खेल हमारी संस्कृति का मान हैं-पहचान हैं
मुख्यमंत्री ने की राज्य स्तरीय खेलो एमपी यूथ गेम्स-2026 के विधिवत् शुभारंभ की घोषणा
दर्शकों से मोबाइल की रौशनी कराकर सबकी सहभागिता से कराई गेम्स की शुरूआत
पहली बार पिठ्ठी, रस्साकशी जैसे खेलों के साथ थ्रो बाल और क्रिकेट भी खेलो एमपी यूथ गेम्स में हुए शामिल
पद्मश्री अवार्डी श्री कैलाश खेर के म्यूजिक बैंड कैलासा ने दी रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुति
तात्या टोपे नगर स्टेडियम में हुआ राज्य स्तरीय एमपी यूथ गेम्स-2026 का भव्य आगाज
भोपाल : मंगलवार, जनवरी 27, 2026, 22:39 IST
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में पारम्परिक और आधुनिक दोनों प्रकार के खेलों की समद्ध परम्परा है। खेलो एमपी यूथ गेम्स केवल एक स्पर्धा नहीं है, खेल महोत्सव है और यह महोत्सव हमारी उसी समृद्ध परम्परा का एक रिवीजन है। जब किसी मैदान में कोई खिलाड़ी अपना पसीना बहाता है, दौड़ता है, भागता है, परिश्रम करता है, तो उस मैदान में खिलाड़ी नहीं देश का सुनहरा भविष्य दौड़ता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल सदियों से हमारा मान हैं, भारतीय संस्कृति की पहचान हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में एक नई खेल संस्कृति का विकास हो रहा है। हमें कॉमनवेल्थ की मेजबानी मिली, अब ओलिम्पिक की तैयारी है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार की शाम भोपाल के तात्या टोपे नगर स्टेडियम में राज्य स्तरीय खेलो एमपी यूथ गेम्स-2026 के विधिवत् शुभारंभ की घोषणा की। बड़ी संख्या में युवाओं, खिलाड़ियों एवं भोपाल शहर के नागरिकों के भारी जोश, उत्साह और उमंग से भरे वातावरण में खेलो एमपी यूथ गेम्स का रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच भव्य शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने स्टेडियम में मौजूद सभी से अपने मोबाइल टार्च से रौशनी कराकर और भारत माता की जय के गगन भेदी नारे लगवाकर सबकी सामूहिक सहभागिता में खेलो एमपी यूथ गेम्स का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य स्तरीय खेलो एमपी यूथ गेम्स - 2026 के शुभारंभ अवसर पर अपनी परफॉर्मेंस देने भोपाल आए पद्मश्री अवार्डी, सूफी गायक एवं लोक संगीतकार श्री कैलाश खेर को पुष्पगुच्छ एवं प्रतीक चिन्ह देकर स्वागत-अभिनन्दन किया। कार्यक्रम में 'मैदान से मैडल तक' नामक एक विशेष नृत्य नाटिका प्रस्तुत की गई, जिसमें खेलों से भविष्य बनाने में खिलाड़ियों के संघर्ष, परिश्रम और निष्ठा को प्रदर्शित किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार परम्परागत खेलों को भी बढ़ावा दे रही है। पहली बार कबड्डी, खो-खो, मलखम्भ, पिठ्ठी, रस्साकशी जैसे पारम्परिक ग्राम्य खेलों के अलावा थ्रो बॉल और क्रिकेट भी खेलो एमपी यूथ गेम्स में शामिल किये
गये हैं। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश में खेलों के जरिए स्पोर्टस टूरिज्म को बढ़ावा देने एवं प्रदेश को स्पोर्टस हब बनाने के लिए राज्य सरकार भोपाल के नाथू बरखेड़ा में लगभग एक हजार करोड़ रुपए की लागत से इंटरनेशनल स्पोर्टस कॉम्प्लेक्स का निर्माण करा रही है। यह इंटरनेशनल स्पोर्टस कॉम्प्लेक्स बनने के बाद हमारा भोपाल झीलों के शहर के उपनाम सहित 'खेलों के शहर' के नाम से भी जाना जाएगा।
खेलो एमपी यूथ गेम्स-2026 के शुभारंभ अवसर पर केंद्रीय युवा कल्याण एवं खेल मंत्री श्री मनसुख मंडाविया के वीडियो शुभकामना संदेश का प्रसारण भी किया गया। केंद्रीय खेल मंत्री श्री मंडाविया ने कहा कि बेहद कम समय में करीब एक लाख खिलाड़ियों को खेलो एमपी यूथ गेम्स से जोड़ा गया है। यह केवल मध्यप्रदेश में ही संभव है। उन्होंने कहा कि यह गेम्स विकसित और सशक्त भारत के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करेंगे। उन्होंने इस भव्य आयोजन के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव और खेल विभाग को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कहा कि विकास और कल्याण की जो धारा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने बहाई है, वही धारा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मध्यप्रदेश में बहा रहे हैं। प्रदेश के
गांव से लेकर शहर, शहर से लेकर खेत, खेत से लेकर खलिहान, युवा से लेकर महिला, महिला से लेकर मजदूर, मजदूर से लेकर किसान हर क्षेत्र में विकास और कल्याण की स्थापना मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा है कि वर्ष 2047 तक यदि देश को विकसित करना है तो हमें अपने युवाओं को सही दिशा देनी होगी। यदि हम इस देश को सही दिशा दिखाना चाहते हैं तो इसके लिए सबसे महत्वपूर्ण है युवाओं को शिक्षा और खेल से जोड़ना। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा है कि खेलोगे तो खिलोगे। यह बिल्कुल सत्य है। खेलों से ही व्यक्तित्व का विकास होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में हमारी सरकार इसी भावना को जमीन पर उतारने का काम कर रही है। देश में यह पहली बार हो रहा है कि हम सभी प्रकार के खेल संगठनों के सहयोग ये यह बड़ा आयोजन सम्पन्न कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि खेलो यूथ गेम्स में प्रदेश के लगभग एक लाख खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। हम प्रदेश के हर विधानसभा में एक खेल परिसर बनाने जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहले खेलों में मध्यप्रदेश का स्थान 16-17 वें पायदान में रहता था। बीते दो वर्षों में ही हमारा मध्यप्रदेश खेलों के मामले में देश में तीसरे स्थान पर आ गया है। यही हमारी सबसे बेहतर और बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि हमारे खिलाड़ी लगातार मेहनत करके प्रदेश का नाम रौशन कर रहे हैं। खेल, खिलाड़ी और खेल मैदान का उन्नयन हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम प्रदेश को खेलों में देश में नम्बर वन बनाना चाहते हैं। इसमें हम खिलाड़ियों और खेल संगठनों का भी सहयोग लेंगे।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसी सिलावट, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत, परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री एवं भोपाल जिले के प्रभारी मंत्री श्री चैतन्य कुमार काश्यप, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, भोपाल की महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, श्री भगवानदास सबनानी, श्री विष्णु खत्री, श्री रविन्द्र यति, ओलिम्पिक महासंघ के महामंत्री श्री दिग्विजय सिंह, श्री आशीष अग्रवाल, हॉकी ओलिम्पियन श्री विवेक सागर, पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना, प्रमुख सचिव खेल श्री मनीष सिंह, संचालक खेल श्री राकेश गुप्ता सहित जनप्रतिनिधि एवं खिलाड़ी उपस्थित थे। गेम्स के प्रारंभ पर प्रदेश के नौ संभागों के खिलाड़ियों द्वारा मार्च पास्ट किया गया। सभी खिलाड़ियों को खेल भावना और अनुशासन की शपथ दिलाई गई।
समारोह का सबसे मुख्य आकर्षण सुप्रसिद्ध सूफी गायक और लोक संगीतकार श्री कैलाश खेर की लाइव भव्य संगीतमय प्रस्तुति रही। उनकी सशक्त आवाज़, लोक-संगीत की आत्मा और ऊर्जा से भरपूर गायन से पूरा तात्या टोपे स्टेडियम संगीतमय उल्लास और रोमांच से गूंज उठा। इसके साथ ही रोमांचक एरोबिक डांस ने भी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। खेलो एमपी यूथ गेम्स के शुभारंभ अवसर पर आकर्षक आतिशबाजी भी की गई।
घनश्याम सिरसाम