ ही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कोई भी पात्र नागरिक मताधिकार से वंचित न रहे, यह सुनिश्चित करना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।
राज्यपाल रविवार को कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस’’ के राज्य एवं जिला स्तरीय संयुक्त समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित जनसमूह को मतदाता शपथ भी दिलाई। समारोह में राज्यपाल पटेल ने एक महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए कहा कि लोकतंत्र में मताधिकार का दायरा व्यापक होना चाहिए। उन्होंने आग्रह किया कि कारावास में बंद बंदियों को भी मताधिकार की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु नियमों का परीक्षण किया जाए। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ दिव्यांगजनों, ट्रांसजेंडर समुदाय और वंचित वर्गों को चुनाव प्रक्रिया से जोड़ने के लिए विशेष नवाचार किए जाएं। युवाओं का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि 18 वर्ष की आयु होते ही मतदाता सूची में नाम जुड़वाना और मतदान करना प्रत्येक नागरिक का पवित्र कर्तव्य है।
विश्व पटल पर भारतीय निर्वाचन प्रणाली का गौरव
राज्यपाल ने प्रसन्नता व्यक्त की कि भारत इस वर्ष इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर डेमोकेसी एंड इलेक्टोरल असिस्टेंस की अध्यक्षता कर रहा है। वहीं, राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि भारत के मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान की सराहना संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम ने भी की है, क्योंकि विश्व के अन्य देशों में इस स्तर का भौतिक सत्यापन नहीं होता। पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त ओ.पी. रावत ने भी भारतीय चुनाव प्रणाली को विश्व के लिए अनुकरणीय बताया।
सम्मान और सहभागिता
कार्यक्रम के दौरान विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान-2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिला निर्वाचन अधिकारियों, बीएलओ और मास्टर ट्रेनर्स को राज्यपाल द्वारा सम्मानित किया गया। साथ ही, 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले 10 नए मतदाताओं को इपिक कार्ड प्रदान किए गए। इस अवसर पर निर्वाचन आयोग के स्वीप आईकन और प्रसिद्ध अभिनेता गोविंद नामदेव, राजीव वर्मा, संजना सिंह और देशना जैन भी मंचासीन रहे, जिन्होंने मतदाताओं को जागरूक करने का संदेश दिया।