पाकिस्तान ने शुरू की नापाक साजिश: पुंछ-मेंढर सेक्टर के पास बढ़ाई सैन्य गतिविधि, गोला-बारूद पहुंचाने का प्रयास

अभिषेक राज, अमर उजाला, श्रीनगर Published by: Akash Dubey Updated Wed, 05 Aug 2026 10:32 PM

पाकिस्तान ने पीओके में सामरिक मार्गों पर सैन्य गतिविधियां बढ़ाई हैं। यह पीओके के हालात से ध्यान भटकाने और भारत के पुंछ-मेंढर सेक्टर को खतरे में डालने की साजिश है।

Pakistan increased military activity near Poonch and Mendhar sectors

पाकिस्तान ने शुरू की नापाक साजिश - फोटो : अमर उजाल

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पीओके के बदतर होते हालात से दुनिया का ध्यान भटकाने के लिए पाकिस्तान ने नापाक साजिश शुरू कर दी है। उसने सामरिक दरा शेर खान, सहरा, नतीर और बटाल मार्ग पर सैन्य गतिविधियां बढ़ा दी हैं। इसका असर भारत के पुंछ और मेंढर सेक्टर जैसे संवेदनशील सीमावर्ती इलाकों में पड़ने की आशंका है। हालांकि भारतीय सैन्य बल यहां पहले से मजबूती से डटे हुए हैं।

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार पाकिस्तान इस मार्ग से सीमा पर तैनात सैनिकों तक बड़ी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद, रशद व अन्य सामग्री पहुंचाने में जुटा हुआ है। इससे पहले पाकिस्तान की ओर से सीमा पर चीन निर्मित एसएच-15 स्वचलित तोपों के तैनात करने की बात सामने आई थी। अब बुधवार को सैन्य गतिविधियों को बढ़ाने की जानकारी मिली है। हाल के दिनों में इस क्षेत्र में पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर का दौरा भी हो चुका है।

यह क्षेत्र पाक के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के अहम हिस्से को कवर करता है। इस मार्ग के शुरू होने से पाकिस्तानी सेना एलओसी की अग्रिम चौकियों तक बहुत कम समय में भारी रसद और सैनिक पहुंचा सकती है। युद्ध या तनाव की स्थिति में पाकिस्तान इस मार्ग का उपयोग अपनी भारी तोपों और हथियारों को भारत के पुंछ या राजौरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों के ठीक सामने तैनात करने के लिए कर सकता है। इस मार्ग का उपयोग पाकिस्तान भारत के खिलाफ छद्म युद्ध को बनाए रखने के लिए भी करता है। 

सूत्रों के अनुसार पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और सेना आतंकवादियों को हथियारों की खेप पहुंचाने के लिए इसी मार्ग का इस्तेमाल करती है। इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में आतंकियों के लांच पैड भी हैं। इसी कारण भारतीय सेना को यहां पर 24 घंटे कड़ी नजर रखनी पड़ती है। इस मार्ग से जुड़े ऊंचे पर्वतीय शिखरों का उपयोग पाकिस्तान भारतीय सेना की चौकियों और पुंछ-राजौरी के नागरिक इलाकों पर नजर रखने के लिए करता है।

पाकिस्तानी रक्षा मामलों के जानकार शंत शर्मा बताते हैं कि सड़क के समानांतर पाकिस्तानी सेना ने अपने मिलिट्री कम्युनिकेशन टावर और रडार सिस्टम स्थापित किए हैं। असल में यह सड़क भारत के पुंछ-राजौरी और मेंढर सेक्टर के ठीक सामने नियंत्रण रेखा (एलओसी) के समानांतर चलती है।

दरा शेर खान और सहरा की कुछ ऊंची पहाड़ियां भारत के महत्वपूर्ण पुंछ-जम्मू हाईवे और सैन्य ठिकानों के बिल्कुल सामने पड़ती हैं। इस मार्ग के चालू रहने से पाकिस्तान इन ऊंचाइयों पर अपनी निगरानी और लॉजिस्टिक्स को मजबूत रखता है, जिससे युद्ध के समय वह भारत की मुख्य सप्लाई लाइन (एनएच-144ए) को निशाना बनाने का भी प्रयास करता है।


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