एमपी में UCC बिल पास: सीएम यादव बोले- 'अलग-अलग मजहबी तौल कांटा नहीं चलेगा', सदन में जमकर हुआ हंगामा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: शबाहत हुसैन Updated Tue, 21 Jul 2026 03:09 PM IST

UCC: मध्य प्रदेश विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) बिल पास हो गया है। इस दौरान सीएम यादव ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि इन लोगों के खाने के दांत अलग हैं और दिखाने के अलग। जनता इन्हें कभी माफ नहीं करेगी। आगे क्या कुछ कहा पढ़ें पूरी खबर। 

No Separate Laws for Different Communities MP Chief Minister Mohan Yadav Defends UCC Bill Amid Assembly Uproar

सीएम मोहन यादव - फोटो : अमर उजाल

विस्तार

मध्यप्रदेश विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) बिल पास हो गया है। इस दौरान हंगामे के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सरकार का पक्ष रखा।  उन्होंने कहा कि जो हिंदू की बात करेगा, वही राज करेगा। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि समानता हमारी संस्कृति का मूल है। भगवान की दृष्टि में सभी एक समान हैं, तो इंसानों द्वारा बनाए गए कानून में अलग-अलग व्यवस्था क्यों होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश में सभी नागरिकों के लिए समान कानून होना चाहिए।

सीएम यादव ने कहा, "राम से रहीम तक, रविंद्र से रॉबिन तक, अमर से एंथोनी और अकबर तक, देश एक संविधान से चले।" उन्होंने दावा किया कि समान नागरिक संहिता लागू होने के बाद मध्यप्रदेश में भेदभाव से मुक्ति मिलेगी और राज्य गोवा, उत्तराखंड और असम के बाद इस दिशा में कदम बढ़ाने वाले चुनिंदा राज्यों में शामिल होगा।                                                                                                                                                विपक्ष पर हुए हमलावर
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि इन लोगों के खाने के दांत अलग हैं और दिखाने के अलग। जनता इन्हें कभी माफ नहीं करेगी। उनके वक्तव्य के दौरान विपक्ष का हंगामा जारी रहा, लेकिन मुख्यमंत्री ने सरकार का पक्ष विस्तार से सदन के सामने रख रहें हैं। सीएम मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में अलग-अलग मजहबी तौल कांटा नहीं होगा। सब एक ही बाट से तौले जाएंगे। इस दौरान सीएम ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष बताएं कि हम अपने दो बेटों को अलग-अलग दृष्टिकोण से क्यों देखते हैं?

समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पर सदन में वक्तव्य देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को सुझाव देने के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस तुष्टिकरण और मुस्लिम वोट बैंक की राजनीति करती रही है तथा देश की जनता की पीठ में खंजर घोंपने का काम किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के बाद मध्य प्रदेश में भेदभाव से मुक्ति मिलेगी। उत्तराखंड, गुजरात और असम के बाद अब मध्य प्रदेश में भी समान नागरिक संहिता लागू होने जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेसियों के "दांत खाने के और, दिखाने के और हैं।" अब कांग्रेस का पाखंड और दोहरा चरित्र नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान का रत्तीभर भी सम्मान करती है तो उसे इस विधेयक का समर्थन करना चाहिए। उनका आरोप था कि कांग्रेस वोट बैंक की राजनीति करते हुए हिंदू-मुस्लिम के नजरिए से काम करती रही है। मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान कांग्रेस विधायक "चंदा चोरों" और "गद्दी छोड़ो" के नारे लगाते रहे।

93 प्रतिशत नागरिकों ने समान नागरिक संहिता का समर्थन किया
डॉ. यादव ने दावा किया कि प्रदेश के 93 प्रतिशत नागरिकों ने समान नागरिक संहिता का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सोच ऐसी है कि वह सीधी बात भी तिरछी नजर से देखती है। इसी संदर्भ में उन्होंने "जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी" चौपाई का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर हमला बोला।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश के नागरिकों के सामाजिक और धार्मिक संस्कार पहले की तरह जारी रहेंगे। हालांकि, प्रदेश में होने वाले सभी विवाहों का शासकीय पंजीयन अनिवार्य होगा। पंजीयन नहीं कराने पर जुर्माने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि एक पत्नी के रहते हुए दूसरा विवाह और एक पति के रहते हुए दूसरा विवाह करने की अनुमति नहीं होगी।

कांग्रेस के लगातार हंगामे के बीच मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विधेयक महिला सशक्तिकरण, सामाजिक समरसता और सामाजिक समानता का कानून है तथा सभी दलों से इसका समर्थन करने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि 1947 में भारत स्वतंत्र हुआ था, लेकिन भोपाल को तत्काल आजाद घोषित नहीं किया गया था और उसे पाकिस्तान से मिलाने की कोशिश की गई थी। ऐसे लोगों को "डूब मरना चाहिए।"

मुख्यमंत्री के वक्तव्य के बाद विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने विधायक आरिफ मसूद से कहा कि यदि वे अपने संशोधन पर चर्चा चाहते हैं तो अपनी सीट पर जाकर अपनी बात रखें। इसके बाद आरिफ मसूद का संशोधन प्रस्ताव खारिज कर दिया गया। कांग्रेस के हंगामे और विरोध के बीच समान नागरिक संहिता (संशोधन) विधेयक सदन में पारित घोषित कर दिया गया। इसके बाद मध्य प्रदेश राजमार्ग (संशोधन) विधेयक पर चर्चा शुरू हुई। वहीं, विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी।


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