बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी में प्रशासनिक संकट! 34 दिन में दूसरे कुलगुरु का इस्तीफा, अनुपम राजन को मिला अतिरिक्त प्रभार

राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। राजधानी भोपाल की प्रसिद्ध बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी (BU) में प्रशासनिक उथल-पुथल थमने का नाम नहीं ले रही है। विश्वविद्यालय में महज 34 दिनों के भीतर दूसरे कुलगुरु (कुलपति) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। प्रभारी कुलगुरु प्रो. विवेक शर्मा ने स्वास्थ्यगत कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है, जिसे राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने स्वीकार कर लिया है।

अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन को कमान

प्रो. विवेक शर्मा के इस्तीफे के बाद नए नियमित कुलगुरु की नियुक्ति होने तक उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन को बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी के कुलगुरु का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

यूनिवर्सिटी में विवादों की पूरी क्रोनोलॉजी

बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी पिछले कुछ समय से लगातार विवादों और अनियमितताओं के आरोपों से घिरी हुई है। 11 जून: परिसर में व्याप्त कथित अनियमितताओं के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया। 12 जून: बढ़ते विवाद के बीच उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने तत्कालीन कुलगुरु प्रो. एस.के. जैन को ‘फोर्स लीव’ (अनिवार्य अवकाश) पर भेजने का आश्वासन दिया। 18 जून: चौतरफा दबाव के बाद प्रो. एस.के. जैन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

कब तक नियमित कुलगुरु की नियुक्ति

19 जून: प्रशासन ने प्रो. विवेक शर्मा को विश्वविद्यालय का नया प्रभारी कुलगुरु नियुक्त किया। 23 जुलाई (34 दिन बाद): प्रो. विवेक शर्मा ने भी व्यक्तिगत स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा सौंप दिया। लगातार हो रहे इन इस्तीफों और प्रशासनिक अस्थिरता के कारण विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली, परीक्षाओं और छात्रों से जुड़े रोजमर्रा के कामकाज को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। अब देखना होगा कि शासन कब तक यहां नियमित कुलगुरु की नियुक्ति करता है।


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