भोपाल-विदिशा मार्ग होगा फोरलेन... महानगर जैसा विकसित होगा भोपाल, एमपी कैबिनेट में 47 हजार 990 करोड़ की मंजूरी

भोपाल-विदिशा मार्ग के उन्नयन एवं निर्माण के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक म...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: ADITYA KUMAR  Publish Date: Tue, 11 Aug 2026 08:50:02 PM (IST)Updated Date: Tue, 11 Aug 2026 08:50:02 PM (IST
  1. भोपाल-विदिशा मार्ग को फोरलेन करने 1757 करोड़ रुपये मंजूर
  2. भोपाल बाइपास पर टोल टैक्स कलेक्शन की अवधि 2031 तक बढ़ी
  3. इछावर में सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट के लिए निशुल्क जमीन मंजूर

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। भोपाल को मेट्रोपोलिटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने के लिए भोपाल-विदिशा मार्ग को टू लेन से फोर लेन किया जाएगा। भोपाल-विदिशा मार्ग के उन्नयन एवं निर्माण के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक में 1757.57 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।

इस मार्ग के निर्माण से तेजी से औद्योगिक निवेश बढ़ेगा और अधोसंरचना का भी व्यवस्थित विकास हो पाएगा। सांची स्तूप और कर्क रेखा जैसे प्रमुख स्थलों से गुजरने वाला यह मार्ग प्रादेशिक कनेक्टिविटी को नई मजबूती देगा। कैबिनेट ने भोपाल बाइपास को छह-लेन बनाने के दृष्टिगत भोपाल बाइपास- टोल टैक्स शुल्क संग्रहण की अनुमति 2031 तक बढ़ाने की मंजूरी दी है।

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कैबिनेट की बैठक में भारत सरकार के अंतर्गत गठित उपक्रम नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट की स्थापना के लिए सीहोर जिले की इछावर तहसील के गांव भाउखेड़ी में 20 हेक्टेयर भूमि स्थायी पट्टे पर निश्शुल्क आवंटन का निर्णय लिया गया। साथ ही एमपीपीएससी के वार्षिक प्रतिवेदनों को विधानसभा के पटल पर रखने का अनुमोदन किया गया।

देवास पटाखा फैक्ट्री दुर्घटना के जांच आयोग की अवधि तीन माह बढ़ाई गई

कैबिनेट की बैठक में देवास जिले में 14 मई 2026 को टोकंकला में स्थित पटाखा फैक्ट्री में घटित अग्नि दुर्घटना की न्यायिक जांच के लिए सुभाष काकड़े सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति, उच्च न्यायालय जबलपुर की अध्यक्षता में एकल न्यायिक जांच आयोग के गठन एवं आयोग के कार्यकाल में तीन माह 14 अगस्त 2026 तक की वृद्धि करने संबंधी जारी अधिसूचना का अनुसमर्थन किया गया।

संयुक्त वन प्रबंधन समितियों को 918 करोड़ की स्वीकृति

वन विभाग अंतर्गत संयुक्त वन प्रबंधन समितियों को लाभांश देने संबंधी योजना को वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 918 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस योजना का उद्देश्य संयुक्त वन प्रबंधन अंतर्गत वनों के संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए श्रमिकों के साथ रहवासियों की जन-भागीदारी प्राप्त करना है, इससे अब श्रमिकों के साथ रहवासियों को भी लाभांश मिलेगा।

रानी दुर्गावती व रानी अवंती बाई राज्य स्तरीय वीरता पुरस्कार राशि बढ़कर हुई दो लाख रुपये

समाज सेवा करने वाली एक महिला को प्रतिवर्ष राज्य स्तरीय रानी दुर्गावती पुरस्कार राशि दो लाख रुपये और वर्ष 2006 से प्रदाय किए जा रहे रानी अवंती बाई राज्य स्तरीय वीरता पुरस्कार की राशि को एक लाख रुपये से बढ़ाकर दो लाख रुपये करने की स्वीकृति दी गई है। बता दें कि वर्तमान में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा कुल छह पुरस्कार प्रदाय किए जा रहे हैं।

कैबिनेट बैठक में लिए गए अन्य महत्वपूर्ण निर्णय

  • प्रदेश के सर्वांगीण विकास, जन स्वास्थ्य सुदृढ़ीकरण, बुनियादी ढांचे के विस्तार और महिला सशक्तीकरण को गति देने के लिए 47 हजार 990 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई।
  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए 28,083.47 करोड़ रुपये और आयुष्मान भारत योजना के लिए 12 हजार 123 करोड़ 81 लाख रुपये शामिल हैं।
  • खनिज साधन विभाग की परिसंपत्तियों के वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए दो करोड़ 50 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। खनिज साधन विभाग में कुल 54 खनिज भवन हैं।
  • जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर के आगामी पांच वर्षों के संचालन के लिए 795 करोड़ 59 लाख रुपये की मंजूरी।

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