*संसद यूथ पार्लियामेंट 2.0’ में जुटे देश के 58 युवा प्रतिनिधि*
*भविष्य के भारत निर्माण में युवाओं के योगदान को सराहा जाएगा- श्री तोमर*
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आतिथ्य में हुआ आरम्भ हुआ आयोजन
भोपाल, दिनांक 13 अगस्त 2026
विधानसभा सभा भवन के विधान परिषद सभागार में ‘संसद- यूथ पार्लियामेंट 2.0’ का आरम्भ हुआ। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के अलावा दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों के 58 युवा प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्घाटन करते विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने राष्ट्र निर्माण में युवाओं के योगदान को याद करते हुए कहा कि भविष्य के भारत को आज के युवाओं के योगदान के कारण याद किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तथा उद्योगपति श्री दिलीप सूर्यवंशी बतौर अतिथि मौजूद थे।
यूथ पार्लियामेंट में शामिल हुए युवा प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि युवाओं को अपना जीवन तथा भारत का भविष्य गढ़ने में ध्यान केंद्रित करना चाहिए। जगद् गुरु शंकाराचार्य, झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, स्वामी विवेकानंद, चंद्रशेखर आजाद, सुखदेव, रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाकउल्ला खां के कृतित्व का उल्लेख करते हुए कहा कि इन सभी ने जब देश के लिए कार्य किया और स्वयं को शहीद कर दिया तब सभी युवा थे। आजादी के बाद 1975 में हुआ आंदोलन भी युवाओं ने ही खड़ा किया था। इसलिए, युवा होने के महत्व को समझना चाहिए। यदि इस उम्र में सही विचारों और कर्तव्यों का बीजारोपण होगा तो पेड़ भी समृद्ध होगा और अच्छे फल भी मिलेंगे।
विधानसभा अध्यक्ष श्री तोमर ने कहा कि इतने वर्षों पहले समान नागरिक संहिता नहीं हो सकी क्योंकि उस वक्त दल तो थे लेकिन ऐसी विचारधारा नहीं थी। तब भी कुछ दल देश को बदलने के लिए राजनीति कर रहे थे। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कहा था कि धारा 370 व 35 ए हटना चाहिए। पं. दीनदयाल उपाध्याय ने समान नागरिक संहिता की बात कही थी। अब उसी विचारधारा के लोग सत्ता में आए तो पुराने कानूनों खत्म हुए और नए कानून गढ़े गए। इस आयोजन में युवाओं को देख लघु भारत का अनुभव हो रहा है। वे इसी तरह अपने ध्येय को लेकर आगे बढ़ें, भविष्य का भारत बनाने में उनका योगदान याद किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारत की युवा आबादी देश की सबसे बड़ी ताकत है। युवाओं को केवल डॉक्टर, इंजीनियर या वकील बनने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि राजनीति, नीति-निर्माण और कृषि जैसे क्षेत्रों में भी आगे आना चाहिए। समान नागरिक संहिता का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कानून बनाने से पहले सरकार ने विभिन्न वर्गों, धर्मों के प्रतिनिधियों, विशेषज्ञों और आम लोगों से सुझाव लिए। इस प्रक्रिया में साढ़े तीन करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंचकर सुझाव लिए गए और 76 प्रतिशत से अधिक मुस्लिम महिलाओं ने समान नागरिक संहिता का समर्थन किया।
उद्योगपति श्री दिलीप सूर्यवंशी ने कहा कि राजनीति को इतिहास का सबसे कठिन क्षेत्र माना जाता है। यह कठिन डगर है। देश की सेवा करना है तो स्वयं को भीतर से संवारना पड़ता है।
युवा संसद के आरंभ में युवा प्रतिनिधि नागपुर के आरव शर्मा व वृंदावन की रुजुल पाठक बतौर संसद प्रतिनिधि विचार रखे। आयोजन संस्थान की ओर से विश्वजीत चोपड़े और देवयानी चोपड़े भी मंच पर उपस्थित थे। कार्यक्रम में विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों के साथ एनएसएस, एनसीसी, युवा संगठनों और शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। इन दो दिनों में ये प्रतिनिधि संसदीय प्रक्रिया और नीति-निर्माण पर चर्चा कर रहे हैं।
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