'PM मोदी की उम्मीद पर खरा उतरुंगा': शिक्षा मंत्रालय की कमान मिलने पर बोले जोशी; प्रधान की तारीफ में क्या कहा?

पीटीआई, नई दिल्ली Published by: प्रशांत तिवारी Updated Sat, 25 Jul 2026 11:36 PM IST

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी को देश का नया शिक्षा मंत्री बनाया गया है। नई जिम्मेदारी मिलने पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया और कहा कि वह पूरी निष्ठा व क्षमता के साथ काम करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने के प्रयासों की भी सराहना की।

discharge my responsibilities with utmost dedication prahlad Joshi speak after appointed Ministry of Education

प्रह्लाद जोशी - फोटो : पीटीआई/अमर उजाला ग्राफिक्

विस्तार

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद देर रात दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए प्रह्लाद जोशी ने कहा कि उन्हें अभी-अभी जानकारी मिली है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें यह महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा है। मैं कर्तव्य, विनम्रता और पूरी निष्ठा के साथ इस जिम्मेदारी को स्वीकार करता हूं तथा इसके लिए प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करता हूं।

क्या बोले प्रह्लाद जोशी?
प्रह्लाद जोशी ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों के दौरान केंद्र सरकार ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार की विकास और सुधार की यात्रा आगे भी इसी गति से जारी रहेगी।                                                                                 धर्मेंद्र प्रधान के काम की क्यों की तारीफ?
जोशी ने कहा कि पिछले चार-पांच वर्षों में धर्मेंद्र प्रधान ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) को प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण काम किया है। उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में किए गए उनके योगदान की सराहना करते हुए कहा कि इस दौरान कई अहम सुधारों को आगे बढ़ाया गया। नवनियुक्त शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में वह अपनी पूरी क्षमता और समर्पण के साथ काम करेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शिक्षा क्षेत्र में सरकार की नीतियों और सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए पूरी ईमानदारी से प्रयास करेंगे।                                                                                                      प्रधान ने कब दिया इस्तीफा?
कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन के बाद शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी को शनिवार को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया। यह घटनाक्रम परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के विरोध प्रदर्शनों के बीच हुआ है। राष्ट्रपति कार्यालय ने शनिवार को जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के माध्यम से इस नियुक्ति की पुष्टि की।
राष्ट्रपति ने किसकी सलाह पर स्वीकार किया इस्तीफा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने धर्मेंद्र प्रधान का केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। यह स्वीकृति संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत की गई है। इसी बीच, राष्ट्रपति ने केंद्रीय मंत्रिमंडल मंत्री प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी है, जबकि वे खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के केंद्रीय मंत्री के रूप में अपना मौजूदा कार्यभार भी संभालते रहेंगे। अधिकारियों ने कहा कि दोहरी प्रभार व्यवस्था का उद्देश्य शिक्षा मंत्रालय के कामकाज में बिना किसी बाधा के निरंतरता सुनिश्चित करना है। राष्ट्रपति के विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया है कि यह परिवर्तन तत्काल प्रभाव से लागू होगा, जिससे नई व्यवस्था बिना किसी देरी के प्रभावी हो सकेगी। प्रधानमंत्री की सलाह पर इस्तीफा स्वीकार करके और साथ ही अतिरिक्त प्रभार सौंपकर राष्ट्रपति मुर्मु ने प्रधान के पद छोड़ने और प्रल्हाद जोशी के नेतृत्व में अंतरिम व्यवस्था को औपचारिक रूप दे दिया है। शिक्षा मंत्रालय के किसी भी दीर्घकालिक पुनर्गठन के संबंध में आगे की जानकारी उचित समय पर घोषित किए जाने की उम्मीद है।
जोशी के पास पहले से कौन-कौन से मंत्रालय?
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद वरिष्ठ मंत्रिमंडल मंत्री प्रल्हाद जोशी अब खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय की जिम्मेदारियों के अलावा केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय का भी कार्यभार संभालेंगे।  

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