भोपाल 21 जुलाई 2026
मध्यप्रदेश की पहली विधानसभा की प्रथम बैठक की 70 वीं वर्षगांठ के अवसर तथा नारी शक्ति वंदन के अवसर पर दो विशेष सत्रों का आयोजन, मध्यप्रदेश, राजस्थान एवं छत्तीसगढ़ विधानसभा के युवा विधायकों का सम्मेलन, वेल ऑफ द हाउस के विधानसभा सचिवालयीन अधिकारियों के लिए विशेष गणवेश की व्यवस्था तथा दिवगंत विधानसभा अध्यक्षों एवं मुख्यमंत्रियों की जयंती पर पुष्पांजलि कार्यक्रम की शुरुआत जैसे नवाचार 16वीं विधान सभा के दो वर्षीय कार्यकाल की यादगार उपलब्धियां हैं। सत्र समाप्त तो प्रश्न नहीं होंगे समाप्त, प्रथम निर्वाचित सदस्यों को बोलने के ज्यादा अवसर, मंगलवार को सिर्फ महिला एवं प्रथम बार निर्वाचित सदस्यों के ही प्रश्न लिये जाने जैसे निर्णय इस कार्यकाल की प्रशंसनीय पहल मानी गई है। इन विशिष्टताओं रेखांकित करती एक पुस्तक "विधान से जनकल्याण- 16 वीं विधानसभा कार्यकाल के 2वर्ष" का विमोचन हुआ। इस पुस्तक का विमोचन पंचम विधानसभा के सदस्य, पूर्व मंत्री तथा पूर्व विधायक मंडल के अध्यक्ष श्री जसवंत सिंह और नवम विधानसभा के सदस्य तथा पूर्व विधायक परिषद के अध्यक्ष श्री विजेन्द्र सिंह सिसोदिया द्वारा किया गया। इस अवसर विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर की उपस्थिति में हुए इस आयोजन में लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह, पंचायत मंत्री श्री प्रहलाद पटेल, संसदीय कार्यमंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय,, विधायक श्री अरुण भीमावद, विधानसभा के प्रमुख सचिव श्री अरविंद शर्मा सहित अन्य विशिष्टगण उपस्थित थे।
इस पुस्तक में 16वीं विधानसभा के दो वर्ष के कार्यकाल में सदन में अध्यक्ष श्री तोमर द्वारा दिये गये महत्वपूर्ण वक्तव्यों व व्यवस्थाओं, विधान सभा की समितियों एवं उनके सशक्तिकरण के लिए किये गये प्रयासों, सदस्यों के लिए सुविधाओं के विस्तार हेतु किये गये कार्यों, नवाचारों, विधान सभा में आयोजित प्रमुख संसदीय सम्मेलनों, विशेष सत्रों, ई-विधान, राष्ट्रकुल संसदीय सम्मेलन/पीठासीन अधिकारी सम्मेलनों में अध्यक्ष श्री तोमर की सहभागिता एवं संसदीय, संवैधानिक तथा सम-सामयिक विषयों पर अध्यक्ष श्री तोमर द्वारा समय-समय लिखे गये आलेखों को समाहित किया गया है।
गौरतलब है कि विधायी समितियों को सशक्त व प्रभावी बनाने हेतु लोकसभा अध्यक्ष द्वारा समिति प्रणाली की समीक्षा हेतु पीठासीन अधिकारियों की समिति का गठन किया है। मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर को इस समिति का अध्यक्ष बनाया गया था। समिति ने अल्प अवधि में अपनी तीन बैठकें कर प्राप्त सुझावों के आधार पर अपना प्रतिवेदन लोकसभा अध्यक्ष को 3 जुलाई, 2026 को सौंप दिया है। इस दो वर्ष के कार्यकाल में ही माननीय सदस्यों के लिए भोपाल में निवास हेतु पुराने विश्राम गृह के खण्डों के स्थान पर अत्याधुनिक बहुमंजिला 102 फ्लेट के निर्माण हेतु भूमिपूजन किया गया है। इनका निर्माण कार्य प्रगति पर है।